मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच हुई आसान,22 से अधिक मरीजों को मिला ईलाज व निःशुल्क दवाईयां

नारायणपुर – मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना राज्य शासन की ऐसी महत्वाकांक्षी योजना है, जिसने प्रदेश में दूरस्थ गाँवो एवं वनांचलों में रहने वाले लोगों को घर तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाई जा रही है। हाट-बाज़ारों में मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) शिविर के माध्यम से लोगों की निःशुल्क जांच और उपचार कर दवाइयां उपलब्ध करायी जा रही है, जो ऐसे क्षेत्रों में वरदान बनकर उभरी हैं। मुखयमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में शासन के निर्देशानुसार नारायणपुर जिले में हाट-बाज़ारों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे है।

जिले में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजनांतर्गत 02 अक्टूबर, 2019 से अब तक जिले के 18 हाट बाजारों में 671 हाट-बाजार शिविर आयोजित कर 22 हजार 376 मरीजों को लाभान्वित किया गया। 18 हाट बाजारों में नारायणपुर के 11 एवं ओरछा विकासखंड के 7 हाट बाजारों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना चलाया जा रहा है। हाट-बाजार क्लीनिक में मेडिकल टीम के द्वारा मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ टीकाकरण, एनीमिया, कुपोषण से बचाव तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाती है।

स्वास्थ्य विभाग से उपलब्ध जानकारी के अनुसार हाट-बाजार क्लीनिक में एनीमिया, मलेरिया, डायरिया, एचआईव्ही, टीबी, लेप्रोसी, बीपी, हाई बीपी, मधुमेह, नेत्र जांच एवं गर्भवती महिलाओं की जांच समेत अन्य मौसमी बीमारियों एवं कोविड-19 की जांच की जाती है, इसके साथ ही गर्भवती माताओं एवं छोटे बच्चों का टीकाकरण भी किया जाता है। जिला नारायणपुर अति माओवादी नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम/पहाड़ी क्षेत्र है। जिसके लिए हाट बाजार में शिविर लगाकर गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, सम्पूर्ण जांच एवं बच्चों का टीकाकरण किया जाता है।

मरीजो को आवश्यकतानुसार पैथोलॉजी से संबंधित जॉच कीट के माध्यम से किया जाता है। इसके साथ-साथ मलेरिया जॉच एवं उपचार, सिकलसेल जांच, नेत्र जॉच, कुष्ठ जांच, टी0बी0 मरीजों का परीक्षण आदि सुविधाएं प्रदान किया जाता है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना से लाभान्वित ग्रामीणों हितग्राही बताते हैं कि साप्ताहिक हाट-बाजार तो जाते ही है, यहां ही हाट बाजार क्लीनिक में उन्होंने जांच भी करवा लेते हैं, यहां मिले इलाज एवं दवाइयों से उन्हें आराम मिलता है।

स्वास्थ्य शिविर में शामिल मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम बताती है कि टीम के गांव में पहुचते ही बडी संख्या में ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर में जॉच कराने पहुंच रहे हैं। यहां एब्डोमिनल पेन, हाई बीपी, शुगर, दुर्घटना के मामले, खून की जांच, लिवर, हड्डी रोग, आंख-कान-गला, डायरिया और रैपिड एंटीजन किट से कोविड जांच भी टीम द्वारा की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को निःशुल्क दवाईयां वितरण की जाती हैं और बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह भी देते हैं। इससे उन ग्रामीणों को लाभ पहुंचा है, जो दूर-दराज होने के कारण अपने गंभीर बीमारियों का ईलाज ईलाज कराने शहर आने में असमर्थ हैं।

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