हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का धरना जारी,छत्तीसगढ़ बनने के 19 साल बाद भी बिलासपुर हवाई सुविधा से वंचित क्यो..?

बिलासपुर-हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का अखंड धरना आंदोलन को चलते हुए आज 179 दिन बिलासपुर हवाई सुविधा के सदस्य धरने पर बैठे। सदस्यों ने एक बडा ही महत्वपूर्ण प्रश्न रखा कि छत्तीसगढ राज्य का दूसरा प्रमुख शहर बिलासपुर राज्य बनने के 19 वर्श बनने के बाद भी हवाई सुविधा से वंचित क्यों है? इस सवाल का जवाब हम जनप्रतिनिधियों से मांग रहे है। बिलासपुर में छत्तीसगढ़ राज्य का हाईकोर्ट है, रेल्वे को सबसे अधिक आय देने वाला दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे का मुख्यालय बिलासपुर में है, राज्य का एक मात्र केन्द्रीय विवि भी बिलासपुर में है। इसके अलावा 100 किलोमीटर की परिधि मेें कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली एवं पेण्ड्रारोड जिला मुख्यालय भी है। इनमें कई जगहों पर बडे औद्योगिक संस्थान कार्यरत है। छत्तीसगढ के सरगुजा संभाग और रायगढ़ क्षेत्र का भी नजदीकी हवाई अड्डा बिलासपुर ही है। अर्थात् उत्तरी छत्तीसगढ़ जिसकी आबादी लगभग 1.50 करोड है, उसके लिए बिलासपुर ही सही संपर्क स्थल है।

आज की सभा सभा में सदस्यों ने कहा कि राज्य बनने के 19 साल के अंदर बिलासपुर और रायपुर में विकास का अंतर 10 गुना हो गया है और इसके लिए जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार है। सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ में खनिज निकालने के लिए तो सरकारे तत्पर रहती है, परन्तु आवागमन की सुविधा के लिए कोई ध्यान नही है।

आज के धरने में संजय पिल्ले, केशव गोरख, बद्री यादव, नरेश यादव, रमाशंकर बघेल, विभूतिभूषण गौतम, संतोष पीपलवा, अभिषेक चैबे, रविशंकर दूबे, समीर अहमद, नवीन वर्मा, अकिल, मनोज श्रीवास, अशोक भण्डारी, राजेश जांगड़े, मुकेश रजक आदि उपस्थित हुए.आज के धरने का संचालन पप्पू पिल्ले ने किया और आभार प्रदर्शन मनोज श्रीवास ने किया।

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