मेरा बिलासपुर

आश्वासन के बाद फेडरेशन की बेमुद्दत हड़ताल समाप्त

दंतेवाड़ा। अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की बेमुद्दत हड़ताल शासन के मौखिक आश्वासन के पश्चात समाप्त हो गई। जिससे फेडरेशन के जिला पदाधिकारियों में निराशा है।फेडरेशन के प्रांतीय पदाधिकारियों और राज्य शासन के मध्य शुक्रवार दोपहर को विशेष बैठक हुई। जिसमें शासन द्वारा मौखिक आश्वासन के उपरांत फेडरेशन के पदाधिकारियों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने राजधानी से सभी जिला संयोजकों को संदेश दिया। जिसमें कहा गया कि हड़ताल वापस ली जाए।

गलत समय में हड़ताल वापस-मंडावी
अनिश्चितकालीन हड़ताल वापसी के मुद्दे पर फेडरेशन के जिला संयोजक त्रिपुरारी मंडावी ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि शासन द्वारा फेडरेशन के अधिकारियों को मौखिक आश्वासन शुक्रवार को दिया गया। इसके उपरांत पूरे प्रदेश में हड़ताल वापस ली गई।उन्होंने शासन के घुटने टेकने की स्थिति के समय हड़ताल वापस वापस लिए जाने को गलत निर्णय बताया। इस समय हड़ताल वापस किए जाने से कर्मचारियों के मनोबल में कमी आई है, वहीं फेडरेशन के सदस्यों में मायूसी छा गई।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2016 से महंगाई भत्ते को जोडक़र जीपीएफ में संचित किया जाएगा,  वहीं गृह भाड़ा भत्ता की समीक्षा की जाएगी। उसके निमित्त समिति का गठन किया जाएगा। समिति के निर्णय अनुसार गृह भाड़ा भत्ता दिया जाएगाज्ञात हो कि शासन द्वारा वर्तमान में कर्मचारियों को छठवें वेतनमान के आधार पर गृह भाड़ा भत्ता प्रदान किया जा रहा है, वहीं फेडरेशन द्वारा सातवें वेतनमान के आधार पर गृह भाड़ा भत्ता प्रदान किए जाने की मांग की गई है।

बहरहाल, हड़ताल के लिखित आश्वासन के बिना समाप्त किये जाने के चलते अफसरों और कर्मचारियों में आक्रोश और निराशा है। फेडरेशन के पदाधिकारियों के मुताबिक गंगाजल हाथ में लेकर घोषणा पत्र जारी करने वाली प्रदेश सरकार पर फेडरेशन के सदस्यों का विश्वास खत्म हो गया है।

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