मांगे पूरी नहीं हुई तो 10 नवंबर से संभागीय रैली आयोजित कर प्रदर्शन करेंगे आँगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के प्रांतीय निर्देश पर प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाऐं जनघोषणा पत्र को शीघ्र लागू कर नर्सरी शिक्षिका बनाएँ जाने और कलेक्टर दर पर मानदेय सहित सभी मांगों की पूर्ति के लिए चरणबद्ध विविध कार्यक्रम चला रहें हैं। इसके बाद भी सरकार की ओर से मांगें नहीं किए जाने की स्थिति में 10 नवंबर से संभागीय मुख्यालयों में संभागीय रैली निकालर प्रदर्शन किया ज़ाएगा।
संघ की विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है कि इस संबंध में 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ सरकार को सूचित कर दिया गया है। 22 सितंबर को छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के स्थापना दिवस वृहद वृक्षारोपण कर मनाया गया । कोरोना वेक्सीनेशन कैम्प अपने बैनर तले लगा कर वंचित लोगों को प्रेरित कर वैक्सीननेशन कराया गया। 30 सितंबर को कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ पर कार्यशाला आयोजित की गई । 2 अक्टूबर गांधी जयंती से सभी स्तर के जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मुख्यमंत्री, महिला बाल विकास मंत्री अन्य मंत्री संसदीय सचिव, नेता प्रतिपक्ष, स्थानीय संसद सदस्य, विधायक, नगर पालिक निगम के महापौर, पार्षद, नगर पालिका के अध्यक्ष, पार्षद, नगर पंचायत के अध्यक्ष, पार्षद जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जनपद सदस्य, ग्रामपंचायत सरपंच, पंच सहित विपक्ष के पूर्व मंत्री विधायकों को आग्रह पत्र सौंपकर मांगो को पूरा कराने में सहयोग मांगा गया। यह कार्यक्रम 22 अक्टूबर तक चला।
23 अक्टूबर को ब्लाक स्तरीय धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री व महिला बाल विकास मंत्री भारत सरकार एवं मुख्यमंत्री व महिला बाल विकास मंत्री छत्तीसगढ़ सरकार के नाम स्थानीय अनुविभागीय अधिकारी /तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। एक सप्ताह तक छत्तीसगढ़ सरकार से वार्ता प्रस्ताव की प्रतिक्षा करते रहे।
सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैय्ये और उदासीनता के कारण छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एक नवम्बर को पूरे प्रदेश भर में जिला स्तर पर शांतिपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस मनाते हुए धरना रैली प्रदर्शन किया गया।
उक्त प्रदर्शन में शासन प्रशासन का विरोध का सामना करना पड़ा।
हमारे बीजापुर जिला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता सहायिकाओं के साथ ज्यादती करते हुए पुलिस प्रशासन के द्वारा पंडाल उखाड़ दिया गया । साउंड सिस्टम और बैनर को जबरन जब्त कर लिया गया । धरना स्थल से हटाने के लिए कड़ी कार्रवाई की धमकी दी गई । फिर भी वहां लगभग 200 कार्यकर्ता सहायिका टस से मस नहीं हुए । कड़ी धूप में ही खुले स्थान पर धरना प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन के विरोध में जोरदार नारेबाजी करते हुए स्थानीय शिक्षक संघ के समर्थन में धरना स्थल पर ज्ञापन सौंपे । हम पुलिस प्रशासन के इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं ।जब्त पंडाल साउंड सिस्टम बैनर आदि सामग्री को शीघ्र वापस नहीं करने पर जरूरत पड़ने पर प्रदेश स्तरीय धरना बीजापुर में करेंगे। अधिकांश जगहों में रैली निकालने पर सख्ती बरती गई । जिससे धरना स्थल पर ही मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी करते रहे ।
स्थानीय एडिशनल कलेक्टर /तहसीलदार धरना स्थल पर उपस्थित होकर ज्ञापन लिए और छत्तीसगढ़ सरकार तक ज्ञापन पहुंचाने का आश्वासन दिया । तब धरना प्रदर्शन समापन किया गया।
4 नवम्बर को एक दीया सुपोषण के नाम से आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्त्ता सहायिका बच्चों के साथ प्रज्वलित किया गया। ईश्वर से प्रार्थना करते हुए छत्तीसगढ़ कुपोषण मुक्त हो। स्वयं उपेक्षित होते हुए भी सकरात्मक क्रिया कलापों में सक्रिय कार्यकर्ता सहायिकाओं के प्रति छत्तीसगढ़ सरकार की ध्यान आकृष्ट कराने प्रयास निरंतर जारी है।
छत्तीसगढ़ सरकार यदि समयावधि में मांगो को पूरा नहीं करती है तो 10 नवम्बर से पुनःअलग-अलग संभागीय मुख्यालयों में क्रमशः 10 नवम्बर को सरगुजा संभाग, 13 नवम्बर बिलासपुर संभाग, 23 नवम्बर दुर्ग संभाग, 25 नवंबर बस्तर संभाग और 30 नवम्बर को रायपुर संभाग मुख्यालय में संभागीय धरना रैली प्रदर्शन किया जाएगा।
मांगे बहुत छोटी है फिर भी पूरा नहीं किया जा रहा है।
मुख्य मांगो में शिक्षाकर्मी के समान शासकीय कर्मचारी घोषित करें । जनघोषणा पत्र को लागू करें । मध्यप्रदेश के समान मानदेय दें। निश्चित मासिक पेंशन ग्रेच्युटी समूह बीमा योजना लागू करें ।
मिनी आंगनबाड़ी को पूर्ण आंगनबाड़ी में सम्मिलित करें । मोबाइल दें, मोबाईल डाटा रिचार्ज करें, मोबाईल भत्ता दें। अन्यथा मोबाइल से कोई काम नहीं। सहायिका से कार्यकर्ता, कार्यकर्ता से पर्यवेक्षक पद पर 100 %विभागीय पदोन्नति दें ।25%के बंधन समाप्त हो। सेवारत कार्यकर्ता सहायिकाओं के मृत्यु हो जाने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दें। कोरोना वार्रियर्स को प्रोत्साहन भत्ता दें…. ये मांगें शामिल हैं ।

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