CG Transfer Policy-खुली स्थानांतरण नीति व स्कूल 1 जुलाई से लगाने सहायक शिक्षक फेडरेशन ने CM को लिखी चिट्ठी

रायपुर- छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चिट्ठी लिखी है जिसमे शिक्षको और छात्रों से जुड़ी दो तात्कालिक समस्याओं पर ध्यानाकर्षण करते हुए लिखा है कि प्रदेश में शिक्षको के लिए 2022 खुला स्थानांतरण नीति होनी चाहिए इसके अलावा प्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए एक जुलाई से स्कूल शुरू किये जाने पर तत्काल निर्णय लिए जाने का आग्रह किया है ।प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने मुख्यमंत्री भूपेश बधेल को लिखी चिट्ठी के बारे में बताया कि बीते दो साल से स्थानांतरण पर रोक से आम शिक्षकों को सबसे अधिक समस्या हो रही है।हाल ही में लाई गई पोर्टल आधारित स्थानांतरण नीति प्रचलन में है भी या नही यह समझ से परे है इसी के चलते आम शिक्षक भृमित है।शिक्षा विभाग से जुड़ी अहम खबरों के लिए हमारे whatapp ग्रुप से जुड़े,यहाँ क्लिक करे

कोरोना काल में शिक्षक परिवार से दूर रहा है आंचलिक क्षेत्रों में सेवा दिया है इस कालखंड में परिवार और घर द्वार का महत्व समझ आया है लंबे समय से घर परिवार से दूर रहकर सेवा दे रहे शिक्षक अब अपने घर के नजदीक आना चाहते हैं इसलिए वर्तमान परिस्थितियो में खुली स्थानांतरण नीति की आवश्यकता है ।

मनीष मिश्रा ने मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी के दूसरे विषय के बारे में बताया कि पत्र में एक नारा भी दिया गया है कि “नोनी बाबू आव पढ़े बर जिनगी ला गढ़े बर।” इस को चरितार्थ करने के लिए बच्चों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है छत्तीसगढ़ में अभी भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए मानसून के पूर्ण रूप से प्रवेश के बाद नया सत्र 1 जुलाई 2022 से खोला जाए ताकि नौनिहाल बच्चों को गर्मी से राहत मिले और बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव ना पड़े।

जानकारी देते हुए प्रदेश महासचिव कौशल अवस्थी ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पर भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल खोलने की तारीख आगे बढ़ाया गया है वैसे ही छत्तीसगढ़ में भी भीषण गर्मी को देखते हुए और छत्तीसगढ़ के समस्त नौनिहाल बच्चों को स्वास्थ्य को देखते हुए 1 जुलाई से स्कूल खोले जाने की मांग की गई है।प्रदेश मीडिया प्रभारी राजू टंडन द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ के समस्त शिक्षक संवर्ग नई ट्रांसफर नीति नही आने के कारण से कोविड-19 से प्रभावित परिवार कर्मचारी बहुत निराश है विगत 2 वर्षों से कोरोना काल में किसी भी प्रकार का खुला स्थानांतरण नीति नहीं लाई गई, जिसके कारण से बहुत सारे परिवार प्रभावित है इसलिए जल्द से जल्द खुला स्थानांतरण नीति 2022 बनाई जाए और जून-जुलाई में ही स्थानांतरण हो जाए ताकि बच्चों के पढ़ाई प्रभावित ना हो।

उपरोक्त मांग छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के समस्त प्रांतीय पदाधिकारी गण द्वारा संयुक्त रूप से मांग की गई है जिसमें शिव मिश्रा,सुखनंदन यादव, अजय गुप्ता, सी.डी. भट् ,सिराज बक्स, बलराम यादव, बसंत कौशिक ,कौशल अवस्थी, रंजीत बनर्जी, अश्वनी कुर्रे, रवि प्रकाश, लोह सिंह , विकास मानिकपुरी, हुलेश चन्द्राकर, उमा पांडे, आदित्य गौरव साहू, छोटे लाल साहू, चंद्र प्रकाश तिवारी, आदित्य गौरव साहू राजकुमार यादव शेषनाथ पांडे, सुरेंद्र प्रजापति, राजू लाल टंडन, मिलेश्वर देशमुख, बसंत कुमार यादव, संजय प्रधान, राजाराम पटेल ,मनोज अंबष्ट, शैलेश गुप्ता, बीपी मेश्राम, एलन साहू, यादवेंद्र गजेंद्र, दुर्गा वर्मा,राजकुमारी भगत, रीता भगत , गायत्री साहू , शांति उके , जयंती उसेंडी, शकुंतला साहू ,राजू यादव ,नोहर चंद्रा, राजेश प्रधान , बनमोती भोई तरुण वैष्णव, सुमन प्रधान, विश्व कांत शर्मा, जलज थवाईत, संतराम साहू, आशा कोरी, आशा पांडेय, उत्तम बघेल ,गोवर्धन शारके, छवि पटेल, संजय प्रधान, अनीता दुबे , लक्ष्मी बघेल, बसंत कुमार यादव, योगेंद्र ठाकुर, केसरी पैकरा, सत्यनारायण यादव , नीलिमा कन्नौजे, भूपेश पाणीग्रही, अजय साहू, प्रभा साहू, दीप्ति बिसेन, सरोज वर्मा, गरिमा शर्मा, चमेली ध्रुव संकीर्तन नंद, हेमेंद्र चंद्रहास, राजवीर किरार, संत कुमार साहू, विनीता साहू, जयंती उसेंडी, पूर्णिमा पांड उपरोक्त जानकारी प्रदेश मीडिया प्रभारी राजू टंडन द्वारा जारी प्रेस नोट में दी गई है।

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