15 अगस्त – रश्मि सिंह करेंगी बिलासपुर में ध्वजारोहण , बिलासपुर शहर और जिले की महिला जनप्रतिनिधि को फ़िर मिला अवसर

बिलासपुर। स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सभी जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण करने वाले मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। जिसके मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर में ध्वजारोहण करेंगे। बिलासपुर के पुलिस ग्राउंड में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में संसदीय सचिव और तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि आशिष सिंह मुख्य अतिथि होंगी। बिलासपुर शहर और जिले की महिला जनप्रतिनिधि को एक बार फ़िर यह अवसर मिला है।
इस बार स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण करने वाले मुख्य अतिथियों में मंत्री और संसदीय सचिव ही शामिल किए गए हैं। जो मंत्री या संसदीय सचिव के रूप में सरकार का हिस्सा हैं, उन्हें ही ध्वजारोहण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में जिला पंचायत अध्यक्ष या अन्य पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं को भी ध्वजारोहण में मुख्य अतिथि बनाया जाता रहा है। लेकिन इस बार सिर्फ वही जनप्रतिनिधि, मुख्य अतिथि बनाए गए हैं जो सरकार का हिस्सा है।
हालांकि पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण करने वाले अतिथि के नाम को लेकर बिलासपुर में चर्चा का विषय बनता रहा है। और इसे शहर के सम्मान से भी जोड़कर सियासी मुद्दा बनाने की कोशिश होती रही है। इस बार भी मुमकिन है कि यह मुद्दा चर्चा में आए। बिलासपुर शहर की राजनीति में करीब़ साल भर लगातार चलने वाली खींचतान को ऐसे पर्व तक ख़ींच लाने के बाद कितना राजनैतिक फ़ायदा मिलता है, यह पिछले कुछ समय से लोग लगातार देख रहे हैं। देखने वाले यह भी देख रहे हैं कि “बेचारगी की राजनीति” करते करते लोग इससे जुड़ी कई तस्वीरों पर भी परदा डाल जाते हैं। बिलासपुर में तखतपुर विधायक और संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि आशिष सिंह को इस बार मुख्य अतिथि बनाया गया है। उन्हें पहले भी मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करने का अवसर मिल चुका है। अब उन्हे मुख्य अतिथि बनाए जाने पर अगर कोई सवाल उठाए औऱ इसे लेकर राजनैतिक गलियारों में चर्चा का माहौल बनाने की कोशिश हो….. तो दूसरी ओर से यह जवाब भी सामने आ सकता है कि – श्रीमती रश्मि आशिष सिंह भी तो बिलासपुर की ही नागरिक हैं। वे तख़तपुर विधानसभा क्षेत्र की निर्वाचित विधायक और संसदीय सचिव हैं… तो क्या उनके लिए तखतपुर में कोई समारोह आयोजित किया जाएगा .? राष्ट्रीय पर्व पर मुख्य समारोह तो ज़िला मुख़्यालय में ही आयोजित किया जाता है । बिलासपुर शहर और जिले की नागरिक के रूप में इस समारोह की अतिथि बनाए जाने से शहर और जिले को भी एक स्थान मिलता है। ज़ाहिर सी बात है- एक महिला जनप्रतिनिधि होने के नाते एक तब़क़े को भी सम्मान मिलता है। ऐसे में किसे असर नहीं मिल पाया…? इस सवाल को लेकर हेडलाइन मैनेज़मेंट का खेल भले ही सुर्ख़ियों की शक्ल में सामने आता रहे। लेकिन “बेचारा” बनने की कोशिश में हरएक इवेंट को शहर के मान-सम्मान से जोड़ने का ज़ज़बाती ( सियासत ) खेल भी अब लोग समझने लगे हैं ।

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