दो दिन में ही खेल विभाग ने 40 लाख रूपयों पर फेरा पानी..स्टेडियम से टोंटी,बल्ब गायब..देखते रह गए सुरक्षा गार्ड..खेल अधिकारी ने कहा..भला मैं क्या कर सकता हूं

बिलासपुर– दो दिन में ही बहतराई स्थित स्टेडियम बदहाल व्यवस्था का शिकार हो गया है। बदहाल व्यवस्था में खेल अधिकारी और विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। कलेक्टर के विशेष प्रयास से तैयार व्यवस्था पर खेल विभाग ने पानी फेर दिया है। शासन को लाखों रूपयों का नुकसान होने की बात सामने आ रही है। मामले में खेल अधिकारी ने दो टका जवाब दिया है कि टोंटी गायब होने.बल्ब चोरी या अव्यवस्था के लिए वह किसी भी हालत में जिम्मेदार नहीं है। क्योंकि सारी जिम्मेदारी सुरक्षा गार्ड की होती है। बहरहाल व्यवस्था के बीच इस समय आत्मानन्द इंगलिश मीडियम स्कूल के बच्चों को ठहराया गया है।

                दो दिन पहले यानि 31 अक्टूबर को अण्डर 23 राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का धूमधाम से समापन हुआ। 20 से 31 दिसम्बर के बीच तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कई रिकार्ड बने और कई टूटे। इस रिकार्ड में छत्तीसगढ़, बिलासपुर समेत बहतराई स्टेडियम का नाम भी शामिल हुआ। आयोजकों के प्रयास को ना खिलाड़ियों ने बल्कि खेल विभाग से जुड़े राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने जमकर तारीफ की।

अव्यवस्था में बच्चों को रूकवाया

                    कार्यक्रम समापन के बाद बिलासपुर खेल विभाग की लापरवाही से स्टेडियम की व्यवस्था चौपट हो गयी। एक दर्जन से अधिक सुरक्षा गार्ड के बीच बल्ब से लेकर तीन दर्जन से अधिक टोटियां चोरी हो गयी। कमरा में पानी ही पानी भर गया है। ताज्जुब की बात है कि इन अव्यवस्था के बीच आत्मानन्द स्कूल के  प्रतियोगी बच्चों को रूकवाया गया है। जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। बताते चलें कि दो दिन पहले ही जिला प्रशासन की इसी व्यवस्था को देश के कोने कोने से पहुंचे खिलाड़ियों ने शानदार बाताया है।

सभी ने वन्यवनस्था को सराहा

                    जानकारी देते चलें कि पहली बार बिलासपुर में राष्ट्रीय स्तर का खेल आयोजन किया गया। जिला प्रशासन खासकर कलेक्टर के विशेष प्रयास से स्टेडियम की व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर का बनाया गया। कलेक्टर सौरभ कुमार के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने भी पैसा पानी की तरह बहाया। चाहे पानी की व्यवस्था हो या बिजली की व्यवस्था..शौचालय या फिर खान पीन और रहने की व्यवस्था को देश के कोने कोने से पहुंचे खेल अधिकारी और खिलाड़ियों ने शानदार बताया। 

                        तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता का समापन 31  दिसम्बर को हुआ। दो दिन बाद प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे प्रदेश के कई बच्चों को खेल परिसर में रूकवाया गया। जबकि व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है।

40 लाख रूपए हुए खर्च

             जानकारी के अनुसार कलेक्टर  के निर्देश पर पूरे स्टेडियम के मरम्मत पर करीब 40 लाख रूपया खर्च किया गया। इसमें ग्राउम्ड मरम्मत से लेकर टाइल्स बदलने, खिड़की दरवाजा को दुरूस्त किया जाना शामिल है। सर्वाधिक रूपया सेनेटरी पर खर्च हुआ है। पीडब्लूडी के अधिकारी ने बताया कि सिर्फ एक दिन के अन्दर किए कराये पर खेल विभाग ने पानी फेर दिया है। नल की टोटी से लेकर बल्ब सब गायब हो चुका है।

क्या कहते हैं इंजीनियर बघेल

 पीडब्लूडी इंजीनियर बघेल ने बताया कि स्टेडियम के मरम्मत और व्यवस्था पर कुल 35 से 40 लाख खर्च हुआ है। व्यवस्था को देखने की जिम्मेदारी खेल विभाग की है। सेनेटरी पर लाखों रूपया खर्च किया गया। सिर्फ एक दिन में ही स्टेडियम की स्थिति राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता शुरू होने के पहली की स्थिति हो गयी है। मामले में हमने खेल अधिकारी से चर्चा किया है। 

हमारी जिम्मेदारी नहीं

        खेल अधिकारी ए.एक्का ने बताया कि स्टेडियम में कुल 17 गार्ड काम करते हैं। व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी उनकी है। टेन्ट वाले नल चोरी किये होंगे। दरवाजा खिड़की देखने की भी जिम्मेादारी भी गार्ड की है। बल्ब भी चोरी हुआ है। हम इसमें कह ही क्या सकते हैं। बहरहाल इस समय आत्मानन्द स्कूल के बच्चों को स्टेडियम में रूकवाया गया है। 

भयंकर लापरवाही..करेंगे कलेक्टर से शिकायत

               अण्डर 23 राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता आयोजक समिति के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बताया कि कलेक्टर ने स्टेडियम को दुरूस्त करने दिन रात मेहनत किया। कलेक्टर के प्रयास से पीडब्लूडी विभाग ने व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर का बनाने रूपया पानी की तरह बहाया। खान पीन से लेकर इन्डोर और आउटडोर की व्यवनस्था को देश विदेश के बिलासपुर पहुंचे खिलाड़ियों ने जमकर सराहा। मामले में हम जांच की मांग करेंगे। साथ ही दोषी  के खिलाफ कार्रवाई की बात कलेक्टर के सामने रखेंगे। एक दिन में ही स्टेडियम की स्थिति इतनी बुरी हो सकती है। इसका उन्हें अनुमान नहीं था।         

 

 

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