डेल्टा प्लस वेरिएंट से पहली मौत.. 80 साल के व्यक्ति की गई जान

महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरिएंट से पहली मौत की खबर सामने आई है. रत्नागिरी में 80 साल के व्यक्ति की मौत कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट से हो गई है. देश में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की वजह से तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है. अब तक देश में कुल 40 डेल्टा प्लस वेरिएंट के मरीज सामने आए हैं. इनमें से 21 मरीज महाराष्ट्र से हैं. रत्नागिरी में जिस मरीज की मौत डेल्टा प्लस वेरिएंट से हुई है, उन्हें को-मोर्विड था. यानी वे अन्य गंभीर बीमारी से भी ग्रसित थे. इस मौत के बाद अब महाराष्ट्र में 21 की बजाए कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के 20 मरीज हो गए हैं, जिनका उपचार चल रहा है.

डेल्टा प्लस वेरिएंट के इस बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए लोगों के मन में आशंका है कि राज्य में एक बार फिर कठोर प्रतिबंध लागू किए जाएंगे. लेकिन जालना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इसकी संभावनाओं से इंकार किया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “डेल्टा प्लस वेरिएंट के अब तक 21 मरीज पाए गए हैं. लेकिन ऐसा नहीं है कि वायरस के स्वरूप में बदलाव (रिप्लेसमेंट) है. यानी ऐसा नहीं है कि पहले डेल्टा वेरिएंट था और उसका रूप बदल गया और अब वह डेल्टा प्लस वेरिएंट के रूप में सामने आया है. महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में इसके मरीज नहीं हैं फिर भी हर जिले से 100 की संख्या में सैंपल एकत्र कर हम उन पर रिसर्च कर रहे हैं. यह समझने की कोशिश की जा रही है कि कहीं वैक्सीनेशन के बाद भी लोगों में  संक्रमण तो नहीं हो रहा?

बाकियों की हालत स्थिर

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने पत्रकारों को बताया कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के 21 मरीजों में से एक की मौत हो गई है. लेकिन बाकियों की हालत स्थिर है. कुछ मरीजों को तो घर भी भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसीलिए राज्य में एक बार फिर कड़े लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाने का कारण नहीं. अगर हम सब मिल कर सही तरीके से कोरोना से जुड़े नियमों का पालन करते हैं तो कोई बड़ी मुश्किल पेश नहीं आएगी.

तीसरी लहर आई, तो राज्य सरकार तैयार

तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच राज्य सरकार की तैयारी के संदर्भ में बोलते हुए स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि प्रत्येक जिले में टास्क फोर्स की स्थापना की गई है. तीसरी लहर से बच्चोंं को बचाने के उपाय के संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने टास्क फोर्स के सदस्यों और स्थानीय प्रशासनों को उचित निर्देश दिया है.  इसलिए सावधानी और सतर्कता बरतने की ज़रूरत है, संतप्त होने की जरूरत नहीं.

सीएम ने कहा था, ‘जल्दी-जल्दी में प्रतिबंध हटाने की जरूरत नहीं ‘

दरअसल लोगों के मन में फिर से लॉकडाउन लगाए जाने की आशंका की एक वजह है. सीएम उद्धव ठाकरे का बयान सामने आया है. गुरुवार को  उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा है कि जल्दबाजी में प्रतिबंधों में ढिलाई ना करें. कोरोा की दूसरी लहर अभी गई नहीं है और तीसरी लहर का खतरा बरकरार है.

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