नदी-नालों के पुनरोद्धार में बिलासपुर देश के उत्कृष्ट जिलों में प्रथम, मिला नेशनल वाटर अवार्ड

बिलासपुर। भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय की ओर से बिलासपुर जिले को नदी नालों के उत्थान एवं पर्यावरण के क्षेत्र में विगत दो वर्षों में किये गये कार्यों के लिये देश के सर्वश्रेष्ठ जिलों में प्रथम स्थान मिला है। तत्कालीन कलेक्टर एवं वर्तमान संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग और कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि हासिल हुई है। केन्द्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय द्वारा जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये सन् 2019 का नेशनल वाटर अवार्ड दिया जाता है। इसमें बिलासपुर जिले को रिवाइवल ऑफ रिवर कैटेगरी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला है।डॉ. अलंग ने कहा कि यह पुरस्कार हमारे प्रयासों की पुष्टि है, इससे हमें आगे और अपनी गतिविधियों के विस्तार की प्रेरणा मिली है। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने कहा है कि जिले में नदी नालों के संरक्षण के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

ज्ञात हो कि विगत दो वर्षों में बिलासपुर जिले में जल संसाधन विभाग ने जिले के विभिन्न नदियों एवं नालों में 47 स्ट्रक्चर्स का निर्माण किया एवं 17.508 मिलियन घन मीटर जल भराव क्षमता का सृजन किया गया तथा 152 किलोमीटर लम्बाई तक नदियों एवं नालों में जलभराव सुनिश्चित किया गया। जिले में 49 लघु जलाशय योजनायें निर्माणाधीन हैं जिनसे 48.53 मिलियन घन मीटर जल भराव क्षमता सृजित होगी। इससे 181 किलोमीटर लम्बी नदी एवं नालों में जल भराव होगा।

बिलासपुर जिले में प्रवाहित होने वाली 13 मुख्य नदियों एवं नालों तथा स्थानीय नालों की कुल लम्बाई 2352.56 किलोमीटर है। इसमें जल संसाधन विभाग ने एक वृहद, एक मध्यम तथा 165 लघु जलाशय एवं 117 एनिकट का निर्माण किया गया है। कुल 1146.90 किलोमीटर नदी नालों का पुनरोद्धार जल संसाधन विभाग ने किया है।

इन नदी-नालों में 284 स्ट्रक्चर निर्मित किये गये हैं, जिनमें से खारंग नदी में 13, शिवनाथ में 5, लीलागर में 13, अरपा में 17, सोन नदी में 12, मनियारी नदी में 8, घोंघा नाला में 12, गोकने नाला में 5, तुंगन नाला में 3, नर्मदा नाला में 3, चांपी नाला में 3, एलान नाला में 4, जेवस नाला में 5 और लोकल नालों में 181 लघु जलाशय और एनिकट का निर्माण किया गया है।

खारंग नदी की जिले में प्रवाहित होने वाली कुल लम्बाई 40.50, मनियारी नदी के 62 किलोमीटर तथा शिवनाथ नदी की कुल लम्बाई 62.80 किलोमीटर को पुनर्जीवित कर दिया गया है। लीलागर नदी के 97.60 किमी में से 82.50 किमी, अरपा नदी के 162.56 किमी में से 54 किलोमीटर, सोन नदी के 78 किमी में से 60 किमी, घोंघा नाला के 79 किमी में से 41 किमी, गोकने नाला के 42 किमी में से 20 किमी,  तुंगन नाला 38 किमी में से 11 किमी, नर्मदा नाला के 32 किमी में 14 किमी, चांपी नाला के 52 किमी में से 28 किमी, एलान नाला के 64 किमी में से 37 किलोमीटर, जेवस नाला के 37 किमी में से 16 किलोमीटर को पुनर्जीवित किया गया है। इसी प्रकार स्थानीय नालों जिनकी लम्बाई 1505 किलोमीटर है, को 618 किलोमीटर लम्बाई तक पुनर्जीवित किया गया।

बिलासपुर जिले की ओर से पुरस्कार के लिये किये गये नामांकन की पुष्टि के लिये केन्द्रीय जल आयोग की टीम ने जनवरी 2020 एवं जल शक्ति मंत्रालय की टीम ने मार्च 2020 में जिले का भ्रमण किया। इन दोनों दलों द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा रिवाइवल ऑफ रिवर कैटेगरी में बिलासपुर जिले को बेस्ट डिस्ट्रिक्ट नेशनल वाटर अवार्ड हेतु चयनित किया गया है। यह अवार्ड नवम्बर में प्रदान किया जाना प्रस्तावित है

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...