बिलासपुर हवाई सुविधा-नाईट लैंडिंग की सुविधा में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं,AAI तुरंत अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें

बिलासपुर। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने आज यह चेतावनी दी कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा 2 हफ्ते में नाइट लैंडिंग सर्वे की रिपोर्ट देने का वादा कर गई टीम ने आज 5 हफ्ते में भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है, जबकि स्वयं टीम ने कहा था कि बिलासपुर एयरपोर्ट में हाल ही में उन्होंने 3सी सर्वे किया था और आज केवल नाइट लैंडिंग सर्वे है। इसलिए अधिकतम 2 सप्ताह में टीम अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगी।

समिति ने इस स्थिति की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया का रवैया हमेशा ही असहयोग का रहा है और उसके कारण एयरपोर्ट विकास में देरी हो रही है। समिति ने कहा कि अगर रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत नहीं हुई तो समिति को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना होगा। आज प्रत्येक शनिवार की तरह हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति में अपना महा धरना आंदोलन जारी रखा। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्वारा पहले भी अनावश्यक देरी नाइट लैंडिंग सर्वे में हुई और आज भी उसका रवैया बदला नहीं है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया वस्तुतः बिलासपुर एयरपोर्ट को हथियाना चाहती है। जिससे की आगे उसे किसी उद्योगपति को बेचा जा सके। समिति इस रवैया की सख्त खिलाफत करती है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि तीन मांगे जिनमें (3सी एयरपोर्ट, महानगरों तक उड़ान और 4Cएयरपोर्ट की मंजूरी) को लेकर शुरू किए गए जन आंदोलन की पहली मांग एक तरह से पूर्ण हो गई है। लेकिन 4सी एयरपोर्ट जहां पर बोइंग और एअरबस विमान उतर सके ,की मंजूरी के मामले में विशेष प्रगति नहीं हुई है। इस मार्ग की सबसे बड़ी बाधा सेना के कब्जे में एयरपोर्ट के चारों ओर की 1000 एकड़ जमीन का होना है ,जिसमें से लगभग 200 एकड़ जमीन एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए जरूरी है। इस स्थिति को देखते हुए समिति अपने जन संघर्ष को जारी रखने के फैसले पर कायम है।

समिति की ओर से आज धरने पर देवेंद्र सिंह ठाकुर ,बद्री यादव, समीर अहमद, मनोज तिवारी, मनोज श्रीवास ,संत कुमार नेताम, राकेश शर्मा ,रविंद्र सिंह, अनिल जांगड़े,विजय वर्मा ,केशव गोरख, शेख निजामुद्दीन ,राकेश दुबे, गोपाल दुबे , संतोष पीपलवा, विभूति भूषण, बबलू जार्ज, दिनेश निर्मलकर और प्रदीप श्रीवास्तव शामिल हुए।

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