पत्नी के रहते दूसरी शादी के बाद पद से हटाए गए बिल्हा BEO ….. अब शिक्षा विभाग न्याय की दोधारी तलवार पर ….

बिलासपुर । बिल्हा विकास खंड शिक्षा कार्यालय प्रदेश भर में चर्चा में रहा पहले से शादी शुदा बीईओ का जरहागांव के ग्रामीण इलाके में तेईस वर्षीय युवती से सात वर्षों से जारी प्रेम संबंध का खुलासा हुआ । सब कुछ सामान्य सी घटना दिखाई देने वाले इस विषय का एक पहलू यह भी है कि विकास खंड शिक्षा अधिकारी पवित्र सिंह बेदी नेशासकीय सेवक रहते हुए एक पत्नी को बिना तलाक दिए दूसरी पत्नी रखना आचरण नियम 1965 की धारा 22 के विरुद्ध कार्य किया है।

युवती के द्वारा शादी का झांसा देने की शिकायत थाने में किये जाने के बाद इस अधिकारी ने आनन-फानन में पिछले दिनों सामाजिक रीति रिवाज से गर्भवती हुई प्रेमिका को जीवनसंगिनी बना लिया था। शासकीय सेवक का सामाजिक मान्यताओ को महत्व देते हुए कैसे कानून पालन किया गया यह प्रदेश स्तर पर पहेली बना हुआ है।

एक शर्मसार करने वाली घटना को अंजाम देने वाले बिल्हा विकास खंड शिक्षा अधिकारी पवित्र सिंह बेदी को छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के जारी आदेश के द्वारा बिल्हा विकास खंड शिक्षा अधिकारी के पद से हटाने हटा दिया गया। बुधवार को इस कार्यलय से उनके नाम की पट्टिका भी हटा दी गई है।

विभाग के संचालक ने मीडिया में आई रिपोर्ट को आधार मानते हुए बेदी के विरुद्ध जांच के आदेश दिए हैं । वही निष्पक्ष जांच के लिए पवित्र सिंह बेदी को हटाकर सहायक संचालक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर में पदस्थ व्याख़्याता रघुवीर सिंह राठौर को विकास खंड बिल्हा का नया बीईओ बनाया गया है।

पवित्र सिंह बेदी के खिलाफ सरकारी जांच में कितनी पवित्रता रहती है। यह तो आने वाला वक्त बताएगा । लेकिन इस मामले ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को न्याय की दो धारी तलवार पर रख दिया है । बेदी विभाग की कार्यवाही से बचते हैं तो भी तलवार की धार शिक्षा विभाग पर पड़ती है और नही बचते हैं तब भी यही स्थिति रहती है। मामला इस लिए भी खास हो जाता है ,क्योंकि विवाह जैसी महत्वपूर्ण सामाजिक व्यवस्था के नीति नियम को दरकिनार कर अपने ऐशो आराम के लिए शोषण की राह में निकले लोग इस मामले के सरकारी पक्ष के नतीजे का इतज़ार कर रहे है।

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