हमार छ्त्तीसगढ़

धर्मांतरण और रासुका के ख़िलाफ़ BJP ने दिया धरना, कईं नेता हुए शामिल

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा धर्मांतरण को बढ़ावा देने के विरूद्ध जिला भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर का 16 जनवरी को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन।छत्तीसगढ़ प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा धर्मांतरण को बढ़ावा देने के विरोध में प्रदेश भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ की कार्य योजना अनुसार – प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय में 16 जनवरी को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर द्वारा जिला मुख्यालय बिलासपुर में नेहरू चौक पर दिनांक 16 जनवरी 2023 सोमवार को दोपहर 2 बजे धरना प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया गया।

धरने को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में धर्मांतरण हो रहा है, दमनकारी नीति अपना कर धर्मांतरण को कुचलने का प्रयास कर रही है। अपने साम्प्रदायिक तुष्टीकरण की राजनीति के तहत उसने प्रदेश में धर्मांतरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस कदम ने कांग्रेस के विभाजनकारी राजनीति की पोल खोल दी है।

पूर्व में क़ानून-व्यवस्था की खराब स्थिति के बारे में लगातार मामला उठाया जाता रहा है, तब कांग्रेस यह डींगें हांकती थी कि प्रदेश में सब कुछ समान्य है और कानुन-व्यवस्था बेहतर है। अब आखिर क्या ऐसी परिस्थितियां पैदा हो गयी यह गंभीर कदम उठाना पड़ा। क्या कांग्रेस सरकार खुद भी अब यह मानती है कि प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था उसके नियंत्रण से बाहर चला गया है और अपने मूल दायित्व को निभाने में सरकार विफल हुई है।

कांग्रेस स्पष्ट तौर पर छत्तीसगढ़ में तुष्टीकरण और धर्मांतरण के एजेंडे पर काम कर रही है। किसी सरकार का काम धर्म और संस्कृति को कुचलना तथा धर्मान्तरण को बढ़ावा देना नहीं होता लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस धर्मांतरण के पक्ष में अपने अधिकार का सीधे दुरुपयोग कर रही है, वह मिशनरियों के हाथ में खेल रही है।

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बेलतरा विधायक रजनीश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दमनकारी नीति के जरिये आदिवासी संस्कृति को कुचलने का घृणित षडयंत्र रचा है। वे चाहते हैं कि आदिवासी संस्कृति समाप्त हो जाये। आदिवासी समाज ईसाई समुदाय में कन्वर्ट हो जाये और चर्च के प्रभाव में आ जाए। ऐसा लगता है कि सुनियोजित षडयंत्र के तहत ही आदिवासी समाज में धर्मांतरण के जरिये विखंडन और वर्ग संघर्ष का खाका तैयार किया गया है।

आदिवासी संस्कृति के विरुद्ध भूपेश बघेल के बेहद खतरनाक इरादों को यह धर्मांतरण व्यक्त कर रहा है। अपनी संस्कृति को बचाने में लगे आदिवासियों के संघर्ष को कुचलने के लिए उन्हें बेवजह जेल में डालने का इंतजाम किया गया है, ताकि आदिवासी समाज को धर्मांतरण का विरोध करने से रोका जा सके।

सभी वर्ग इस सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध आंदोलित हैं। कर्मचारियों से लेकर शिक्षित बेरोजगार युवा सड़क पर उतर रहे हैं, धरना दे रहे हैं, प्रदर्शन कर रहे हैं, सरकार भयभीत है। विरोध के सभी स्वर कुचलने तैयार है।

भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ने अघोषित आपातकाल लागू करने की शुरुआत लोकतांत्रिक आंदोलनों को कुचलने के लिए क़ानून बना कर काफी पहले कर दी थी लेकिन इससे जनता के सभी वर्गों का आक्रोश दोगुना हो गया। इनके दमनकारी आदेशों ने आपातकाल जैसी अलोकतांत्रिक स्थिति का निर्माण कर दिया है। जब राज्य सरकार मान रही है कि उससे राज्य की कानून व्यवस्था नहीं सम्हल रही है तो उसे अपनी विफलता स्वीकार करते हुए कुर्सी छोड़ देना चाहिए।

भूपेश बघेल अपनी दमनकारी नीतियों के दम पर चुनाव जीतना चाहते हैं। आज अनियमित कर्मचारी, संविदा कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मचारी, पंचायत कर्मचारी से लेकर भर्ती के लिए युवा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। ऐसा कोई वर्ग नहीं है जो इस सरकार से जरा सा भी संतुष्ट हो। इसलिए भूपेश बघेल ने तानाशाही फरमान जारी किया है।

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पूर्व सांसद लखनलाल साहू ने कहा कि बस्तर कमिश्नर ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर इसे बेहद संवेदनशील मुद्दा बताते हुए अवैध धर्मांतरण के रोकथाम हेतु गाईड लाईन जारी की थी, परन्तु राज्य सरकार की वोट बैंक की राजनीति के चलते अवांछित रूप से अवैध धर्मांतरण होने दिया, बल्कि इसे पाल-पोस कर आगे बढ़ाने का काम किया।

मिशनरियों ने पूरे प्रदेश में हजारों की संख्या में अवैध रूप से चर्चों का निर्माण करा दिया है, और इस अवैध ढंग संचालित चर्चों के उद्घाटन में राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक एवं नेता बतौर मुख्य अतिथि शामिल होते हैं। कांग्रेस लगातार ऐसे विभिन्न उपायों द्वारा न केवल आदिवासी संस्कृति को तबाह करने में सहयोग कर रही है बल्कि राजनीतिक कारणों से उन क्षेत्रों में धर्मांतरण को एक तरह से शासकीय संरक्षण दिया जा रहा है।

महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की शह पर बढ़ते अवैध धर्मांतरण एवं आदिवासी समाज पर पुलिस की एकतरफा बर्बरतापूर्वक कार्यवाही के कारण पूरे प्रदेश में आदिवासी समाज आहत है। 1 जनवरी 2023 को जिस प्रकार से नारायणपुर में पास्टर, पादरी एवं अवैध धर्मांतरित लोगों ने 1000-1500 की संख्या में एकत्रित होकर न केवल आदिवासी समाज के लोगों पर धारदार हथियार, लाठी-डण्डा से वार किया गया और मौके पर पहुंची पुलिस पर भी घातक रूप से हमला किया गया।

इस घटना के खिलाफ आदिवासी समाज द्वारा कारवाई करने की मांग पर राज्य सरकार के मंशा अनुरूप उलटे आदिवासी समाज के ही मुखिया, सीधे-सीधे आदिवासी भाईयों, सनातन धर्म को मानने वाले लोगों को झूठे व गंभीर धाराओं के तहत गिफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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धरने को संजीव पाण्डेय, कृष्णकुमार कौशिक, जयश्री चौकसे, दीपक सिंह, कृष्ण कुमार शुक्ला आदि ने भी संबोधित किया एवं संचालन भाजपा जिला महामंत्री घनश्याम कौशिक ने किया। धरना प्रदर्शन में राजा पाण्डेय, अमरजीत सिंह दुआ, घनश्याम कौशिक, गुलशन ऋषि, तिलक साहू, अवधेश अग्रवाल, रामू साहू, एस कुमार मनहर, सुनीता मानिकपुरी, राजेश सूर्यवंशी, संजीव पाण्डेय, बृजेश शुक्ला, कृष्ण कुमार कौशिक, जयश्री चौकसे, चंद्रप्रकाश सूर्या, लखन पैकरा, विक्रम सिंह, मनोहर राज, उमाशंकर जायसवाल, लोकेशधर दीवान, राकेश मिश्रा, कृष्णकुमार शुक्ला, डॉ.रजनीश पाण्डेय, दीपक सिंह, जुगल अग्रवाल, संदीप दास, हरनारायण तिवारी, तिरिथराम यादव, महराज सिंह नायक, धनंजय त्रिपाठी, सोमेश तिवारी, राजेश कश्यप, बीआर महोबिया, दिलेन्द्र कौशिल, मनीष अग्रवाल, राजेश मिश्रा, दुर्गा सोनी, बंधु मौर्य, शरद गुप्ता, दुर्गेश पाण्डेय, पेशीराम जायसवाल, अभिजीत रिंकु मित्रा, विनोद सोनी, यदुराम साहू, शैलेन्द्र यादव, नवीन मसीह, तिलक देवांगन, प्रदीप कौशिक, अमित तिवारी, नारायण गोस्वामी, डीके साहू, छोटेलाल शर्मा, राजेन्द्र अग्रहरि, ईश्वर देवांगन, लक्ष्मी यादव, दिनेश देवांगन, केतन सिंह, सिद्धार्थ शुक्ला, रोशन सिंह, रितेश अग्रवाल, मुकेश राव, मोनू रजक, केतन वर्मा, अजय यादव, कोमल सिंह, कुंदनधर दीवान, शेखर बघेल, अभिषेक राज, अशोक राजपूत, गायत्री साहू, नुरीता कौशिक, किरण मिश्रा, सीमा पाण्डेय, मनीता भानु, बबीता ताम्रकार, श्रद्धा जैन, मालती यादव, स्मृति जैन, शीलम विश्वकर्मा, शैल भोई, रजनी यादव, प्रतिभा देवांगन, मंजुला सिंह, रीना गोस्वामी, नीता साहू, स्वेता पाण्डेय, बीना तिवारी, कविता वर्मा, नीलम गुप्ता, नीता नामदेव, किरण सिंह, जूही वर्मा, सुनीता साहू, रीना झा, जयंती सोनी, गंगा साहू, कमलेशसोरी साहू, रमा कश्यप, लता कश्यप, श्यामा रमानंदी, अनामिका साहू, पूनम शुक्ला, राजकुमारी सोनी, अर्चना मल्लेवार, नीना विश्वकर्मा, सुषमा सिंह, रूपाली साहू, सीटु चावला, अंकूर सिंह, वैभव गुप्ता, अभिषेक तिवारी, संस्कार सोनी सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा, मोर्चा, प्रकोष्ठ के पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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