मेरा बिलासपुर

मंत्री प्रेमसाय टेकाम ने कहा..भाजपाई अब नहीं कर रहे प्रदर्शन…राज्यपाल ही बताएंगी..बिल पर क्यों नहीं कर रही हस्ताक्षर

उम्मीद थी राष्ट्रपति से करेंगी बिल को नौवी अनुसूचि में जोड़ने की मांग

बिलासपुर–राज्यपाल महोदया के आदेश पर ही सर्वसम्मति के साथ सदन से आरक्षण बिल पारित किया गया। अब तक उन्होने बिल पर हस्ताक्षर नहीं किया है। उन्हें बताना चाहिए किसके दबाव में बिल पर हस्ताक्षर नहीं कर रही है। यह बातें स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेम साय टेकाम ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। टेकाम ने बताया कि राज्यपाल महोदया दिल्ली गयी थी..उम्मीद थी कि आरक्षण बिल को नौवी अनुसूची में शामिल करनी की मांग करेंगी । लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। प्रेम साय ने कहा कि भाजपा नेताओं को धरना प्रदर्शन कर बिल पर हस्ताक्षर के लिए दबाव डालना चाहिए। उन्होने बताया कि शहर में ट्रांसफर के बाद अतिशेष शिक्षकों उसी स्थान पर भेजा जाएगा जहां से उनका वेतन निकल रहा है। प्रौढ़ शिक्षा विभाग बन्द हो गया है। यदि उसमें कोई कोई पदस्थ है तो मामले की जांच कराएं।

करेंगे राजभवन का घेराव

अल्प प्रवास पर स्कूली शिक्षा और सहकारिता एवं आदिवासी कल्याण विभाग मंत्री बिलासपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होने पत्रकारों के कई सवालों का जवाब दिया। आरक्षण के सवाल पर आदिवासी कल्याण विभाग मंत्री साय ने बताया कि राज्यपाल महोदया को आदिवासी समेत अन्य समाज के हितों को ध्यान में रखकर आरक्षण बिल पर हस्ताक्षर करना चाहिए। उन्ही के आदेश पर विधानसभा में सर्वसम्मति के साथ बिल पास किया गया। उन्होने कहा था कि एक दिन के अन्दर बिल पर हस्ताक्षर करेंगी। लेकिन आज महीना होने जा रहा है। अभी तक बिल पर हस्ताक्षर नहीं किया गया है। इससे प्रदेश के युवाओं को बहुत नुकसान हो रहा है। नियुक्तियां नही हो रही है। मंत्री ने कहा कि एक दिन पहले आदिवासी समाज ने राजभवन का घेराव किया। अब तीन जनवरी को सर्वसमाज के साथ राजभवन का घेराव किया जाएगा। 

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किसके दबाव में राज्यपाल

आखिर राज्यपाल पर किसका दबाव है। सवाल पर मंत्री ने कहा..उन्हे बताना चाहिए..कि आखिर किसके दबाव में आकर बिल पर हस्ताक्षर नहीं कर रही हैं। इससे आरक्षित वर्गों को बहुत नुकसान हो रहा है। 58 प्रतिशत आरक्षण का बचाव नहीं हो सका..फिर 76 प्रतिशत का बचाव कैसे करेंगे। प्रेमसाय टेकाम ने कहा कि अन्य कई राज्यों के अनुसार ही छत्तीसगढ विधानसभा से बिल पारित किया गया। इसके साथ यह भी तय किया गया कि बिल को 9 वीं अनुसूची में शामिल किया जाएगा। लेकिन राज्यपाल ने ना तो राष्ट्रपति को कुछ बताया और ना ही गृहमंत्री से चर्चा की हैं।

अब क्यों चुप हैं भाजपा नेता

केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने बयान दिया है कि कांग्रेस आदिवासियो का नुकसान कर रही है। वोट डालकर आदिवासी परेशान है। सवाल के जवाब में प्रेमसाय ने कहा कि आरक्षण बिल आने से पहले भाजपा नेता सरकार पर आरक्षण को लेकर दबाव डाल रहे थे। लगातार धरना प्रदर्शन कर आदिवासी हितों के दुहाई दे रहे थे। अब उन्हें कौन रोका है। राज्यपाल का घेराव करें। दबाव बनाएं। धरना प्रदर्शन कर हस्ताक्षर करवाएं। अब भाजपा की तरफ से बयान क्यों नहीं आ रहा है। राज्यपाल से पूछे आखिर कौन दबाव डाल रहा है।

अतिशेष का मामला गंभीर..जांच करेंगे

मंत्रालाय से ट्रांसफर होने के बाद शहर में खासकर बिलासपुर शहरी क्षेत्रों के 49 स्कूलों में अतिशेष की स्थिति है। सभी शिक्षकों का वेतन ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों से दिया जा रहा है। क्या इस पर विचार किया जाएगा। प्रेमसाय ने CGWALL को बताया कि हमारी पालिसी है कि कोई स्कूल शिक्षक विहीन नहीं होगा। एकल स्कूलों में भी शिक्षको की संख्या को बढ़ाया जाएगा। देखने में आया है कि सभी लोग शहर में रहना चाहते हैं। लेकिन हम उसी जगह स्थानांतरण करते हैं जहां शिक्षकों की जरूरत है। बहरहाल मामला गंभीर है। मामले की जांच कराएंगे। और स्थानांतरण के बाद स्कूलों में पदस्थ अतिशेष शिक्षकों को खाली जगह भेजा जाएगा।प्रौढ़ शिक्षा जैसे डायिंग कैडर में भी कुछ लोगों का स्थानांतरण किया गया है। सवाल पर प्रेमसाय ने कहा कि यह संभव नहीं है। क्योंकि यह विभाग अब है ही नहीं..मामले में जांच कराएंगे। उचित कदम भी उठाएंगे।

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अन्तरजिला डीओ उठाया जा रहा है। जबकि धान की मीलिंग स्थानीय स्तर पर हो रही है। क्या इससे शासन को ट्रांसपोर्टिंग नुकसान नहीं हो रहा है। सहकारिता मंत्री ने कहा..निश्चित रूप से नुकसान हो रहा है। इसके बाद सवाल को दूसरी दिशा देते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि गोदाम खाली नहीं रहने की सूरत में चावल दुसरे जिलों के गोदाम में रखा जाता है। इस बार धान खरीदी, भुगतान और मिलींग से लेकर सभी काम अन्य सालों की तुलना में अच्छी तरह से हो रहा है। 

शासकीय राशि की लूट
शिक्षा विभाग में एनजीओ योजनाओं के नाम शासकीय राशि की लूटपाट कर रहे है। काम लेकर काम नहीं करते..लेकिन बिल का भुगतान हो जाता है। चाहे वाटर हार्वेस्टिंग का काम हो या तड़ति चालक लगाने का काम हो। स्कूली शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसका हम पता लगाएंगे। यदि ऐसा किया जा रहा है तो सख्त कदम भी उठाएंगे।  

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