मुंगेली जिला प्रशासन पर भाजपा का आरोप..तानाशाही से परेशान इंजीनियर ने दिया इस्तीफा..भ्रष्टाचारियों पर बरस रही कृपा..शासन का आदेश बेअसर

बिलासपुर—- मुंंगेली नगरपालिका इंजीनियर का इस्तीफा मामला अभी ठंडा नहीं हुआ कि जिला प्रशासन पर भाजपा नेताओं ने एक बार फिर सीधा हमला बोला है। भाजपा जिला अध्यक्ष की माने की जिला प्रशासन के आलाधिकारी खुलेआम शासन की नीतियों का ना केवल धज्जियां उड़ा रहैं है। बल्कि बल्कि मालदार विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण भी देने से बाज नहीं आ रहे हैं। धान खरीदी का बहाना  बनाकर खाद्य अधिकारी के स्थानांतरण को निरस्त कराने की पुरजोर कोशिश भी कर रहे हैं। यह जानते हुए भी खाद्य अधिकारी और निरीक्षक को बतौर सजा शिकायत के बाद स्थानांतरण किया गया है।

                  मुंगेली जिला प्रशासन जो ना करे थोड़ा…अब नया मामला सामने आया है। शासन ने लगातार मिल रही शिकायत के मद्देनजर एक महीने जिला खाद्य अधिकारी और विभाग के निरीक्षक का स्थानांतरण दूसरे जिला कर दिया। बावजूद इसके दोनो कर्मचारी जिला छोड़ने को तैयार नहीं है।  इसकी वजह जिला प्रशासन का दोनो को जिला प्रशासन का वरदहस्त माना जा रहा है।

                 बताते चलें कि जिला खाद्य अधिकारी विमल दुबे और निरीक्षक सुशील टण्डन की स्थानीय लोगों से लगातार शिकायत के बाद प्रशासन ने दोनों का स्थानांतरम अलग अलग जिला कर दिया। बावजूद इसके दोनों अभी भी डटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि कलेक्टर की तरफ से दोनों को अभी तक रीलिव नहीं किया गया है। इसकी वजह दोनों में जिला प्रशासन की विशेष दिलचस्पी और हाई अप्रोच बताया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि दोनों को जिला प्रशासन के आलाधिकारियों का आंख तारा माना जाता है। दोनों ही कमाऊ विभाग के कमाऊ कर्मचारी हैं। यही कारण है कि दोनों प्रशासन के आदेश की धज्जियां उडाते हुए अभी भी मुंगेली में बने हुए हैं। 

                           मामले में आलाधिकारियों से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन मामले में कभी धान खरीदी का बहाना तो कभी अन्य कारणों से रीलिव नहीं किए जाने का कारण बता दिया जाता है। बहरहला दोनों कमाऊ कर्मचारी जमे हुए हैं। वहीं मुंगेली वासियों में दोनों को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

इंजीनियर ने दिया इस्तीफा

                 सूत्र ने बताया कि जिला प्रशासन को ऐसे कर्मचारी या अधिकारी पसंद नहीं..जो प्रशासन के कामकाज के अतिरिक्त काम को प्राथमिकता में  नहीं लेते हैं। यही कारण है कि एक इंजीनियर को जिला प्रशासन के आलाधिकारी ने खुली बैठक में ना केवल गाली गलौच किया। बल्कि मारने पीटने की धमकी भी दी। तंग आकर मुंगेली नगरपालिका इंजीनियर ने डर भय से पद से इस्तीफा दे दिया।

                इंजीनियर एसपी कश्यप ने सीएमओ को दिए अपने इस्तीफा में बताया है कि जिला प्रसासन के आलाधिकारी के व्यवहार से अपने आपको आहत महसूस कर रहा हूं। बैठक के बीच जब तब गंदे तरीके से आलाधिकारी ना केवल डांटते हैं। बल्कि भद्दी  भद्दी गालियां भी देते है। साथ ही जान से मारनी की धमकी देते हैं। इस दौरान आलाधिकारी उनकी उम्र का ख्याल भी नहीं रखते है। इसलिए तंग आकर जान बचाने और लगातार अपमानित होने से बचने के लिए  इस्तीफा देने को मजबूर हूं। बताया जा रहा है निकाय प्रशासन ने इस्तीफा को मंजूर भी कर लिया है।

कहीं मेहबानी तो…कहीं परेशानी

                            मुंगेली जिला भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि जिला प्रशासन के एक आंख में कुछ गड़बड़ी है। जैसे कामकाज करने वाले प्रशासन को पसंद नहीं है। इसलिए इंजीनियर को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा। जबकि खाद्य विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों का शासन ने स्थानांतरण कर दिया है। लेकिन दोनों को संरक्षण दिया जा रहा है। इस बात से ही समझा जा सकता है कि जिला प्रशासन के अधिकारी किसे पसंद करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *