जिला कांग्रेस अध्यक्ष की कलेक्टर से मुलाकात.. कहा..अटैच शिक्षकों को किया जाए विभाग के हवाले..शिक्षा विभाग की परेशानियों को गिनाया

बिलासपुर— जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर से मुलाकात कर शिक्षकों के अटैचमेन्ट और स्कूली प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों के बारे में बताया। मुलाकात के दौरान विजय केशरवानी ने बताया भर्ती प्रक्रिया में उत्पन्न गतिरोध को लेकर चिन्ता जाहिर की। केशरवानी ने कहा कि शिक्षकों के अटैचमेन्ट से शैक्षणिक गतिविधियों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। शैक्षणिक गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। दूसरे विभाग में अटैच होकर काम कर रहे शिक्षकों के चलते स्कूली गतिविधियों के संचालन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।

बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

                 बुधवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने दोपहर को कलेक्टर से मुलाकात कर शिक्षा विभाग की स्थिति से अवगत कराया। केशरवानी ने कलेक्टर को बताया कि सैकड़ों शिक्षक सालों साल से दूसरे विभाग में अटैच है। इसमें कई सेकन्ड क्लास के कर्मचारी भी शामिल है। जो शासन के अन्य विभागों में जोड़ताड़ कर काम काज कर रहे हैं। जबकि इन्हें मूल विभाग में रगकर बच्चों का पठन पाठन करना चाहिए।

शिक्षकों की भारी कमी

                        केशरवानी ने बताया कि प्रदेश के साथ ही जिले में शिक्षकों की भारी कमी है। लेकिन शिक्षक स्कूल के कामकाज और बच्चों से पढ़ाने से बचने के लिए अन्य विभाग में किसी न किसी बहाने अंगद की पांव की तरह जमे है। कई लोग तो आधी नौकरी ही अटैचमेन्ट से पूरा कर लिये है। कई लोग अटैचमेन्ट में रहकर रिटायर्ड हो गए। यदि सभी बड़े और छोटे शिक्षकों को स्कूल लौट दिया जाए तो बच्चों का भविष्य सुधर जाएगा।

भर्ती को लेकर हुई चर्चा

        कलेक्टर से केशरवानी ने बातचीत के दौरान कहा कि शिक्षकों की भर्ती हो रही है। समझ से परे है कि डीईओ, प्राचार्य और व्यख्याता अन्य विभागों में बाबूगिरी का काम कर रहे हैं। जाहिर सी बात है कि कुछ गड़बड़ है। बेहतर होगा कि सभी शिक्षकों चाहे किसी भी विभाग में क्यों न हो उन्हें तत्काल विभाग के हवाले कर स्कूल भेजा जाए। मूल पदस्थापना का कार्य लिया जाए।

शिक्षकों का खत्म करें अटैच

                      केशरवानी ने कहा कि जिला संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय में ही स्कूल के प्राचार्य, डीईओ, और व्याख्यता बाबूगीरी का काम कर रहे हैं। इसमें एलडीटी.यूडीटी भी शामिल हैं। जबकि इनका काम पढ़ाना और लिखाना है। और यही काम यह लोग नहीं कर रहे है। किसी न किसी बहाने से अन्य विभागों में अटैच होकर शासन के नियमों की धज्जियां उडाने के साथ बच्चों का भविष्य बरबाद कर रहे है। यदि सभी शिक्षकों और अधिकारियों को उनके मूल स्थान पर भेज दिया जाए तो स्कूलों में शिक्षकों की आधी कमी अपने आप दूर हो जाएगी।

 अटैचमेन्ट पर चर्चा..शिक्षा मंत्री से होगकी बात

       पत्रकारों को केशरवानी ने बताया कि अटैचमेन्ट को लेकर कलेक्टर डॉ.मित्तर से मुलाकात किया है। इस दौरान कलेक्टर से शासन के कई विभागों में अटैच शिक्षक और अधिकारियों को उनके मूल स्थान भेजे जाने की मांग किया है। कलेक्टर ने बातों को गंभीरता से लिया है। जल्द ही मामले में अभियान चलाकर शिक्षकों को स्कूल और अपने कार्यालय भेजने का दबाव बनाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो मामले को शिक्षा मंत्री के सामने रखा जाएगा। 

अटैचमेन्ट नियम के खिलाफ

                           केशरवानी ने बताया कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि शिक्षकों से गैरशिक्षकीय कार्य नही कराया जाए। शासन ने खासकर शिक्षकों के अटैचमेन्ट को गलत बताया है।  

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