सहायक शिक्षक से मारपीट,कोविड 19 में कार्यरत सहायक शिक्षक के साथ पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट का मामला,शिक्षक संगठनों ने की कार्यवाई की मांग

दंतेवाड़ा।दंतेवाड़ा से कोविड 19 ड्यूटी मे सनलग्न सहायक शिक्षक से मारपीट का मामला सामने आया है।शिक्षक संघो से मिली जानकारी अनुसार दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा ब्लॉक में कोविड-19 ड्यूटी में लगे विजेंदर गुप्ता सहायक शिक्षक के साथ एक पुलिसकर्मी के द्वारा मारपीट की गई। जिसके विरोध में आज छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला दंतेवाड़ा,शालेय शिक्षक संघ दंतेवाड़ा,सहायक शिक्षक फेडरेशन दंतेवाड़ा द्वारा कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। संगठन के पदाधिकारियों द्वारा कलेक्टर दंतेवाड़ा एवं पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा से मिलकर आरोपी सिपाही के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने की मांग की।कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्यवाही का आश्वासन दिया गया ।कोरोना महामारी के बीच शिक्षक बिना बीमा और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहा है। इसमे सिपाही द्वारा किया गया व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नही हैं।

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि बिना वैक्सीनेशन बिना सुरक्षा बिना अतिरिक्त मानदेय बिना बिना कोरोना वायर का दर्जा दिये शिक्षकों से काम लिया जा रहा है और उस पर अभी वर्तमान में जो दंतेवाड़ा से खबर आ रही है कि 1 सहायक शिक्षक को पुलिस के द्वारा जमकर मारपीट की गई यह बिल्कुल गलत है।असहनीय है।निंदनीय है।

शिक्षको का अपमान है,एक शिक्षक के मर्यादा का उल्लंघन है। इसकी छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन घोर निंदा करता है और छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रांत अध्यक्ष मनीष मिश्रा जी ने कहा है कि अगर उस पुलिस वाले के ऊपर एक्शन नहीं लिया गया तो छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन पूरे कोरोना वैक्सीनेशन का बहिष्कार भी कर सकता है।संगठन ने उस पुलिस वाले के ऊपर तत्काल कार्यवाही की मांग की है।उसे तत्काल दंडित किया जाय ।ऐसे प्रशासन के कर्मचारी जिनको अपनी कर्तव्य का आभास नहीं है जो 1 सहायक शिक्षक को बिना गलती के इतना भयानक तरीके से मारपीट करता है ऐसे व्यक्ति के ऊपर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए ।वह भी एक ऐसे शिक्षक के प्रति जो अपनी ड्यूटी निभाने के लिए निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा के लिए कार्यरत था।उस कार्यरत शिक्षक के ऊपर इस प्रकार की कार्यवाही अत्यंत खेत दायक है ,घोर निंदा करने लायक है।

यह वही भारत देश है जहां शिक्षक को हमेशा सम्मान एवं श्रद्धा की नजरों से देखा जाता रहा है और शिक्षक ने हमेशा खुद जलकर दूसरों को रोशनी दी है। आज भी शिक्षक अपने कार्य बखूबी निभाते चला रहा है ।हर जगह हमेशा हर कार्य में शिक्षक आगे रहता है।कोई भी कार्य हो जिसमें शासन एवं समाज को आवश्यकता हो शिक्षक बढ़-चढ़कर आगे आता है और पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करता है।शिक्षक को हमेशा नागरिकों के द्वारा सम्मान ही दिया जाता रहा है किंतु अब इस समय की ऐसी परिस्थिति समझ में नहीं आती। ऐसे कर्मचारी की मानसिकता समझ में नहीं आती? क्या दिखाना चाह रहा है ?ऐसा उसने क्यों किया ?एक सामान्य शिक्षक के साथ ऐसा व्यवहार बिल्कुल गलत है।शासन प्रशासन से छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन मांग करता है कि उस पुलिस कर्मचारी के ऊपर तत्काल कार्रवाई की जाए।एक सहायक शिक्षक को न्याय मिले, अन्यथा इसका विरोध किया जाएगा।

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