एक मुलाकात Archive

प्लास्टर गिरने से सेल्स टैक्स कर्मचारियों में डर

बिलासपुर—-वाणिज्यिक कर कार्यालय की छत का प्लास्टर आज अचानक भरभराकर गिर गया। प्लास्ट गिरते ही डरे सहमें कर्मचारी हड़बड़ाकर बाहर निकल गए। अन्यथा कोई ना कोई जरूर अस्पताल पहुंचता। प्लास्टर गिरने से डरे सहमे कर्मचारियों ने कमरे में बैठने से इंकार कर दिया। उपायुक्त के समाझाईश के बाद कर्मचारियों ने टेबल जरूर संभाला लेकिन इस

बाइक और सोना के साथ हिरासत में चैन स्नैचर 

बिलासपुर—सरकंडा पुलिस ने एक चेन स्नैचर को हिरासत में लिया है। आरोपी का नाम वीरेंद्र गुप्ता है। पुलिस ने वीरन्द्र के पास 45 हजार का गला हुआ सोना और एक मोटर साइकिल बरामद किया है।                      24 जुलाई को सरकंडा थाना के दैहानपारा क्षेत्र में उषा

स्वप्नदृष्टा जोगी बनाएंगे सरकार…अमित जोगी

  बिलासपुर—(भास्कर मिश्र) –मैने कांग्रेस को गुडनाइट कह दिया है…बाबा बंटाधार दिग्विजय सिंह कांग्रेस को डूबाने का काम अच्छी तरह से कर रहे हैं। स्वाभिमानी, जनाधार वाले नेताओं की कांग्रेस में पूछ परख नहीं है..। पार्टी में केवल दुमदार नेता रह गये हैं…। प्रदेश में दो पार्टियों ने राज किया..जनता को छला भी खूब..अब नए

“अब बस कैरम खेलेगी भूपेश एण्ड पार्टी” -धरमजीत

  बिलासपुर— धरमजीत सिंह….प्रदेश का जाना पहचाना कांग्रेसी चेहरा…प्रदेश विधानसभा पूर्व उपाध्यक्ष..गर्वित आवाज..बेबाक बयानबाजी का दूसरा नाम है।  6 तारीख के बाद धरमजीत का नाम कांग्रेस के पूर्व नेताओं में शुमार हो गया है..अब उन्हें जोगी की पार्टी में फाउंडर सदस्य के रूप में गिना जाएगा। कोटमीकला प्रस्ताव के बाद धरमजीत ने सीजी वाल से

लोगों की खुशियों में पुलिस की खुशी-अभिषेक पाठक

(भास्कर मिश्र)बिलासपुर–बिलासपुर जो भी आया….यहीं का होकर रह गया। बिलासपुर ने हर वर्ग को आकर्षित किया है। विविधता ही बिलासपुर की पहचान है।बिलासपुर को यदि खुद्दार शहर कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। यह जन्मजात और सांस्कारिक शहर है।खुद की पहचान को बनाकर वक्त के साथ चलना बिलासपुर की आदतों में है।बिलासपुर को अभी बहुत

देश को आजादी धर्म या किसी पार्टी से नहीं..भारतीयों से मिली-धरम

(भास्कर मिश्र)बिलासपुर।पिछले बारह-तेरह सालों में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने प्रदेश के एक एक नागिरक को रोटी,कपड़ा और मकान की चिंता से बाहर निकाला है। रमन सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के विकास को प्राथमिकता से ले रही है। पहले भी था। सूखा पढ़ने के बाद प्रभावित मजदूर किसानों और गरीबों तक तेजी से

डिप्लोमाधारी से हार्ट का ऑपरेशन-कोन्हेर

बिलासपुर– (भास्कर मिश्र)–बचपन का बिलासपुर और आज के बिलासपुर की तुलना उचित नहीं होगा। पहले का बिलासपुर विश्ननीय और सुरक्षित था। समय के साथ  बिलासपुर के कल्चर में बदलाव आया है। बचपन के बिलासपुर में जान लेवा प्रतिस्पर्धा नहीं थी। जिन्दगी निर्मल पानी की तरह प्रवाहित थी। कटुता का नामो निशान नहीं था। शाम होते

बच्चों ने जीता अतिथियों का दिल

बिलासपुर— दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन, बिलासपुर मंडल द्वारा संचालित लिटिल बन्नी स्कूल का वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम ’गुलिस्ता ए लिटिल बन्नी’ परिसर में धूमधाम से संपन्न हुआ । इस मौके पर कार्यक्रम की मुख्यअतिथि राजकुमारी और अध्यक्षता कर रहीं शिखा गोयल विशेष रूप से उपस्थित थीं।                    कार्यक्रम

विवादों के घेरे में पं. सुन्दरलाल शर्मा विश्वविद्यालय

बिलासपुर—लोखण्डीगुड़ा नकल प्रकरण के बाद एक बार फिर पं सुन्दरलाल शर्मा मुक्त विवि विवादों के घेरे में है। अध्यापकों की भती में रोस्टर नियम का पालन नही किया गया है। केन्द्र समन्यवकों के आरोप का विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक सिरे इंकार किया है। समन्यवयकों की माने तो अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए ही

महिला की उन्नति में भी पुरूष का हाथ…हर्षिता

बिलासपुर— राज्य महिला आयोग अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय का मानना है कि मुझे राजनीति नहीं संस्कार विरासत मिला हैं। राजनीति में बहुत देर से आयी। यदि विरासत की बात होती तो साल 2000 में ही राजनीति में आ जाती। क्षमता देखने के बाद मुझे महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। हमेशा की तरह महिलाओं के

बिलासपुर के प्रति अपनापन का अभाव–अटल

बिलासपुर—बिलासपुर का सुनियोजित विकास नहीं हुआ। नेतृत्व में मेरा अपना बिलासपुर बोध का अभाव है। अधिकारियों ने बिलासपुर को कभी अपना समझा नहीं। समय काटा और चले गए। जब अधिकारियों और नेतृत्व में मेरा बिलासपुर यानि अपनापन का भाव नहीं आएगा..तब तक बिलासपुर का चहुंमुखी विकास नहीं होगा। कभी हम रायपुर से विकास में सिर्फ

बिलासा की धरती का जवाब नहीं-शिखा राजपूत तिवारी

बिलासपुर(भास्कर मिश्र)—पदस्थापना कहीं भी हो बिलासपुर उनके लिए हमेशा से खास रहा है। अपना शहर किसे खास नहीं लगता है। माता पिता का संसार, स्नेह आशीर्वाद और परिवार के साथ समाज और देश के लिए मिले दायित्व का निर्वहन करने की सीख और संस्कार मुझे बिलासपुर में ही मिले हैं। आज बिलासपुर विकास की दिशा

मौलिकता के साथ बदलाव का स्वागत..एसपी सिंह

बिलासपुर—मै उस स्थान से चला..जहां बहुत अशांति थी। मुझे शांति की तलाश थी। उस दौर में बिहार छोड़ा..जब अच्छे लोगों का वहां रहना मुश्किल हो गया था। आध्यात्म से मेरा गहरा लगाव है। जितनी जानकारी थी उस आधार पर बिहार से निकला और बिलासपुर आ गया। यहां असीम शांति मिली। फिर यहीं का होकर रह

बिलासपुर को चाहिए एजुकेशन जोन–हर्ष पाण्डेय

बिलासपुर— मैने कहीं पढ़ा था कि.. महत्व इस बात का नहीं है कि देश ने आपके लिए क्या किया…महत्व इस बात का है कि आपने देश के लिए क्या किया। ये पंक्तियां आज भी रह-रह कर कौंधती हैं। इन पंक्तियों ने मुझे नौकरी से मोह भंग कराया। मैने शिक्षा को ही देश सेवा का जरिया

जो मिल गया..मुकद्दर समझ लिया..लोहिया

बिलासपुर—(भास्कर मिश्र)-अविभाज्य मध्यप्रदेश के समय बिलासपुर के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हुआ। रत्नगर्भा धरती के दोहन से मध्यभारत का विकास हुआ। राज्य बनने के बाद उन्नति तो हुई लेकिन बिलासपुर को विकास के पंख नहीं लगे। मेरा बचपन कस्बानुमा शहर में बीता। बिलासपुर अब शहर की सीमा को लांघकर महानगर की ओर बढ़ रहा

तरक्की के लिए बेहतर सिस्टम जरुरी: बजरंग केडिया

बिलासपुर ( भास्कर मिश्र )।  कुछ गांवों को इंजेक्ट कर बिलासपुर बना दिया गया । बचपन से आज तक बिलासपुर में बहुत बदलाव हुआ है। वर्तमान स्वरूप देने में रेलवे का बहुत बड़ा योगदान है। रेलवे ने बिलासपुर को बहुआयामी संस्कृत का गढ़ बनाया है। अधिकारियों में अनिर्णय की स्थिति ने बिलासपुर को नुकसान पहुंचाया

अधिकारियों के भरोसे नहीं बनेंगे स्मार्ट– सुनील सोन्थलिया

बिलासपुर—किसी भी शहर का विकास सामुहिक प्रयास से ही होता है। बिलासपुर स्मार्ट सिटी बनने का हक रखता है। लेकिन सुनियोजित प्लानिंग के साथ। नगर निगम का एक दायरा होता है। अकेले सब काम नहीं कर सकता। उसके पास केवल आयातीत सोच है। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए स्थानीय लोगों को भी शामिल होना

कमजोर नेतृत्व ने दिया बिलासपुर को धोखा..सुधीर

बिलासपुर ( भास्कर मिश्र )   — हो सकता है…लोगों में स्मार्ट सिटी को लेकर कोई शक सुबह हो…जब लोग स्मार्ट सिटी के महत्व को समझेंगे…उस दिन यह शहर रायपुर की तुलना में किसी में मामले में कम नहीं होगा…लोग समझने का प्रयास भी कर रहे हैं….समय जरूर लगेगा..लेकिन एक दिन बिलासपुर पर देश नाज

हर जन्म में बिलासपुर बने कर्मस्थली

 (भास्कर मिश्र) बिलासपुर-मैं चुनौतियों को अवसर के रूप में देखता हूं। चुनौतियां नव निर्माण का रास्ता तैयार करती हैं। बिलासपुर मेरी कर्मभूमि है…मुझे अपने कर्मभूमि में बहुत प्यार मिला। इस प्यार ने जन्मभूमि से दूर रहने के दर्द को कुछ कम किया है। यहां की मिट्टी से मेरा गहरा लगाव क्यों है…आज तक नहीं समझ

लोहण्डीगुडाः मीडिया ने बनाया गंभीर…कुलपति

(भास्कर मिश्र)बिलासपुर—बिलासपुर जिले ने आज तक भीख नहीं मांगा । अपने हक को अधिकार के साथ हासिल किया है। शहर की तासीर ही कुछ ऐसी है कि कभी लाख बख्श हो जाता है तो कभी हक के ले सीना सामने कर देता है। फिर हासिल करके ही दम लेता हैं। इसके लिए लोगों को संगठित