CG-कोरोना की बढ़ती रफ्तार,प्रदेश के कई जिलो मे लग रहे स्कूल,संक्रमण बढ्ने का खतरा

रायपुर।छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को लोक सेवा आयोग की परीक्षा मैं मूलनिवासी की छूट का लाभ देने में नाकामयाब रहा है अब यह विभाग कोविड-19 के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के नियंत्रण के लिए स्कूली बच्चों के स्कूल आने पर अब तक कोई ठोस गाइड लाइन जारी नही किया है। प्रदेश मे आज छः हजार से अधिक कोरोना के मामले दर्ज किए गए है। राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दुर्ग 673, राजनांदगांव 246, बालोद 67, बेमेतरा 22, कबीरधाम 26, रायपुर 2020, धमतरी 76, बलौदाबाजार 50, महासमुंद 25, गरियाबंद 24, बिलासपुर 459, रायगढ़ 454, कोरबा 520, जांजगीर-चांपा 281, मुंगेली 51, जीपीएम 62, सरगुजा 1,94 कोरिया 137, सूरजपुर 55, बलरामपुर 45, जशपुर 226, बस्तर 44, कोंडागांव 23, दंतेवाड़ा 78, सुकमा 32, कांकेर 54, नारायणपुर 28, बीजापुर 43, अन्य राज्य 0 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

प्रदेश के कई जिलों में अब भी स्कूल लग रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों को वर्क फ्रॉम होम और एक तिहाई कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी कोई दिशा निर्देश जारी नही किया है जो मुंह में राम बगल में छुरी वाली कहावत को चरितार्थ करता हुआ नजर आ रहा है।इसके अलावा सर्दी खांसी से पीड़ित शिक्षकों और उनके परिवार में कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए शिक्षकों के लिए भी कोई विशेष स्पस्ट गाइडलाइन सरकार की ओर से जारी नहीं की गई है। जिसकी वजह से कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए शिक्षक भी स्कूल आना-जाना कर रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में स्कूल बंद है पर शिक्षक रोजना स्कूल जा रहे है।

दूरदर्शन के जमाने में एक विज्ञापन फेमस हुआ करता था। यह बेचारा काम के बोझ का मारा इन्हें चाहिए हमदर्द का टॉनिक सिंनकारा मौजूदा समय में यह विज्ञापन किस पर फिट बैठता है यह व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार लोग समझ सकते हैं। लेकिन कोरोनावायरस ने अपने पैर तेजी से पसारना शुरू कर दिया है ।इसकी पहुंच स्कूल और स्कूली बच्चों तक जा पहुंची है। वहीं प्रदेश में 15 से 18 वर्ष के टीकाकरण में स्कूल शिक्षा विभाग ने अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर रिकॉर्ड भी कायम कर दिया है इसकी तारीफ के हकदार उसके आयोजन करता होने चाहिए।

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हाल ही में एक सरकारी आदेश जारी किया गया था जिसके अनुसार कोविड-19 के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के नियंत्रण के लिए शासकीय कार्यालयों, निजी संस्थाओं एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठान एवं केन्द्र शासित कार्यालय जैसे-बैंक, डाकघर, बीमा कंपनी इत्यादि में आवश्यकतानुसार वर्क फ्रॉम होम पद्धति से कार्य कराए जाने के निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग छ.ग. द्वारा जारी किए गए है।जारी निर्देश के तहत चिकित्सा सेवायें, वाटर सप्लाई, स्वच्छता, बिजली आपूर्ति, अग्निशमन सेवायें, कानून व्यवस्था एवं अन्य अति आवश्यक सेवायें निरंतर बनी रहेगी तथा उक्त सेवाओं में वर्क फ्रॉम होम पद्धति लागू नहीं होगी।

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यह आदेश भी स्कूल शिक्षा विभाग पर लागू नही हुआ है। जिन जिलों में 4% से कम पॉजिटिविटी रेट है उन जिलों की तासीर यह भी है कि यह क्षेत्र अधिकांश ग्रामीण बाहुल्य क्षेत्रों में आते हैं जहां आज भी मास्क और सैनिटाइजर से दूरी बनी हुई है । हाट बाजारों से लेकर दुकानों तक कोविड नियमो का पालन अधिकांश प्रचलन में नहीं है भले ही जिला प्रशासन के दावे कुछ और हो। इन जिलों पर टेस्टिंग, ट्रेसिंग, जागरूकता स्तर भी बहुत अच्छा नहीं है। मास्क है तो भरोसा है…। इसी तर्ज पर व्यवस्था में काम कर रहे लोग व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यवस्थाओं की खामियों के बीच व्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारियों के निर्देश का पालन कर रहे हैं।

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