गोबर बेचकर कई लोगों ने खरीदी मोटरसाइकिल..गोधन न्याय योजना की आमदनी से गिफ्ट में दिया पत्नी को मंगलसूत्र

रायपुर।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 20 अगस्त हरेली पर्व के अवसर पर शुरू की गई गोधन न्याय योजना से किसानों और पशुपालकों के जीवन में बड़ा बदलाव आ रहा है। इस योजना के माध्यम से उन्हें आय का एक नया जरिया मिल गया है। जिन लोगों के पास कृषि योग्य भूमि नहीं है अथवा पशु नहीं है। वह भी इस योजना के माध्यम से अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं। गोधन न्याय योजना के माध्यम से हुई आय से अनेक लोगों को अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिला है। गोधन न्याय योजना के तहत शासन द्वारा अब तक 33 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है।

गोबर की कमाई से हवाई सफर
बीजापुर के पुसनार में रहकर मजदूरी करने वाले मुन्ना पाल मूलत उत्तर प्रदेश के कन्नौज के रहने वाले हैं। जब उनकी मां के निधन की खबर उन्हें मिली तो ट्रेन में टिकट नहीं मिल रही थी। बस या दूसरे साधन भी नहीं थे। इसलिए उन्होंने रायपुर से लखनऊ वाया दिल्ली की कनेक्टिंग फ्लाइट की टिकट खरीदी है और 20 नवंबर को जीवन में पहली बार हवाई सफर किया।वे पिछले 6 सालों से बीजापुर में रह रहे हैं। गोबर बेचने से नवंबर महीने तक उनके खाते में करीब 18 हजार हुए थे। इन्हीं पैसों का उपयोग उन्होंने प्लेन का टिकट खरीदने में किया। मुन्ना पाल बताते हैं कि उन्होंने एक भैंस पाली है। भैंस के गोबर के अलावा के जंगलों और पास के इलाकों से गोबर इकट्ठा कर थानों में बेचते हैं।

दिनेश कुमार ने गोबर गैस खरीदा मोटरसाइकिल
सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत कृष्णपुर के दिनेश कुमार राजवाड़े पिता नेतलाल  राजवाड़े द्वारा गोधन न्याय योजना अंतर्गत 10191 किलो गोबर बेचा गया जिससे उन्हें 20 हजार से अधिक भुगतान प्राप्त हुए। प्राप्त हुए पैसों से बच्चों की पढ़ाई के लिए काफी पेन पुस्तक खरीदने में उपयोग कर रहे हैं। इनका बड़ा लड़का कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है और छोटा लड़का 11 में पढ़ रहा है। साथ ही एक लड़की भी है जो दसवीं में पढ़ रही है। दिनेश कुमार का मुख्य रूप से दूध उत्पादन का कार्य है। गोबर बेचने से जो पैसा प्राप्त हुआ उससे किस्त में मोटरसाइकिल खरीदी और अब दूध बेचने मोटरसाइकिल से सूरजपुर जाते हैं।कुछ पैसे का उपयोग चारा खरीदने में किया जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हुई।

पति के लिए श्रीमती सीता देवी ने खरीदी बाइक
कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत आदिवासी समुदाय से आने वाली 12वीं पास सीता देवी ग्राम पंचायत पिपरिया के मौहारी पारा में निवासरत है। लंबे समय से सीतादेवी की इच्छा थी कि उनके पति के पास खुद की मोटरसाइकिल हो। जिससे दोनों अपनी इच्छा अनुसार आसपास के गांवों में अपने परिचितों के यहां आना-जाना कर सकें। गोधन न्याय योजना के जरिए उन्होंने अपना सपना साकार किया। अब तक लगभग 40 टन गोबर बेचकर इस परिवार को कुल अस्सी हजार रुपए का लाभ मिला है। केवल बारिश आधारित खेती के अलावा इस परिवार के पास 13 गाय बैल और भैंस है। सीता देवी के पति पेशे से चालक है। और बड़े वाहन चलाते हैं।

गोबर बेचकर नरेंद्र ने कमाए 1.40 लाख और खरीदी दो गाएँ
बालोद जिले के ग्राम बरही के पशु पालक किसान नरेंद्र सिन्हा ने गोधन न्याय योजना के तहत अब तक 69 हजार  972 किलो गोबर बेचा है जिसके एवज में उन्हें एक लाख 39 हजार 972 राशि मिली। उन्होंने गोधन न्याय कयोजना से प्राप्त आमदनी में अपनी कुछ राशि मिलाकर दुग्ध व्यवसाय हेतु अच्छे नस्ल की दो गाय खरीदी है। एक गाय 90 हजार  और एक गाय 50 हजार की है।उनका कहना है कि वह आने वाले समय में भी गोधन न्याय योजना से प्राप्त होने वाली राशि से और गाय खरीद कर अपनी आमदनी बढ़ाएंगे।

गोबर के पैसे से मिला पत्नी को मंगलसूत्र का उपहार*
कवर्धा जिले के गोपालक तीरथ राम साहू ने गोधन न्याय योजना से हुई आमदनी से अपनी पत्नी को मंगलसूत्र खरीद कर उपहार में दिया है।

बेमेतरा के परमेश्वर का सपना हुआ पूरा खरीदी नई मोटरसाइकिल
परमेश्वर यादव ग्राम मोहतरा विकासखंड नवागढ़ जिला बेमेतरा के निवासी हैं। उनका मुख्य व्यवसाय गोपालन है। ग्रामीणों की गाय चरा कर अपना और परिवार का जीवन यापन करते हैं। 20 जुलाई से 23 नवंबर तक उनके द्वारा 28476 किलो गोबर बेचा गया। जिसकी राशि 56952 उन्हें प्राप्त हुई।इस राशि से मोटरसाइकिल खरीद कर अपना वर्षों पुराना सपना साकार किया।

रमेश ने गोबर बेचकर खरीदी मोटरसाइकिल
बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड ग्राम पंचायत भाड़ रामपुर में निवास करने वाले रमेश कुमार यादव पिता नंद कुमार वार्ड क्रमांक 10 के निवासी हैं जो अपनी ग्राम पंचायत में चरवाहे का कार्य करते हैं। इनके द्वारा अपने 8 मवेशियों के साथ ग्राम पंचायत के लगभग 40 घरों के 1000 से अधिक मवेशियों को चराने का कार्य किया जाता है। अपनी बरदी के मवेशियों को चरा कर अपने ग्राम पंचायत के निर्मित गौठान में रखते हैं। जिनके गोबर को बेचकर रमेश कुमार यादव को 55000 से अधिक की आमदनी हुई। इससे इन्होंने मोटर साइकिल खरीदी है जिससे वे बहुत प्रसन्न है।

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