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CG NEWS:केन्द्र और राज्य सरकारों से क्यों आक्रोशित हैं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं

आंगनबाड़ी केन्द्रों में ताला लगाकर सड़क पर उतरने को मज़ब़ूर

CG NEWS :रायपुर ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच ने कहा है कि उनके न्यूनतम मानदेय,पेंशन,पदोन्नति जैसी मांगों को लेकर प्रदेश और केन्द्र सरकार दोनों ही गंभीर नहीं हैं। इसे लेकर छत्तीसगढ़ की एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओँ और सहायिकाओं में भारी आक्रोश है। इसके ख़िलाफ़ प्रदेश के सात प्रमुख संगठन पहली बार एकज़ुट होकर धरना दे रहे हैं। संगठन ने दावा किया है कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ताला लगाकर कार्यकर्ता और सहायिकाएं सड़क पर उतर गईं हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रान्तीय पदाधिकारियो ने सोमवार को  रायपुर प्रेस क्लब में इस बारे में बताया । उन्होने जानकारी दी कि देश के लगभग सत्ताईस लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं केन्द्र के नरेन्द्र मोदी सरकार से न्यूनतम .पारश्रमिक नही दिये जाने और छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार की चुनावी वादा खिलाफी से आक्रोशित हैं|काम की बात आती है तो दोनो सरकारे एक हो जाती हैं और दबाव से काम लेती हैं । लेकिन उचित दाम देने की बात आती है तो दोनो सरकारे एक दुसरे के ऊपर मढ़ते है  ।राज्य सरकार कहती है प्रोजेक्ट केन्द्र के है केन्द्र जाने ।केन्द्र सरकार कहती है राज्य का काम करते तो राज्य को ज्यादा सुविधा देनी चाहिये  । आखिर इससे साबित होता है कि महिला सशक्तीकरण की बातें दोनो सरकार करती है वह खोखला है ।न्यूनतम मानदेय स्वीकृत करने.समय पर वेतन देने.पेशन.पदोन्नति देने.इन सभी सुविधा के लिये सरकार गंभीर.नही है । दोनो ही सरकारें महिलाओ का शोषण कर रही है ।जिससे महिलाओ मे काफी आक्रोश व्याप्त है।
उन्होने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को जीने लायक वेतन भी नही मिल रहा है । 4500/- केन्द्र और 2000/- राज्यांश कुल 6500/-और सहायिका को 2250/-केन्द्र 1000/- राज्यांश कुल 3250/-  को मानदेय मिल रहा है  । उसमे भी राज्यांश चार पांच माह मे रोक रोक कर दिया जाता है।इसी तरह अन्य वित्त ईधन राशि.मातृत्व वंदना.यात्रा भत्ता इत्यादि समय पर नही दिया जाना अत्यन्त गंभीर बात है  । महिला बाल विकास के नीचे से ऊपर तक के अधिकारी समस्याओं के समाधान करने के बजाय कार्यकर्ता सहायिकाओ को छोटी छोटी बातो में सेवा से निकाले जाने की धमकी देते हैं । संसाधन नही होने के बाद भी कार्य करने का दबाव दिया जाता है। मोबाईल मोबाईल नेट चार्ज नही है उसके बाद दबाव देकर बंधुआ मजदूर की तरह कार्य लिया जाता है।  भयादोहन कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ को आर्थिक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है|
उक्त सभी बातो को लेकर प्रदेश के एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका काफी आक्रोशित हैं और सरकार को इस बात से कई बार अवगत कराया जा चुका है।  संयुक्त मंच पुनः सरकार को वार्ता के माध्यम से मांगों के निराकरण हेतु 22 जनवरी  तक का समय दिया था ।  इसके बाद भी मांग पूरा नही होने पर 23 जनवरी  से पांच दिन तक रायपुर राजधानी मुख्यालय मे सभी जिलो से कार्यकर्ता सहायिकाये भारी संख्या मे उपस्थित होगे और उसके बाद भी सरकार को सदबुध्दि नही आई तो हम इसे अनिश्चितकालीन मे तब्दील करते हुये सभी जिला मुख्यालय धरना देेंगे।
प्रेस वार्ता मे सरिता पाठक.पदमावती साहू.रूक्मणी सज्जन.हेमा भारती.सुमन यादव.सौरा यादव .भुनेश्वरी तिवारी.पुष्पा राय उपस्थित रही।
उक्त जानकारी अध्यक्ष श्रीमति सुचिता शर्मा के द्वारा दी गई।

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