CG-स्कूल खुलते ही बच्चों में कोरोना संक्रमण के मामले,कश्यप बोले-राज्य सरकार के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना आचरण का दुष्परिणाम

रायपुर।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने स्कूल खुलते ही कोरोना संक्रमण के सामने आए मामलों के मद्देनज़र प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि इस महामारी का प्रदेश में एक बार फिर फैलाव राज्य सरकार के नाकारापन और ग़ैर-ज़िम्मेदाराना आचरण का दुष्परिणाम है। श्री कश्यप ने कहा कि भाजपा द्वारा लगातार आगाह किए जाते रहने के बावज़ूद प्रदेश सरकार कोरोना की रोकथाम और बचाव के उपायों के मामले दुर्भावनापूर्ण रवैए से बाज आने को तैयार नहीं है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश में 02 अगस्त से शालाएँ खुलते ही कोरोना संक्रमण का आघात शुरू हो गया है। कोरबा में 08 और बलरामपुर में 01 विद्यार्थी को कोरोना पॉज़ीटिव पाया गया है। कोरबा के विद्यार्थी मोहल्ला क्लास में पढ़ने जा रहे थे। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में भी लगातार इज़ाफ़ा होना प्रदेश सरकार की नाकामी का परिचायक है। श्री कश्यप ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर और बच्चों पर इसके अधिक प्रभाव पड़ने की आशंकाओं के बावज़ूद प्रदेश सरकार ने स्कूलों को शुरू करने का फैसला लिया लेकिन इन स्कूलों के संचालन के नज़रिए से आवश्यक बंदोबस्त करने की अपनी ज़िम्मेदारी से मुँह चुराने का काम किया।

प्रदेश सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक कोरोना के फैलाव की ज़िम्मेदारी से बचने के लिए वार्ड पार्षदों, संचालन समितियों और पालकों पर स्कूल खोलने की ज़िम्मेदारी थोपी और अब शासन-प्रशासन यह कहकर अपनी चमड़ी बचाने की शर्मनाक कोशिश कर रहे हैं कि वार्ड पार्षदों, संचालन समितियों के सदस्यों व पालकों की सहमति से स्कूलें खोली गई थीं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि शालाओं में अध्ययन-अध्यापन शुरू करने संबंधी प्रदेश सरकार के आदेश को भाजपा शुरू से ही विसंगतियों से भरा बताती आ रही है, लेकिन सत्तावादी अहंकार में चूर प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने न केवल इसे अनसुना किया अपितु प्रदेश के एक मंत्री कांग्रेस नेताओं के लाव-लश्कर के साथ राजधानी के एक स्कूल में समारोहपूर्वक शाला प्रारंभ कराने पहुँचे जहां कोविड गाइडलाइन की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाने का आपराधिक कृत्य किया।

अब प्रदेश के स्कूली बच्चों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद भाजपा की आशंकाएँ सत्य साबित हो रही हैं। श्री कश्यप ने सवाल किया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के दृष्टिगत एकाएक स्कूल खोलने के निहितार्थ क्या हैं? प्रदेश सरकार इस महामारी से जुड़े सभी पहलुओं को नज़रंदाज़ कर केवल तुग़लक़ी फैसले ले रही है। लगभग चार माह पहले भी प्रदेश सरकार ने एकाएक स्कूल खोलने का फ़रमान जारी किया था और तब राजनांदगाँव में काफी संख्या में शिक्षकों के कोरोना की चपेट में आने के बाद प्रदेश सरकार को अपना वह आदेश वापस लेकर स्कूलों को बंद करना पड़ा था।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि मोहल्ला क्लास और उसकी आड़ में अनेक सरकारी-ग़ैर सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के लिए बुलाया जाना इन बच्चों के जीवन से खुला खिलवाड़ है, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस ओर से भी अपनी आँखों पर पट्टी बांध रखी है। श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण के इस आपदा काल में स्कूलों को शुरू कर दिया, लेकिन उन स्कूलों, मोहल्ला क्लासेस में सेनेटाइज़िंग, मास्क और दीग़र सुरक्षा उपायों की निगरानी का कोई बेक-अप मैनेजमेंट नहीं है। प्रदेश सरकार और उसके मंत्री तो स्कूल शुरू कराने के नाम पर भी इवेंट करके ओछा राजनीतिक आचरण प्रस्तुत करने में मशगूल हैं। श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने ग़लत फ़ैसलों के प्रतिकूल परिणामों से भी सबक नहीं लेकर ऐसे समय में ख़तरों को न्योता देने का काम किया है, जब कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों के प्रभावित होने की सबसे ज़्यादा आशंका जताई जा रही है।

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