वेतन विसंगति व क्रमोन्नति-सहायक शिक्षक संवर्ग के लिए राहत राशि देना विकल्प नही,14 % DA जारी करने की मांग

रायपुर।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने मांग पत्र सौंपते हुए बताया कि प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्व सेवा अवधि को जोड़ते हुए सहायक शिक्षको को प्रचलित नियम अनुसार सीधे उच्च वर्ग शिक्षक का 4200 ग्रेड पे का उच्चतर वेतनमान देते हुए क्रमोन्नति का आदेश किया जावे, तथा शिक्षक व व्याख्याता के लिए समयमान वेतन मान का आदेश जारी किया जावे। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी, प्रदेश संग़ठन सचिव योगेश सिंह ठाकुर, विकास तिवारी, प्रदेश सँयुक्त सचिव आयुष पिल्ले,जितेंद्र मिश्रा प्रदेश मंत्री, रायपुर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सोनकला की उपस्थिति में सहायक शिक्षक एलबी संवर्ग के वेतन विसंगति एवं क्रमोन्नति के संदर्भ में कमल प्रीत सिंह, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग (सदस्य वेतन विसंगति समिति) से मंत्रालय रायपुर, व के सी काबरा अतिरिक्त संचालक से मुलाकात कर चर्चा की,,इस दौरान सहायक शिक्षक एल बी संवर्ग के वेतन विसंगति एवं क्रमोन्नति के सन्दर्म में प्रस्तुत तथ्य एवम प्रमाणों को अधिकारियों ने गंभीरता पूर्वक सुना।

क्रमोन्नति हेतु तथ्य एवं प्रमाणित आधार – छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने तथ्यात्मक पक्ष रखते हुए उच्च स्तर क्रमोन्नति हेतु निम्न तथ्य शासन के समक्ष प्रस्तुत किया है।शिक्षकीय सेवा के आधार पर पूर्व सेवा की गणना किया जावे,शिक्षा कर्मियों के निम्न वर्ग की सेवा को जोड़कर उच्च वर्ग में लाभ दिया गया है, अतः पूर्व सेवा अवधि को जोड़कर क्रमोन्नति हेतु लाभ प्रदान कर क्रमोन्नति आदेश जारी किया जावे।छत्तीसगढ़ शासन वित्त एवं योजना विभाग मंत्रालय रायपुर के आदेश क्रमांक 233 / वित्त / नियम / चार / 09 रायपुर 10 अगस्त 2009 के बिंदु क्रमांक 03 में उल्लेखित है कि राज्य शासन के एक विभाग से दूसरे विभाग में समान वेतनमान के सीधी भर्ती के पद पर संविलियन होने पर पूर्व पद की सेवा अवधि उक्त संविलियन के पद पर समयमान/ क्रमोन्नत वेतनमान की गणना हेतु शामिल करने का प्रावधान है।

जनघोषणापत्र में उल्लेख है कि एक ही पद पर 10 वर्ष की सेवा पर क्रमोन्नति दिया जाएगा, अतः उच्चतर क्रमोन्नति आदेश जारी किया जावे।मध्य प्रदेश शासन के द्वारा मध्य प्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा शैक्षणिक संवर्ग सेवा एवं भर्ती नियम 2018 क्रमोन्नति का प्रावधान किया गया है। जिसके अनुसार शिक्षा विभाग में संविलियन के पूर्व के सेवा अवधि को क्रमोन्नति वेतनमान के लाभ देने के लिए गणना किया जा रहा है।

पदोन्नति – 22 हजार प्रधान पाठक प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला प्रधान पाठक, प्राचार्य, शिक्षक व व्याख्याता के पद पर भी पदोन्नति का प्रावधान है, अतः एल बी संवर्ग को कुल शिक्षकीय सेवा अनुभव (पूर्व सेवा) के आधार पर पदोन्नति दिया जावे, इससे शिक्षण व्यवस्था में गुणात्मक सुधार होगा। चर्चा में टीचर्स एसोसिएशन की ओर से पक्ष रखा गया कि पूर्व सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए 5 वर्ष के अनुभव को शिथिल कर वन टाइम रिलेक्स देते हुए एल बी संवर्ग को पदोन्नति दिया जावे।

समानुपातिक (वेतन विसंगति) का पक्ष – व्याख्याता व शिक्षक की तुलना में सहायक शिक्षक का वेतन कम है, प्राथमिक शिक्षा को विशेष शिक्षकीय सेवा मानकर व्याख्याता व शिक्षक के वेतनमान के अंतर के अनुपात में शिक्षक व सहायक शिक्षक के वेतनमान में सुधार किया जावे तथा शिक्षक पं/ननि संवर्ग को 01/05/2013 से दिए गए पुनरीक्षित (समतुल्य) वेतनमान में भूतलक्षी प्रभाव से 1.86 के गुणांक पर निर्धारण करने का आदेश जारी किया जावे व 2 वर्ष में एक वेटेज का लाभ दिया गया है उसे 1 वर्ष में 1 वेटेज का आदेश देते हुए रिवाइज एल पी सी जारी किया जावे।अधिकारियों के समक्ष चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि सहायक शिक्षक संवर्ग के वेतन विसंगति के लिए राहत राशि दिया जाना सार्थक विकल्प नही है

पुरानी पेंशन – नियुक्ति समय के पात्रतानुसार पेंशन दिया जावे तथा जनघोषणा पत्र अनुसार NPS के स्थान पर OPS ( पुरानी पेंशन बहाली ) लागू किया जावे।सेवानिवृत्ति व मृत्यु उपादान (ग्रेच्युटी) व अर्जित अवकाश नगदीकरण हेतु निर्देश जारी करने का मांग किया गया।

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  1. By Umashankar Suryawanshi

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  2. By कमलेश कुमार

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