विधायक के बिगड़े बोल से आदिवासी समाज आहत,मरकाम ने कहा-मांफी मांगे बृहस्पत

रायपुर।भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर रामानुजगंज – बलरामपुर विधायक बृहस्पत सिंह की टिप्पणी “सरगुजा के अँगूठा छाप आदिवासी” पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होनें टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि विधायक बृहस्पत सिंह आए दिन विवादित बयान देकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। इस बार उन्होंने सरगुजा के आदिवासी समाज को अपमानित करने का काम किया है, जिस पर पूरे प्रदेश के आदिवासी समाज को कड़ी आपत्ति है एवं समाज उनके बिगड़े बोल से आहत महसूस कर रहा है।

आदिवासी बाहुल्य सरगुजा वनांचल क्षेत्र से अखिल भारतीय परीक्षाओं, राज्य प्रशासनिक सेवा, चिकित्सा, उच्च शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में आदिवासी समाज के विभिन्न प्रतिभाशाली व्यक्तित्व चयनित हुये हैं। आदिवासी समाज अपने इन अप्रतिम उपलब्धियों से गौरवान्वित है एवं अपनी प्रभावी भागीदारी भी सुनिश्चित करता है। यही नहीं सामाजिक समरसता में अपने आदर्श कार्य-व्यवहार के माध्यम से नए – नए आयाम गढ़ रहा है ऐसे सृजनशील, प्रगतिशील, दूरदर्शी, आदिवासी समाज के बारे में क्षुद्र बयानबाजी समाज के गौरव को धूमिल करना ही होगा। वे आदिवासी समाज पर ओछी टिप्पणी कर स्वयं अपने ऊपर कई तरह के प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहें हैं।

विकास मरकाम ने बृहस्पत सिंह को आईना दिखाते हुये कहा है कि जिस रामानुजगंज – बलरामपुर विधानसभा सीट से वे स्वयं विधायक हैं, वो भी आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीट ही है, जिसमें सबसे अधिक मतदाता आदिवासी हैं, वे अपने अशोभनीय शब्दों से उनके विश्वास की हत्या कर रहें है। विधायक जैसे सम्मानीय पद में बैठे व्यक्ति का इस प्रकार का बेतुका बयान आदिवासी समाज में स्थापित शांति – सौहाद्रपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने की दिशा में उठाया गया आत्मघाती कदम है, जिसके जिम्मेदार स्वयं बृहस्पत सिंह होंगे।

आदिवासी समाज से माफी माँगकर खेद व्यक्त करना उनकी सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी बनती है। 48 घंटे के अंदर यदि विधायक बृहस्पत सिंह आदिवासी समाज से सार्वजनिक माफी नहीं मांगते है तो भाजपा अजजा मोर्चा पूरे सरगुजा संभाग में उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेगा।

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