स्कूल शिक्षा- नवीन सेटअप मे संस्कृत के पद को समाप्त करने का आदेश,संस्कृत व्याख्याता समूह का विरोध,पूर्ववत संस्कृत के पद को यथावत रखने की मांग

रायगढ़- संस्कृत व्याख्याता समूह के द्वारा नवीन सेटअप मे संस्कृत के पद को समाप्त करने के विरोध एवं यथावत रखने की मांग को लेकर कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ के माध्यम से मुख्यमंत्री ,शिक्षा मंत्री,प्रमुख सचिव छग शासन,तथा राज्यपाल महोदय,संचालक लोक शिक्षण संचालनालय के नाम से सैकडो संस्कृत व्याख्याताओ के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। छग शासन के आदेश से संस्कृत व्याख्याताओ मे हडकंप मच गया है।प्रदेश स्तर पर व्यापक विरोध की स्तिथि उत्पन्न हुई है।

उन्होने कहा कि –
1.हाईस्कूल पूर्व पदस्थापना मे मुख्य विषय हिन्दी,अंग्रेजी,संस्कृत,गणित,विज्ञान,सामा विज्ञान कुल 06 व्याख्याता के पद स्वीकृत था जिसे नवीन सेटअप मे 05 पद अनिवार्य कर संस्कृत व्याख्याता पद को हाईस्कूल स्तर पर 221 दर्ज संख्या पर स्वीकृति दिया गया है जबकि अन्य विषयो पर यह नियम लागु नही किया गया है अतः अन्य विषयो की तरह संस्कृत को भी अनिवार्य विषय मानकर हाई स्कूल नवीन सेटअप मे 06 पद संस्कृत व्याख्याता पद स्वीकृत किये जावें।

2 हायर सेकण्डरी स्तर पर विषयवार पहले 10पद व्याख्याता स्वीकृत किया गया था नवीन सेटअप मे 09 पद को अनिवार्य कर सिर्फ संस्कृत विषय को संख्या पर आधारित 61से 359 तक दर्ज संख्या पर 01 पद स्वीकृत किया है जिसे पूर्व की भांति 9 से 12 कक्षाओ के लिए हिन्दी अंग्रेजी भाषा की भांति 02 पद संस्कृत के स्वीकृत किया जावे।

3.नवीन सेट अप से संस्कृत पद समाप्त होने से शिक्षा विभाग मे कई विसंगति व अव्यवस्था का प्रादुर्भाव होगा।संस्कृत पद शुन्य होने से प्रदेश मे हजारो शिक्षक के अतिशेष होने से वेतन आहरण की समस्या होगी।इतने तादाद का समायोजन भी असंभव होगा।

4 स्कूली पाठ्यक्रम मे नैतिक शिक्षा का बोध केवल संस्कृत भाषा के माध्यम से होती है,संस्कृत पद शुन्य होने से छात्र समुदाय व समाज मे नैतिक शिक्षा का अवमुल्यन होगा।

5 जो संस्कृत पाठ्यक्रम मे अध्ययनरत विद्यार्थी व प्रशिक्षित संस्कृत योग्यताधारी बेरोजगार है उन्हे पद शुन्य होने से रोजगार के अवसर नही मिलेंगे उनके भविष्य के साथ अन्याय है।
अतएव संस्कृत व्याख्याता समूह संस्कृत के पद को सेटअप मे हाई मे न्युनतम 1 पद व हायर स्कूलो मे 02 पद व्याख्याता के यथावत रखने की मांग छग शासन से की है।

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