रायपुर पुलिस ने दिल्ली के फर्जी कॉल सेंटर का किया भांडाफोड़,4 लड़कियों समेत 6 गिरफ्तार

Fake call center busted: रायपुर पुलिस ने फर्जी ई-चालान और कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह का भांडाफोड़ किया है। रायपुर पुलिस ने 48 घंटे में दिल्ली के दो फर्जी कॉल सेंटरर्स का भांडाफोड़ कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें 4 लड़कियां भी शामिल है। सभी को दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया जा चुका है। दिल्ली के तिलक नगर स्थित ई-चालान फर्जी कॉल सेन्टर का पुलिस ने भांडाफोड़ किया है।

इसका मुख्य आरोपी विभांशु गर्ग है जो एम कॉम और एमबीए की डिग्री ले चुका है। वहीं एसबीआई और एचडीएफसी लाईफ इंश्योरेंश में सहायक मैनेजन रह चुका है। आरोपी विभांशु गर्ग के पास ओडिशा, हिमांचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों के यातायात पुलिस के ई-चालान का डापा प्राप्त हुआ है। गिरोह द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में ठगी करने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।

रायपुर के एक व्यक्ति से की थी ठगी

पुलिस से मिली जानकारी, हितेश कुमार साहू ने थाना पुरानी बस्ती में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि, वह सुभाष नगर प्रोफेसर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। 23 जनवरी को बिना हेलमेट वाहन चलाने के संबंध में ई-चालान जारी किया गया था। मैसेज के जरिए इसकी जानकारी उसे मिली थी। प्रार्थी ने उक्त चालान का भुगतान उस समय नहीं किया।

इसी दौरान 1 जुलाई को मोबाईल नंबर 8745087152 तथा 8874635467 से एक महिला द्वारा प्रार्थी के मोबाईल नम्बर में व्हाट्सएप के माध्यम से ई-चालान एवं क्यू आर कोड भेजकर, उस कोड के माध्यम से भुगतान करने की बात कही गई। महिला द्वारा स्वयं को सीजेएम कोर्ट बिलासपुर से होना बताया गया। चालान का भुगतान नहीं करने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की बात कही गयी।पीड़ित ने उसी दिन उस क्यू.आर. कोड के माध्यम से 500 रूपए का भुगतान किया। पीड़ित ने जब ऑनलाईन स्टेटस चेक किया तब भुगतान नहीं होना और यातायात पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति को क्यू.आर. कोड भेजकर पेमेंट प्राप्त नहीं करने संबंधि जानकारी प्राप्त हुई। जिसके बाद उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी।

यातायात पुलिस रायपुर के नाम पर ई-चालान एवं क्यू.आर.कोड भेजकर ठगी के मामले को पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने गंभीरता से लिया। मामले की जांच करने कहा। इसपर विशेष टीम बनाई गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मोबाईल नंबर्स तथा ट्रांजक्शन हिस्ट्री प्राप्त कर आरापियों को चिन्हांकित किया गया।

जांच के दौरान दिल्ली, उत्तरप्रदेश के कुछ संदिग्ध मोबाईल नंबरों की जानकारी प्राप्त हुई जो दिल्ली के तिलक नगर के ईलाके से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे है। ये अलग-अलग राज्यों में न्यायालय में ई-चालान भुगतान के लिए कॉल कर लोगों से ठगी करते थे। जिसके बाद पुलिस टीम को वहां रवाना किया गया।

10 सदस्यीय टीम को भेजा गया था दिल्ली और उत्तरप्रदेश

10 सदस्यीय टीम दिल्ली, उ.प्र. के मयूर विहार, अशोक नगर, तिलक नगर एवं मुजफ्फर नगर पहुंचकर जांच शुरू की। इस दौरान टीम के सदस्यों द्वारा दिल्ली के तिलक नगर में वेल्यू सर्विसेस प्राय. लिमि. कंपनी के नाम पर कोई कॉल सेंटर का संचालित होना पाया गया जहां टीम ने रेड कार्रवाई की। इसमें कुछ युवक एवं युवतियां फोन पर कॉल करते हुए मिले। कॉल सेंटर में 02 युवक तथा 04 युवतियां मिले जो अपना नाम विभांशु गर्ग, सुमित कुमार ठाकुर, नेहा शर्मा, रानी, सत्या एवं जन्नत अंसारी होना बताया।

वर्क इंडिया एप के माध्यम से कंपनी में काम करने के लिये युवक एवं युवतियों को अपाईंट किया तथा उन्हें ट्रेनिंग देकर फर्जी ई-चालान से भुगतान फर्जी खातों में रकम ट्रांसफर कराकर प्राप्त करने लगा। कॉल सेंटर से करीबन 25 कम्प्यूटर, 35 मोबाइल फोन, दर्जनों फर्जी सिम, डॉयलर मशीन, पेन ड्राईव एवं 02 नग लैपटॉप बरामद किया गया है, जिसमें विभिन्न राज्यों के ई-चालान का डाटा प्राप्त हुआ है। आरोपियों द्वारा फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से ओडिशा, हिमांचल प्रदेश, उ.प्र., बिहार के लोगों के साथ भी ठगी किया गया है। आरोपियों को दिल्ली के तिलक नगर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर रायपुर लाया गया है।

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