बिना सुरक्षा कोरोना से लडने शिक्षकों को खड़ा कर दिया,शिक्षाकर्मी संघ ने कहा-इसीलिए आ रहे हैं भयानक परिणाम

सिमगा(मनीष जायसवाल)-कोरोना काल में शासन की नीतियों की वजह से कोविड 19 ने शिक्षकों को सबसे अधिक प्रभावित किया है । शासन ने शिक्षक की कोरोना सेवा के दौरान हुई दुर्घटना की कोई विशेष गारंटी भी नही ली और तो और बिना सुरक्षा संसाधनों के आम शिक्षक को कोरोना योद्धा के रूप कोरोना से लड़ने के लिए खड़ा कर दिया जिसका भयानक परिणाम यह सामने आ रहा है कि सबसे अधिक कोरोना से संक्रमित शिक्षा विभाग के कर्मचारी हुए है। शिक्षक साथियों की हो रही असमय मौत पर अपनी बात रखते हुए वरिष्ठ शिक्षा कर्मी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अजय उपाध्याय सीजीवाल को बताते है कि प्रदेश का शिक्षक परिवार सरकार की गलत नीतियों के चलते दिन प्रति दिन घटता जा रहा है ।

अजय का कहना है कि शिक्षा कर्मी के रूप मे हमरा बहुत शोषण हुआ है संविलयन होने के बाद भी शिक्षक अपने अधिकारों के मार झेल रहे । कई शिक्षक की कोरोना की वजह से जान गंवाने की जानकारी मिलने के बाद भी शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना योद्धा के रूप लगाई जा रही है। मानवीयता को परे रख कर बुजुर्ग व महिला शिक्षको को भी नही बक्शा जा रहा है। जिनका काम के शिक्षण है उन्हें स्वास्थ्य विभाग का ट्रेड कर्मचारी समझा जा रहा है ।शोषित पीड़ित गुुरुजन कोरोना काल अधिकारियों के आदेशों का शिकार हो रहे है। वरिष्ठ शिक्षा कर्मी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अजय उपाध्याय ने शासन से मांग करते है अन्य कर्मियों की तरह 50लाख की बीमा का रिस्क कवर सहित 15दिन के अंदर अनुकम्पा संबंधी आदेश प्रसारित किया जाना चाहिए। तभी सेवा के दौरान कोरोना के काल के गाल में समाए शिक्षको के साथ न्याय होगा।

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