सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर होगी …फेडरेशन के मनीष मिश्रा को कमेटी से उम्मीद

रायपुर।राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षकों के वेतन मान में विसंगति के परीक्षण के लिए अंतर विभागीय समिति का गठन कर दिया है। बीते दिनों छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह से मुलाकात कर वर्ग तीन की वेतन विसंगति के बारे में चर्चा की थी जानकारी देते हुए फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने बताया कि शंका समाधान के लिए प्रतिनिधि मंडल शिक्षा सचिव व डीपीआई कमलप्रीत सिंह मिला था । आज जारी हुए आदेश में स्पस्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन की कोर कमेटी ने जो मुख्यमंत्री के आग्रह को स्वीकाते हुए एक दिवसीय रैली और मुख्यमंत्री निवास घेरने का निर्णय लिया था वह सही था।अब कमेटी का गठन हो गया है । हमे उम्मीद है कि जल्द ही मांगो को लेकर सार्थक नतीजे प्रदेश के सहायक शिक्षकों के हितों में आ जाएंगे।

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा बताते हैं कि हमारे हक और मांगों की लड़ाई है सरकार से ही है और हमको मिलना भी सरकार से ही है मुख्यमंत्री के कहने पर हमने आंदोलन वापस लिया उसका नतीजा आज कमेटी का स्वरूप सबके सामने है। फेडरेशन की अब तक के शिक्षक की मांगों में एक प्रमुख जीत की ओर यह मील का पत्थर है।

मनीष का कहना है कि शिक्षक दिवस के दिन का आंदोलन वापस लेना एक बहुत कठिन निर्णय जो हमने लिया इससे हमारे कुछ साथी नाराज हो गए बहुतों को मना भी लिया गया है प्रदेश के शिक्षक साथियों आश्वस्त करना चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के शीर्ष नेतृत्व वर्ग 3 की वेतन विसंगति दूर करने के लिए निस्वार्थ भाव से खड़ा हुआ है

मालूम हो कि राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षकों के वेतन मान में विसंगति के परीक्षण के लिए अंतर विभागीय समिति का गठन किया है। समिति में प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग अध्यक्ष होंगे। इसके साथ ही सचिव छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग सदस्य एवं संयुक्त सचिव छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग इसके सदस्य होंगे। समिति के समक्ष फेडरेशन के पदाधिकारियों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर होगा। समिति 3 महीने के भीतर वेतन विसंगति के संबंध में अपनी रिपोर्ट प्रशासकीय विभाग को सौपेगी।

मनीष मिश्रा सहित छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के सभी पदाधिकारी शिव मिश्रा, सुखनंदन यादव, सी.डी. भट्, सिराज बक्स, बलराम यादव, बसंत कौशिक, विकाश मानिकपुरी ,उमा पांडे , कौशल अवस्थी, रवि प्रकाश ,लोह सिंह , प्रेमलता शर्मा, छोटे लाल साहू ,रंजीत बनर्जी, आदित्य गौरव साहू, राजकुमार यादव, श्रीमती खिलेश्वरी शांडिल्य, शेषनाथ पांडे, मिलेश्वर देशमुख ,बसंत कुमार यादव, संजय प्रधान, मनोज अंबष्ट, शैलेश गुप्ता, बीपी मेश्राम ,एलन साहू ,राजू लाल टंडन, यादवेंद्र गजेंद्र, दुर्गा वर्मा, राजकुमारी भगत, शगायत्री साहू, शांति उके, जयंती उसेंडी, श्र
शकुंतला साहू, अश्वनी कुर्रे ,राजू यादव ,नोहर चंद्रा, राजेश प्रधान, बनमोती भोई, तरुण वैष्णव, सुमन प्रधान, जलज थवाईत, संतराम साहू, आशा कोरी, इंदु यादव , आशा पांडे, प्रदेश संगठन मंत्री चंद्र प्रकाश तिवारी, उत्तम बघेल , गोवर्धन शारके, छवि पटेल, संजय प्रधान, अनीता दुबे , लक्ष्मी बघेल, बसंत कुमार यादव , योगेंद्र ठाकुर, केसरी पैकरा, सत्यनारायण यादव, नीलिमा कन्नौजे, भूपेश पाणीग्रही, अजय साहू, श्रीमती प्रभा साहू,श्रीमती दीप्ति बिसेन, सरोज वर्मा, श्रीमती गरिमा शर्मा, चमेली ध्रुव संकीर्तन नंद, हेमेंद्र चंद्रहास, राजवीर किरार, संत कुमार साहू, विनीता साहू, जयंती उसेंडी, पूर्णिमा पांडे ने कमेटी का स्वागत किया है और संयुक्त रूप से बयान जारी कर यह कहा है कि, यह वेतन विसंगति दूर करने हेतु हमारा एक अथक प्रयास का नतीजा है। किंतु हमें इसे ही पूर्ण नहीं मानना है । जब तक वेतन विसंगति पूरी तरीके से दूर ना हो जाए, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। “भुपेश है तो भरोसा है” इस स्लोगन पर हमें विश्वास है।हमें पूरा विश्वास है कि हमारी माँग अवश्य पूर्ण होगी। हम 3 महीने इंतजार करेंगें और उस समय की परिस्थिति के अनुसार उसी समय निर्णय लिया जाएगा।

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