विधायक बृहस्पत सिंह को भेजेंगे नोटिस, पढ़िए – पूरे मामले में विधानसभा में क्या हुआ, किसने – क्या कहा..??

रायपुर।कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के आरोपों पर विधानसभा में मंगलवार को फिर से बात हुई। चर्चा के दौरान सदन में उस वक्त हलचल मची जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव यह कहते हुए चले गए कि मेरे चरित्र के बारे में सब जानते हैं। शायद कुछ छिपा है जिसे अब सामने लाने की कोशिश की जा रही है। सीधे उन्होंने कहा कि इस मसले पर शासन से स्पष्ट जवाब ना आ जाए वह इस पवित्र सदन में रहना उचित नहीं समझते हैं। इसके बाद शोर शराबे और हंगामे के कारण कार्रवाई 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में हंगामा जारी रहा और सदन की कार्रवाई आगे नहीं चल सकी।

कांग्रेस सदस्य बृहस्पत ,टीएस के मसले पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने सदन में अपने बयान में कहा कि अंबिकापुर में बृहस्पत के फॉलो गाड़ी और गार्ड के साथ घटना हुई थी । दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। फालो वाहन के चालक सुदर्शन सिंह निवासी चंदन पूर्व रामानुजगंज बलरामपुर की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अंबिकापुर में पंजीबद्ध कर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल सभी 3 आरोपियों सचिन सहदेव ,सोनू तथा धन्नू राम को अरेस्ट कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। होम मिनिस्टर ताम्रध्वज साहू के जवाब से विपक्षी भाजपा सदस्यों ने आपत्ति की और कहा कि बृहस्पत के आरोपों से बवंडर मचा हुआ है। जिस पर होम मिनिस्टर का जवाब आना चाहिए। गृह मंत्री का जवाब घटना से अलग है।

बाकी सदस्यों ने भी आपत्ति की। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि दोनों सदस्य यहां बैठे हुए हैं उनसे बात होनी चाहिए। इस घटना को मजाक बना दिया गया है। एक मंत्री पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। बृहस्पत के टाइस सिंहदेव पर आरोप गंभीर हैं। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन का सत्र चल रहा है और अधिसूचना जारी होने एक विधायक ने सरकार के मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अगर यह आरोप गलत है तो क्या जान बूझकर चरित्र हत्या की कोशिश की गई है। भाजपा सदस्य नारायण चंदेल ने भी कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस तरह की पहली घटना है। राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से एक दूसरे पर आरोप नहीं लगाए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा दोनों पक्षों का जवाब आना चाहिए और सदन की कमेटी से इसकी जांच होनी चाहिए।

इसके बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा के स्पीकर डॉ चरणदास महंत ने कहा 24 तारीख को बृहस्पत सिंह के साथ हुई घटना की जानकारी के बाद मैंने बृहस्पत को दो दो बार फोन लगाया लेकिन कोई जवाब नहीं आया। 25 तारीख को मैं रायपुर में ही था। विधायक ने मुझे जान के खतरे की जानकारी दी। ऐसे में मुझे तो किसी विधायक ने नहीं बताया कि किसी को जान का खतरा है। कोई शिकायत भी नहीं की है। कोई जानकारी और शिकायत नहीं आई है। विपक्ष बृहस्पत सिंह के आरोपों पर जवाब मांगता रहा। आखिरकार टीएस सिंहदेव ने सदन में भावुक होकर कहा बस बहुत हो चुका। मैं भी एक इंसान हूं मेरे चरित्र के बारे में सब जानते हैं। शायद कुछ छिपा है जिसे सामने लाने की कोशिश की जा रही है। जब तक इस मामले में सरकार का सही जवाब नहीं आता तब तक मैं अपने आप को सदन में खड़े होने योग्य नहीं समझता। टीएस इतना बोल कर अपनी सीट छोड़कर चले गए ।

सदन छोड़ते ही विपक्ष ने हंगामा मचाया और सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। दोबारा कार्रवाई हुई तो स्वास्थ्य मंत्री के सदन छोड़ने का मुद्दा उठा दिया और शोर-शराबे हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव मुख्यमंत्री के बुलावे पर दोबारा विधानसभा पहुंचे थे और अन्य मंत्रियों की मौजूदगी में उन्होंने मुख्यमंत्री से बृहस्पत विवाद पर चर्चा की। कहा जा रहा है कि पुनिया और मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद भी टीएस सिंहदेव संतुष्ट नहीं है।

चर्चा है कि सिंहदेव पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और वे इस मामले पर हाईकमान से चर्चा के लिए दिल्ली भी जा सकते हैं। संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को गलतफहमी हुई है।सिंहदेव ने बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में कहा कि मुख्यमंत्री और प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया से उनकी चर्चा हुई है। विवाद के निपटारे पर सिर्फ इतना ही कहा कि यह भविष्य के गर्भ में है और वे अपने स्टैंड पर कायम है। दूसरी तरफ सरकार के मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि टीएस सिंहदेव नाराज नहीं है। कुछ इसी तरह का दावा नगरी प्रशासन मंत्री डॉ डायरिया ने भी किया। इससे पहले रविंद्र चौबे ने मीडिया से चर्चा में कहा कि बृहस्पत सिंह के एफ आई आर में इसका ना ही कोई जिक्र है और ना ही पार्टी में स्वास्थ्य मंत्री की शिकायत की है। मुख्यमंत्री के सामने किसी ने भी उनकी शिकायत नहीं की है और उन्होंने कहा कि टीएस सिंहदेव की मुख्यमंत्री से चर्चा चल रही है और जल्द ही मामला सुलझ जाएगा। इधर सदन में अपनी पीड़ा जाहिर करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव सीधे अपने निवास आ गए थे।

इसके बाद मुख्यमंत्री के बुलावे पर वे बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे के साथ फिर से विधानसभा पहुंचे थे जहां उन्होंने सभी से चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक 1 घंटे तक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से चर्चा हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पीएल पुनिया से भी बात हुई थी । लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला। कहा जा रहा है कि टीएस सिंहदेव दिल्ली भी जा सकते हैं।बहरहा अब मामला और तूल पकड़ता जा रहा है.

ताजा जानकारी अनुसार प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि मंत्री टीएस सिंहदेव को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा. उनसे जवाब मांगा जाएगा. पुनिया ने दावा किया है कि कल तक इस विवाद का समाधान हो जाएगा.

प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि टीएस सिंहदेव सदन के बाहर चले गए, हम उनकी भावनाओं को समझते हैं. जो भी आरोप उन पर लगाए हैं, उसे ध्यान में रखते हुए विधायक बृहस्पत सिंह को आज कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाएगा. कल इस समस्या का समाधान हो जाएगा. पुनिया से सवाल पूछा गया कि क्या सरकार की तरफ से भी कोई कार्रवाई की जाएगी, उस पर उन्होंने कहा कि वो सदस्य या सरकार की तरफ से देख लिया जाएगा.

बता दें कि विधायक कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के काफिले पर 24 जुलाई की रात हमला हुआ था. जिसके बाद 25 जुलाई को उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर मंत्री टीएस सिंहदेव पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि मुझे जान का खतरा है. मुझ पर हमले के पीछे मंत्री टीएस सिंहदेव का हाथ है. महाराजा हैं मेरी हत्या करा सकते हैं. हत्या कराने से अगर सिंहदेव मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो उन्हें ये पद मुबारक़ हो. मंत्री सिंहदेव कांग्रेस विधायकों का अपमान करते हैं. उन्होंने कहा था कि ऐसे मंत्री को पद पर रहने का अधिकार नहीं है. हालांकि विधायक की बैठक के बाद मंत्री टीएस सिंहदेव और विधायक बृहस्पत सिंह एक साथ नजर आए थे.

इस पर मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा था कि अभी ज्यादा कुछ कहना सही नहीं होगा. ऐसा उन्होंने भावनाओं में आकर कह दिया होगा. मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि सरगुजा के लोग जानते हैं, क्या कैसे रहे हैं. जनता मुझे जानती है. उन्होंने कहा कि हो सकता है बृहस्पति सिंह को मुझसे नाराजगी हो. बाबा लोगों के लिए जो मदद कर सकते हैं, वो करते रहेंगे. सब समय के हिसाब से देखें. कोई भी बात सामने आती है, तो उसका निराकरण भी होता है. पुनिया जो कहेंगे वही होगा. मुझे दिल्ली में कहा जाएगा, तो वहां भी बताउंगा. मैं इस मसले पर ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा.

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