जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी..आरोपी संदीप गिरफ्तार..कई लोगों को बनाया..ठगी का शिकार

बिलासपुर—-सरकंडा पुलिस ने जमीन दिलाने के नाम पर करीब 93 हजार रूपयों की ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 34 का अपराध दर्ज किया गया है। आोपी का नाम संतोष कुमार जायसवाल है। आरोपी के भाई संदीप जायसवाल को ठगी के ही मामले में पहले ही गिरफ्तार किया गया है।  आरोपी जायसवाल कंस्ट्रक्शन के नाम से दुकान खोलकर आवासीय भूखंड बेचने का कारोबार करता है।
         सरकन्डा पुलिस को थाना पहुंचकर मुरूमखदान निवासी सूरज मानिकपुरी ने बताया कि मुरूमखदान खमतराई में 3 डिसमील जमीन बिक्री का विज्ञापन देखने के बाद जायसवाल प्रापर्टी से सम्पर्क किया। डीलर से प्रति डिसमील 80000 रूपए का समझौता हुआ। 1 अक्टूबर 2021 को 21000 एडवांस दिया। 8 अक्टूबर को  50 रूपए के स्टाम्प पर भूमि विक्रय का इकरारनामा तैयार किया। इसके बाद संदीप जायसवाल को 120000 रूपए बैंक ऑफ महाराष्ट्र से पिता सोहन दास के खाते से चेक दिया।
           इकरारनाम के अनुसार जायसवाल कन्ट्रक्शन संतोष कुमार जायसवाल से खसरा नंबर 330 / 1 रकबा 3 डिसमील से सौदा किया। दरअसल वह जमीन संतोष जायसवाल के नाम पर नही है। संतोष जायसवाल, संदीप जायसवाल ने जमीन का एग्रीमेंट कर 1 लाख 41 हजार का धोखाधडी किया है। जमीन कहां है..इसकी जानकारी आरोपी को भी नहीं है।ना ही वह जमीन की जानकारी ही दे रहा है। 
                  इसी तरह प्रकरण के आरोपी ने अन्य व्यक्ति रानी भगत से दो लाख चौरासी हजार रूपए, सरीता यादव से एक लाख अन्ठानबे हजार रूपए, सीताराम देव से एक लाख पचास हजार रूपए, भूरी गंधर्व से एक लाख रूपए, हीरा कश्यप से 51 हजार रूपए लेकर वापस नही किया है।  सिर्फ चेक देता है । और आज दुंगा कल ढूंगा कहकर सभी को घुमा रहा है। 
              आरोपी जायसवाल कन्स्ट्रक्सन नाम से दुकान खोलकर आम लोगों को प्रापर्टी दिलाउंगा कहकर आवासीय भूखण्ड का नक्शा खसरा बताकर अवैध ठगी कर रहा है। सरपंडा पुलिस के अनुार शिकायत पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 34 का अपराध दर्ज किया ग
       वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर धरकपड का अभियान चलाया गया। आरोपी संदीप जायसवाल को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया चुका है। मुखबीर की सूचना पर फरार आरोपी संतोष जायसवाल को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान जुर्म स्वीकार करने के बाद आरोपी को न्यायालय के हवाले किया गया है। 

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