मेरा बिलासपुर

दिल्ली में फिर हुआ छत्तीसगढ़ का सम्मान..मोर मयारू गुरूजी को राष्ट्रीय अवार्ड..मंत्री अनिला,आयोग अध्यक्षने कहा.अभियान को मिली ताकत..योजना का करेंगे विस्तार

बिलासपुर—नई दिल्ली में एक बार फिर छत्तीसगढ़ के अभियान को दिग्गजों ने सफलता का तमगा लगाया है। छत्तीसगढञ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के मोयर मयारू गुरूजी अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच सिल्वर अवार्ड से सम्मानित किया गया है।  इंडिया हैबिटेट सेन्टर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री अनिला भेड़िया छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तेजकुंवर नेताम और सदस्य पूजा खनूजा ने शिरकत किा। सभी पदाधिकारियों ने गरिमामय वातावरण में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के लिए राष्ट्रीय स्कोच रजत सम्मान हासिल किया। 
 
     छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के ’’मोर मयारू गुरूजी’’ कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर स्कोच सिल्वर अवार्ड से सम्मानित किया गया। 19 दिसम्बर को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेन्टर में गरिमामय कार्यक्रम के दौरान स्कोच फाउण्डेशन से महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री अनिला भेड़िया, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तेजकुंवर नेताम ने सम्मान हासिल किया। इस अवसर पर आयोग के सचिव प्रतीक खरे और आयोग की सदस्य पूजा खनूजा विशेष रूप से उपस्थित थी। कार्यक्रम में देश भर के वरिष्ठ उच्चाधिकारी,आई.ए.एस., आई.पी.एस. और शासकीय संस्थाओं के बड़े पदाधिकारी सैकड़ों की संख्या में मौजूद थे।
 
                    कार्यक्रम में  स्कॉच फाउण्डेशन के पदाधिकारियों ने मंत्री अनिला भेड़िया और आयोग की अध्यक्ष तेजकुंवर का शाल पहनाकर सम्मानित किया गया। मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा कि शिक्षकों को बच्चों की मानसिकता को देखकर समझकर व्यवहार करना चाहिए। इस बात को ध्यान में ही रखकर ही मोर मयारू गुरूजी कार्यक्रम आरंभ किया गया। उन्होने दुहराया कि सम्मान मिलने से यह जाहिर हो गया है कि अभियान की दिशा और दशा ठीक है। हम इसमें नया प्रयोग करेंगे। बच्चों के हित में जो भी उचित और फायदेमन्द होगा…उसी के अनुसार मोर मयारू गुरूजी अभियान को दिशा देंगे।
 
              समारोह में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और वन विभाग बालोद को भी अवार्ड दिया गया। भेड़िया ने बताया कि अक्सर  देखने मे आता है कि जब भी सरकार हित में कुछ नया करना चाहती है..तब तब आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन सब कुछ ठीक हो जाता है जब काम को राष्ट्रीय स्तर पर लोगों से सराहना मिलती है..हौसला बढ़ता है..कुछ नया करने का साहस भी मिलता है। 
 
             जानकारी देते चलें कि राष्ट्रीय स्कोच अवार्ड राष्ट्रीय स्तर पर दिया जािना वाला अत्यंत प्रतिष्ठित सम्मान है। सात चरणों की कठिन प्रक्रिया के बाद ही राष्ट्रीय स्कॉच सिल्वर अवार्ड हासिल होता है।  एक श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर केवल दो या तीन अवार्ड ही दिये जाते हैं । महिला एवं बाल विकास और बाल संरक्षण के क्षेत्र में ’’मोर मयारू गुरूजी’’ कार्यक्रम के नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पसंद किया गया।
 
                अनिला भेड़िया ने कहा कि ’’मोर मयारू गुरूजी’’ कार्यक्रम के तहत बताया जाता है कि पठन पाठन के दौरान बच्चों पर शिक्षकों का मनौवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है।शिक्षकों की जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों के सामने विषय वस्तु की जानकारी बेतहत और रूचिकर अंदाज में रखें। बच्चों को नैतिकता और उत्तम चरित्र प्रदान करें। बाल अधिकारों का सम्मान करें। आयोग ने अब तक मोर मयारू गुरूजी कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न जिलों और राज्य स्तर पर लगभग 2000 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया  है। भविष्य में अभियान को जिला स्तर तक विस्तार किया जाएगा। मंत्री अनिला भेड़िया ने राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को सम्मानित किए जाने को लेकर स्कोच फाउंडेशन को धन्यवाद भी दिया ।

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