फिर लहराया छत्तीसगढ़ ने देश में परचम,आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में दो श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम पुरस्कार

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के नेतृत्व में आयुष्मान भारत के अलग-अलग प्लेटफार्म पर भी छत्तीसगढ़ लगातार कीर्तिमान रच रहा है। सोमवार को दिल्ली में आयोजित आरोग्य मंथन के आयोजन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर के दो पुरस्कार प्राप्त हुये है। दोनो ही श्रेणियों में छत्तीसगढ़ ने देश के अन्य राज्यों को पछाड़ दिया है।
छत्तीसगढ़ राज्य आयुष्मान भारत योजना के प्रत्येक कार्य क्षेत्र मे अपनी उपलब्धियों का परचम लहरा रहा है। दिल्ली में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के चार वर्ष पूर्ण होने पर व आयुष्मान भारत डिजीटल मिशन के एक वर्ष पूर्ण होने पर दो दिवसीय आरोग्य मंथन का आयोजन हुआ। इस दौरान राज्य में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से उपचारित कुल हितग्राहियों में से 58 फीसदी महिलाओं को उपचार दिलाया है।

छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। लैंगिक समानता को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को इतनी बड़ी संख्या में योजना के माध्यम से उपचार देने वाला देश का इकलौता राज्य है। इसके लिये राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा आयुष्मान उत्कृष्ठता पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत डिजीटल मिशन में छत्तीसगढ़ ने नौ हजार से ज्यादा शासकीय अस्पतालों का पंजीयन कर लिया है। इसके लिये भी राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर आयुष्मान उत्कृष्ठता पुरस्कार प्रदान किया गया है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के हाथों मिला पुरस्कार
छत्तीसगढ़ की ओर से सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग आर. प्रसन्ना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सह संचालक स्वास्थ्य सेवायें भीम सिंह, उपसंचालक राज्य नोड़ल एजेंसी डाॅ. श्रीकांत राजिमवाले ने यह पुरस्कार केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख भाई मांडविया के हाथों ग्रहण किया। इस दौरान नीति आयोग के अधिकारी अन्य राज्यों से आये स्वास्थ्य महकमें के सचिव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी समेत योजना से जुड़े हुये देशभर के प्रतिनिधि मौजूद थे। नई दिल्ली स्थित अशोका होटल में दो दिवसीय आरोग्य मंथन 2022 का आयोजन हुआ। 25 सितम्बर 2022 से प्रारंभ होकर 26 सितम्बर 2022 तक यह आयोजन चला।

क्या है डिजीटल मिशन
आयुष्मान भारत डिजीटल मिशन के माध्यम से इलेक्टॅªानिक हेल्थ कार्ड निर्मित किये जाने है। जिसके जरिये मरीज के जांच संबंधित सारे दस्तावेज ऑनलाईन उपलब्ध रहेंगे। कार्ड के माध्यम से इन दस्तावेजों को किसी भी अस्पताल के चिकित्सक देख सकेंगे। साथ ही अपने मोबाइल पर मरीज खुद भी अपनी जांच संबंधित सभी दस्तावेज देख सकेगा। मरीज को दस्तावेजी औपचारिकताओं से ये इलेक्टॅ्ानिक हेल्थ कार्ड निजात दिला देगा। इस दिशा मे छत्तीसगढ़ तेजी से काम कर रहा है। जिसके सकारात्मक परिणााम राज्य के निवासियों को बहुत जल्द नजर आने लगेेंगे।

पूर्व मे भी मिले है चार पुरस्कार
छत्तीसगढ़ को गत वर्ष भी राष्ट्रीय स्तर पर चार श्रेणियों मे राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। छत्तीसगढ़ अपनी यह उपलब्धि लगातार कायम किये हुये है। राष्ट्रीय स्तर पर पिछले वर्ष छः श्रेणियां तय की गई थी, जिनमें से चार में छत्तीसगढ़ ने अपनी धाक कायम कर दिखाई थी। यह सिलसिला अब तक जारी है।

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