कलेक्टर ने प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर की महिलाओं का हौसला अफजाई

रामानुजगंज(पृथ्वीलाल केशरी)-संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में कलेक्टर श्याम धावड़े की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थीं। बैठक में पोषण अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन तथा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, पूरक पोषण आहार, गर्भवती तथा शिशुवती माताओं के लिए सूखा राशन वितरण की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कुपोषण की दर में कमी आयी है तथा जिसे आगे भी अनवरत जारी रखना है। उन्होंने रेडी टू इट तथा अन्य अतिरिक्त पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच कर इसका नियमित वितरण सुनिश्चित करने को कहा।

कलेक्टर श्याम धावड़े ने पोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से गर्भवती, शिशुवती माताओं तथा कुपोषित बच्चों की उचित देखभाल तथा उन्हें जागरूक करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन तथा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को 10-10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित कर उनकी हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा कि सुपोषण अभियान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है जिसकी निरंतर समीक्षा कर क्रियान्वयन का आकलन किया जा रहा है। सुपोषण अभियान केवल आपका शासकीय ही नहीं अपितु सामाजिक एवं नैतिक दायित्व भी है, इसके सफल क्रियान्वयन के लिए समर्पित होकर कार्य करें ताकि हम अपने नौनिहालों का सुपोषित एवं स्वस्थ जीवन दे पाएं।

अनाजों में सभी पोषक तत्वों का होना जरूरी

कलेक्टर श्याम धावड़े ने अधिकारियों को रेडी टू ईट निर्माण स्थल का निरीक्षण कर उसमें शामिल किये जाने वाले सभी अनाजों की उचित मात्रा सही अनुपात में सुनिश्चित करने को कहा ताकि उसमे सभी पोषक तत्वों का समावेश हो। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी तथा नियम अनुसार करने को कहा। भर्ती प्रक्रिया पूर्ण रूप से स्पष्ट है अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योग्य अभ्यर्थियों का ही चयन हो।

कुपोषण मुक्त हुआ चेरवाडीह पंचायत-प्रधान

जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी जे.आर.प्रधान ने कलेक्टर को बताया कि सुपोषण अभियान के बारे में जानकारी देने के लिए चैपाल का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पंचायतों को कुपोषण मुक्त करने का जो संकल्प लिया गया था उस दिशा में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। ग्राम पंचायत चेरवाडीह तथा उलिया कुपोषण मुक्त हो चुके हैं तथा आगे अन्य पंचायतों को भी कुपोषण मुक्त बनाने को संकल्पित हैं ताकि हमारा जिला शत्-प्रतिशत कुपोषण मुक्त के लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत घरों में पोषण वाटिका का बन चुका है तथा शेष परिवारों में भी पोषण वाटिका बनाने का कार्य जारी है। इसके साथ ही जिन कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल की आवश्यकता है उनके लिए पोषण पुर्नवास केन्द्र स्थापित किये गये हैं। पोषण पुर्नवास केन्द्र एक ऐसी आवासीय व्यवस्था है जिसमें बच्चे तथा उसकी मां के लिए पोषण आहार एवं विशेष देखभाल के साथ ही स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जाती है।
इस अवसर पर समस्त परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सम्मनित होने वाली कर्मचारी सहित विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।

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