नक्सलगढ़ अबूझमाड़ में लगा कलेक्टर जनदर्शन,जनदर्शन में मिले 165 आवेदन,500 से अधिक हितग्राहियों को सामग्री वितरण

नारायणपुर – अबूझमाड़ के विषम भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सलवाद से जूझ रहे आदिवासी बाहुल क्षेत्र में ग्रामीणों की समस्या सुनने और उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने पहली बार नक्सलगढ़ ओरछा में कलेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी ने जनदर्शन लगाई और उनकी समस्याओं को सुना और तत्काल शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने अधिकारियों को निर्देशित किया है। कलेक्टर जनदर्शन में 165 आवेदन प्राप्त हुए एवं 500 से अधिक हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया गया। ग्रामीणों की समस्या का मौके पर ही निराकरण होने से ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ा है। नवपदस्थ कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। अंदरूनी क्षेत्रों तक जाकर आदिवासियों के बीच चर्चा कर निर्णय लेने का फैसला कारगर दिखाई देने लगा है।

कलेक्टर गांव की समस्या से रूबरू होने के लिए दूरस्थ इलाकों में जा-जाकर उनसे पूछ-पूछ कर कार्य स्वीकृत कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण आदिवासियों का विस्वास भी जीता जा रहा है। जहां दिन में भी अधिकारी-कर्मचारी अबूझमाड़ में जाना नहीं चाहते, वहां अब 3 दिवस विकासखण्ड मुख्यालय में रहकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बाजार दिवस पर सप्ताह में 1 दिन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भी बैठेंगे। जिससे लोग शासन की किसी योजनाओं से वंचित न रहे। ओरछा में आज जनदर्शन लगाने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि आज बाजार का दिन होता है, आस-पास के ग्रामीण कई किलोमीटर तक पैदल चलकर यहां आते हैं इसलिए आज जनदर्शन लगाकर लोगो की समस्याओं से कलेक्टर अवगत हो रहे ताकि गांव की हकीकत जान सके और ग्रामीणों की परेशानी सुनकर समाधान निकाला जा सके। नारायणपुर जिले का अबूझमाड़ वही क्षेत्र है, जो देश दुनिया के लिए अभी भी रहस्य बना हुआ है।

ओरछा में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में दूर-दराज से आये 165 ग्रामीणों द्वारा सोलर पंप स्थापना, भूमि समतलीकरण, मनरेगा के तहत डबरी एवं तालाब निर्माण, राशन कार्ड एवं राशन कार्ड में सुधार, आधार कार्ड पंजीयन एवं आधार कार्ड में सुधार, पेंशन, रोजगार प्रदाय करने, हेतु आवेदन सहित क्षेत्र की विद्युत, पेयजल, सड़क, पुल-पुलिया, नाली, आयुष्मान कार्ड, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र एवं सहायक उपकरण आदि के संबंध में आवेदन प्राप्त हुए। वहीं शिविर में 500 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न विभागों द्वारा सामग्री, प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। जनदर्शन में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा मूंगबीज मिनीकिट वितरण, श्रम विभाग द्वारा श्रमिक पंजीयन कार्ड एवं सिलाई मशीन, उद्यानिकी विभाग द्वारा उद्यानिकी टूलकिट, सब्जी बीज मिनीकिट एवं फलदार पौधे, खाद्य विभाग द्वारा नवीन राशनकार्ड एवं राशन कार्ड में सुधार, पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुपालकों को पूरक पशु आहार, कृषि विभाग द्वारा मक्का बीज मिनीकिट एवं दवाई वितरण, क्रेडा विभाग द्वारा 5 एचपी के सोलर पंप, तहसील ओरछा द्वारा जाति तथा निवास प्रमाण पत्र तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजनों को सहायक उपकरणों का वितरण किया गया।

35 किलोमीटर पैदल आये केयेराम को मिली पेंशन की मंजूरी

कलेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी ने ओरछा विकासखंड अंतर्गत आने वाले गांवों के ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने एवं उनका निराकरण करने आज ओरछा में कलेक्टर जनदर्शन का आयोजन किया। ओरछा के गांवों के लोगों को जैसे ही जानकारी मिली की आज ओरछा मुख्यालय में कलेक्टर स्वयं उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। 30-35 किलोमीटर दूर से पैदल चलकर ग्रामीण अपनी समस्याओं लेकर जनदर्शन में कलेक्टर के पास पहुंचे। चर्चा करने पर ओरछा से लगभग 35 किलोमीटर दूर गट्टाकाल निवासी केये पिता कोहला ने बताया कि वह कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में वृद्धावस्था पेंशन हेतु आवेदन देने आया है। कलेक्टर ने उसके आवेदन पर कार्यवाही कर इसी माह से उसे वृद्धावस्था पेंशन प्रदान करने की मंजूरी दी है। केयेराम ने कहा कि मेरी मेहनत का फल मुझे मिल गया है, अब पेंशन की पैसों से मैं अपनी छोटी-छोटी जरूरतों की पूर्ति कर सकूंगा। पेंशन स्वीकृत करने पर केयेराम ने कलेक्टर को धन्यवाद दिया है।

पेंशन प्राप्त करने आयी दिव्यांग शांति को मिलेगा कम्प्यूटर प्रशिक्षण

कलेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी ने ओरछा विकासखंड अंतर्गत आने वाले गांवों के ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने एवं उनका निराकरण करने आज ओरछा में कलेक्टर जनदर्शन का आयोजन किया। जनदर्शन कार्यक्रम में अपनी समस्याओं से अवगत कराने जहां एक ओर सामान्य लोग आ रहे थे। वहीं ओरछा में रहने वाली कुमारी शांति भी अपना आवेदन लेकर जनदर्शन में आयी। शांती बताती है कि यह पहला मौका है जब कोई कलेक्टर ओरछा में आकर हमारी समस्याओं को सुन रहा है और तत्काल उनका निराकरण भी कर रहा है। शांति दिव्यांगजन पेंशन हेतु आवेदन लेकर कलेक्टर के पास पहुंची। कलेक्टर ने बड़ी ही सादगी से उससे बातचीत करते हुए उसकी शैक्षणिक योग्यता सहित अन्य योग्यताओं के बारे में पूछा। शांति ने बताया कि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण है, जिस पर कलेक्टर ने कहा कि पेंशन तो तुम्हें मिलेगा ही। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को बुलाकर सहायक उपकरण प्रदान करने एवं शांति को कम्प्यूटर को कोर्स करवाने के निर्देश अधिकारियेां को दिये। शांति ने कहा कि मैं तो सिर्फ यहां पेंशन प्राप्त करने के लिए आयी थी। कलेक्टर साहब ने तो मेरी पूरी किस्मत ही बदल दी। मैं कलेक्टर सर की जीवन भर आभारी रहूंगी।

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