झीरम घाटी नक्सली हिंसा की जाँच के लिए गठित आयोग में दो सदस्य शामिल,6 महीने में अपनी रिपोर्ट देगा आयोग

रायपुर। झीरम घाटी मामले की जांच के लिए गठित जाँच आयोग में छत्तीसगढ़ सरकार ने दो  सदस्य शामिल किए हैं। नए सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई है। जांच आयोग 6 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को पेश करेगा।

छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि झीरम घाटी में 25 मई 2013 को हुई नक्सली हिंसा की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था। जांच आयोग के सचिव की ओर से इसी साल 23 सितंबर को अवगत कराया गया कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है इसलिए समय बढ़ाया जाए। न्यायिक जांच आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर 2021 को समाप्त हो चुका है। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार मिश्रा स्थानांतरित होकर मुख्य न्यायाधीश आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में पदभार ग्रहण कर चुके हैं। इसलिए राज्य शासन द्वारा जांच आयोग में 2 नए सदस्य नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। 2 सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के  अध्यक्ष न्यायमूर्ति सतीश के. अग्निहोत्री होंगे और सदस्य न्यायमूर्ति जी मिनहाजुद्दीन पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय बिलासपुर होंगे।

आयोग इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 6 माह के भीतर अपनी जांच पूरी करेगा और राज्य शासन को रिपोर्ट सौंपेगा। जांच के दौरान तकनीकी विषय बिंदुओं पर आयोग किसी संस्था विशेषज्ञ की सहायता ले सकेगा। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि राज्य शासन की ओर से पूर्व में जारी अधिसूचना के बिंदुओं के अतिरिक्त तीन बिंदु और शामिल किए गए। जिसमें य़ह भी शामिल है कि क्या घटना के पश्चात पीड़ितों को समुचित चिकित्सा की व्यवस्था उपलब्ध कराया गया था। ऐसी घटनाओं की पुर्नावृत्ति को रोकने के लिए क्या समुचित कदम उठाए गए थे। अन्य बिंदु आयोग या राज्य शासन के पारिस्थितिक आवश्यकता अनुसार निर्धारित किए जाएंगे।

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