UP पर 6.91 लाख करोड़ का कर्ज, पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े,कांग्रेस नेता ने पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने रविवार को बीजेपी पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने उत्तर प्रदेश में गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई क्षेत्रों के आंकड़े पेश कर सरकार पर निशाना साधा. चिदंबरम ने कहा कि इस यूपी पर 6.91 लाख करोड़ का कर्ज है, जिसमें से 40 प्रतिशत योगी सरकार की देन है. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में चिदंबरम ने कहा, “आज उत्तर प्रदेश में पांचवें चरण का मतदान हो रहा है. बहुत ही मेहनत से यह चुनाव लड़ा जा रहा है. चार प्रमुख पार्टियां हैं, जो यहां चुनाव लड़ रही हैं और अपनी-अपनी बात मतदाताओं के सामने रख रही हैं. “

चिदंबरम ने कहा, “कांग्रेस पार्टी लगभग सारी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. प्रियंका गांधी ने जो प्रचार और संवाद यहां किया, उसमें ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ नारा देकर पूरे देश में एक नया आयाम जोड़ा. इससे पूरे देश की राजनीति एक तरह से करवट बदलती दिखाई दे रही है. मैंने इस चुनाव को देखा और समझा, नेताओं के भाषण सुने और उसके मद्देनजर मैं यूपी के भविष्य को लेकर चिंतित और आशंकित हूं.”

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि योगी सरकार एक तानाशाही सरकार है, जिसमें महिला सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं रह गई है और प्रदेश में जातीय और मजहबी उन्माद फैलाया जा रहा है. चिदंबरम ने यूपी की जनता से कहा कि आपका राज्य एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है और अगर आप सही बटन दबाएंगे तो परिवर्तन आएगा और भविष्य में भी जारी रहेगा. उन्होंने दावा किया कि यूपी में जो जीडीपी 2017 में 11.4 प्रतिशत था, वह अब घटकर -6.4 प्रतिशत हो गया है और प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय आय की आधी रह गई है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि योगी सरकार में प्रति व्यक्ति आय 1.9 प्रतिशत घट गई है और यूपी पर 6 लाख 62 हजार 91 करोड़ का कर्ज है, जिसमें से 40 प्रतिशत मौजूदा सरकार की देन है. चिदंबरम ने कहा, “यूपी बड़ी आबादी वाला राज्य है और देश में सबसे मेहनतकश लोग यहां पाए जाते हैं. आठ प्रधानमंत्री इस प्रदेश ने देश को दिए, लेकिन आज भी यूपी गरीब है, इसके लोग गरीब हैं. आर्थिक व सामाजिक पैमाने पर यूपी पूरे देश में निचले पायदान पर है और यह देखकर अफसोस होता है.”

चिदंबरम ने कहा कि नीति आयोग का जो बहुआयामी गरीबी सूचकांक का आंकड़ा आता है, वह दिखाता है कि यूपी की 37.9 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे है. 12 जिलों में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत से अधिक है और इनमें से तीन जिलों-श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर में यह 70 प्रतिशत से ज्यादा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान नई पीढ़ी को हो रहा है, क्योंकि यूपी में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर है. उन्होंने दावा किया कि अप्रैल 2018 से राज्य में बेरोजगारी दर दहाई के आंकड़े में आ गई है और हर चार में से एक नौजवान बेरोजगार है. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार खाली पदों को नहीं भर रही है, क्योंकि नौकरी देना उसकी नीयत में नहीं है. उत्तर प्रदेश का हर 16वां व्‍यक्ति अपने राज्य, अपने गांव को छोड़कर नौकरी के लिए बाहर जाता है.

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि 2 लाख 77 हजार शिक्षकों की कमी जिस राज्य में हो, वहां शिक्षा का स्तर कैसा हो सकता है. उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में बदहाली की तस्वीर पेश की और यूपी के मतदाताओं से सवाल किया कि क्या आप सोचकर वोट दे रहे हैं, क्‍या जब आप मतदान के लिए जाते हैं तो आपके सामने ये आंकड़े होते हैं, इन्हें देखकर आप किसे वोट देंगे. 

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