श्रद्धा के साथ कांग्रेसियों ने किया भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री को याद ..नेताओं ने कहा..आधुनिक भारत के स्वप्नदृष्टा थे राजीव..अमन शांति के थे दूत

बिलासपुर— भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री की पुण्यतिथि को कांग्रेसियों ने शहादत दिवस के रूप में मनाया। कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए जिले के दिग्गज नेता और प्रदेश पदाधिकारियों ने राजीव गांधी चौक पहुंचकर राजीव गांधी को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यर्पण भी किया। साथ उनके जीवन पर प्रकाश भी डाला। 
 
         कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी की पुण्य तिथि को शहादत दिवस के रूप में मनाया। सभी नेता राजीव गांधी चौक पहुंचकर भारत रत्न को याद नम आंखों से याद किया । साथ राजीव गांधी के जीवन पर प्रकाश भी डाला। बताते चलें कि 21 मई को पेरम्बदूर में एक आत्मघाती दस्ता के चपेट में आने से राजीव गांधी समेत कई लोगों को जान चली गयी। 
 
                 राजीव गांधी की 30 वीं पुण्यतिथि पर महापौर रामशरण यादव, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव समेत शहर विधायक शैलेश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिह चौहान, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद नायक, प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर, पैक्स बैंक अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर, पूर्व विधायक चन्द्रप्रकाश बाजपेयी ,सभापति शेखनजीरूद्दीन, अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
 
                       सभी कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर बारी बारी से श्रद्धा के साथ मल्यार्पण करने के साथ देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। मेयर रामशरण यादव ने कहा कि राजीव गांधी ने सबसे पहले आधुनिक भारत का खाका तैयार किया। उन्होने ही भारत को दुनिया में अग्रणी राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया। राजीव गांधी 1984 से 1989 तक देश के प्रधानमंत्री बने। तत्कालीन समय दुनिया के सबसे युवा प्रधानमंत्री होने का खिताब हासिल किया। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्होंने देश की कमान संभाली थी। राजीव गांधी को भारत में कंप्यूटर क्रांति का जनक कहा जाता है। सत्ता विकेन्द्रीकरण का सबसे पहला सपना राजीव गांधी ने ही देखा। ना केवल देखा बल्कि उसे अमली जामा भी पहनाया। आज देश की जनता उन्हे और उनके योगदान को नमन करती है।
 
                   अटल श्रीवास्तव ने कहा कि राजीव गांधी ने हमेशा अलगाववादी विचारों को बड़ा घातक मानते थे। उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए पंजाब से आतंकवाद, असम की समस्या का निराकरण किया। मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट अलगाव विचार को हमेशा के लिए  शांत किया। राष्ट्रीय समस्याओं को राजीव गांधी ने हल करते हुए सभी जगह प्रजातांत्रिक मूल्यों को स्थापित किया। आज मिजोरम साक्षरता में केरल के बाद दूसरा स्थान रखता है । तत्कालीन युवा प्रधानमंत्री ने देश के साथ साथ पड़ोसी देशों में भी शांति और विकास के पक्षकार थे। श्रीलंका में शांति सेना भेजी। लेकिन राजीव गांधी ने कभी भी राजीव अपनी सीना की चौड़ाई नही बताई। क्योकि उन्हें देश और देश की जनता से बेहद प्रेम करते थे। वह भारत को विश्व पटल पर अग्रणी राष्ट्र के रूप  में देखना चाहते थे। जहां विकास ,रोजगार, उद्योग, कल कारखाना, उन्नत कृषि,आधुनिक शिक्षा से शिक्षित युवा,और सुख शांति हो। 
 
राशन सेनेटाइजर का वितरण
 
             प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, अपैक्स बैंक अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर ,शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक, महापौर रामशरण यादव ,ज़िला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान,सभापति शेख नजीरुद्दीन ,प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय, पूर्व शहर अध्यक्ष नरेंद्र बोलर  ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार एमआईसी सदस्य राजेश शुक्ला , एमआईसी सदस्य बजरंग बंजारे,  पार्षद अमित सिंह के वार्ड में और रेलवे क्षेत्र में  जाकर मास्क,सैनिटाइजर , साबुन, सूखा राशन, आदि का जरूरतमन्दों को वितरण किये ।           

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