Home Loan का चुनाव करते समय इन कारकों पर करें विचार

Shri Mi

Home Loan एक लंबे समय की देनदारी है। ऐसा देखा जाता है कि यह ज्यादातर एक बड़ी राशि होती है जो 15 – 25 सालों तक चलती है। अगर आप इसे तेजी से भुगतान करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कुछ खास स्ट्रैटेजी पर काम करना होगा। जब होम लोन की बात आती है, तो ज्यादातर होम लोन उधारकर्ता सबसे लंबी अवधि का विकल्प चुनते हैं

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ताकि वह Home Loan की समान मासिक किस्त (ईएमआई) आसानी से चुका सकें। हालांकि, लोन अवधि जितनी लंबी होगी, आपके लोन पर कुल ब्याज उतना ही ज्यादा होगा। ऐसे में समझदारी यही है कि होम लोन का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए ताकि यह फायदेमंद हो। ज्यादा ब्याज न चुकाना पड़े। आइए, यहां कुछ बातों पर गौर करते हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं।

जब भी आप Home Loan का चुनाव करें तो उसमें आपको उन सभी कारकों पर विचार करना चाहिए जिनमें ब्याज दर महत्वपूर्ण है। आप ऐसे ऋणदाता के पास जा सकते हैं जो होम लोन पर कम ब्याज दर लेता है। अगर आपके होम लोन की ब्याज दर मौजूदा बाजार दर से ज्यादा है, तो आप कम ब्याज दर पर लोन देने वाले बैंक या फाइनेंस कंपनी के पास जाकर होम लोन के बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प चुन सकते हैं। कम ब्याज दर के साथ, आप उसी ईएमआई राशि का भुगतान करके अपने लोन का तेजी से भुगतान कर सकते हैं, जो आप बैलेंस अमाउंट ट्रांसफर होने से पहले भुगतान कर रहे थे।

आमतौर पर घर के लिए डाउन पेमेंट घर के मूल्य का 25% तक हो सकता है। अगर आपके पास पर्याप्त बचत है और आप एडवांस पेमेंट के लिए 25% से ज्यादा का भुगतान करने में सक्षम हैं, तो आप कम लोन राशि के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसका फायदा यह मिलेगा कि ब्याज राशि कम हो जाएगी और आपकी मासिक किस्त राशि भी कम हो जाएगी

Home Loan का तेजी से भुगतान करने का एक दूसरा विकल्प छोटी लोन अवधि का विकल्प चुनना भी है। लेकिन अगर आप छोटी लोन अवधि चुनते हैं तो आपको अधिक ईएमआई का भुगतान करना होगा। आखिरी कैलकुलेशन में छोटी अवधि में चुकाया गया लोन आपको सस्ता पड़ेगा। आपको ब्याज की राशि कम चुकानी होती है।

आपके पास सरप्लस पैसा है तो होम लोन का तेजी से भुगतान करने का सबसे आसान तरीका आंशिक पूर्व भुगतान करना है। आईसीआईसीआई बैंक की खबर के मुताबिक, आंशिक पूर्व भुगतान करने से लोन की बकाया राशि और इस प्रकार ब्याज राशि कम करने में मदद मिलती है।

अगर आप Home Loan की लागत घटाना चाहते हैं, तो आयकर (आईटी) अधिनियम के तहत उपलब्ध विभिन्न टैक्स कटौती का इस्तेमाल करें। धारा 80सी के मुताबिक, आप एक वित्तीय वर्ष में होम लोन के पुनर्भुगतान के लिए भुगतान की गई मूल राशि पर 1.5 लाख रुपये तक टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा धारा 24(बी) के तहत, आप एक वित्तीय वर्ष में होम लोन पर चुकाई गई 2 लाख रुपये तक की ब्याज राशि पर टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं।

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पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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