सीएसआईडीसी को तत्काल मिलेगा एक लाख मेट्रिक टन कोयला,उद्योग संघ प्रतिनिधि मंडल से चर्चा के बाद एसईसीएल सीएमडी ने जारी किया आदेश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया की अगुवाई में उद्योगपतियों ने बुधवार को एसईसीएल हेड क्वार्टर में सीएमडी ए के पंडा से मुलाकात की और उद्योगों को कोयला मुहैया कराने की मांग की। कोयला संकट पर विस्तार से हुई चर्चा के बाद एसईसीएल सीएमडी ने तत्काल आदेश जारी करते हुए कहा कि सीएसआईडीसी के जरिए कोयला लेने वाले उद्योगपतियों को हर साल की तरह इस साल भी तत्काल एक लाख मैट्रिक टन कोयला दिया जाए। सीएमडी की इस घोषणा पर उद्योगपतियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार माना।

बुधवार को उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधि मंडल एसईसीएल सीएमडी से मिला। जिसमें छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीश केडिया ,जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष वृजमोहन अग्रवाल ,महासचिव शरद सक्सेना, कोल उपभोक्ता लघु उद्योग पति मुकेश अग्रवाल ,विकास केजरीवाल आदि शामिल थे । उन्होंने सीएमडी को एक ज्ञापन सौंपा और लघु उद्योगों के सामने उत्पन्न कोयला संकट के बारे में लंबी बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने जानकारी दी कि कोयला आधारित लघु उद्योगों को बंद या बीमार होने से बचाने के लिए सार्थक पहल की जरूरत है। छत्तीसगढ़ सरकार के उद्योग विभाग का सीएसआईडीसी राज्य के लघु उद्योगों को कोयला प्रदाय करने के लिए स्टेट एजेंसी है। जिसके जरिए एसईसीएल का कोयला छत्तीसगढ़ के लघु उद्योगों को वितरित किया जाता है। इस साल का कोयला आवंटन एसईसीएल की ओर से अभी तक सीएसआईडीसी को नहीं दिया गया है। जिसकी वजह से लघु उद्योग संकट में आ गए हैं। रोलिंग मिल, चुना उद्योग जैसे सभी उद्योगों पर इसका असर पड़ा है। सिर्फ पावर सेक्टर को कोयला दिए जाने के कारण अन्य क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होने कहा कि लघु उद्योग ( एसएमई सेक्टर ) भारत सरकार राज्य सरकार सहित सभी विभाग द्वारा प्राथमिकता वाला क्षेत्र घोषित किया गया है। इसके मद्देनजर पावर सेक्टर के साथ ही साथ बहुत कम कोयला की आवश्यकता वाले एसएमई सेक्टर को भी कोयला मुहैया कराने की जरूरत है। सीएसआईडीसी के जरिए राज्य के लघु उद्योगों को अधिकतम सिर्फ एक लाख़ टन कोयला सालाना दिया जाता है। ज़ो कि कोयला कंपनी के उत्पादन का 0.1% से भी कम है। यह सभी को मालूम है कि पिछले 2 साल से कोविड-19 के गंभीर संकट के कारण लघु उद्योग वैसे भी परेशान हैं। आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं । अधिकांश समय लघु उद्योग बंद रहने की वजह से कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। बैंकों का कर्ज भी बढ़ता जा रहा है। आधे श्रमिक बेरोजगार हैं।

उद्यमियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का सर्वाधिक कोयला उत्पादन वाला राज्य है । लघु उद्योगों के सामने अभी तक कोयला संकट नहीं आया था। लेकिन मौजूदा संकट को देखते हुए छत्तीसगढ़ के कोयला उपभोक्ता लघु उद्योगों के लिए तत्काल सीएसआईडीसी को कोयला आवंटन आदेश जारी किया जाए। इस मुद्दे पर चर्चा के बाद एसईसीएल सीएमडी ए के पंडा ने तत्काल आदेश जारी कर सीएसआईडीसी के जरिए कोयला लेने वाले उद्योगपतियों को तत्काल एक लाख मैट्रिक टन कोयला मुहैया कराने कहा है।।

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