मेरा बिलासपुर

विकास की नई इबारत लिखेगा सीयू- प्रो. चक्रवाल, केन्द्रीय विश्वविद्यालय में तीन नये भवनों का शिलान्यास

बिलासपुर। गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) में 14 दिसंबर को सुबह 11 बजे तीन नये भवनों का शिलान्यास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. नीलांबरी दवे पूर्व कुलपति सौराष्ट्र विश्वविद्यालय उपस्थित रहीं। अन्य मंचस्थ अतिथियों में कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव, सीपीडब्ल्यूडी के एसई दुर्गा प्रसाद कोन्हेर, ईई संतोष मिश्रा, ईई विजय चौहान, ईई अभिषेक गोपाल, इंजीनियर पी.सी. जैन एवं सच्चिदानंद बरिहा उपस्थित थे।
अतिथियों द्वारा शिलान्यास स्थल पर भूमि पूजन के उपरांत मंचस्थ अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। अतिथियों का स्वागत एवं परियोजना से जुड़ी जानकारी यांत्रिकी विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. आर.के. चौबे ने प्रदान की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय विकास की नई इबारत लिखेगा। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय देश के किसी भी अग्रणी विश्वविद्यालय के साथ स्पर्धा में शामिल है। सभी के सहयोग और समन्वित प्रयासों से विश्वविद्यालय नित नये प्रतिमान स्थापित कर रहा है।
कुलपति प्रो. चक्रवाल ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय को अकादमिक एवं अधोसंचरना विकास के क्षेत्र में श्रेष्ठतम स्तर पर पहुंचाने के अपने विश्वास को दोहराया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मध्य क्षेत्र के किसी भी अन्य विश्वविद्यालय की तुलना में अधिक तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। हमें गुरु घासीदास विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ राज्य के नाम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी हमारे ब्रेंड एंबेसेडर हैं। हम उन्हें जितनी अधिक स्वतंत्रता, सुविधा और ऊर्जा के सकारात्मक प्रयोग के साधन उपलब्ध कराएंगे वे उतनी ही शक्ति और समर्पण से विश्वविद्यालय के विकास में सहयोगी बनेंगे।
कुलपति प्रो. चक्रवाल के अथक एवं अनवरत प्रयासों के परिणामस्वरूप इन तीनों परियोजनाओँ को दोबारा साकार रूप में लाया जा सका। विश्वविद्यालय में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण की व्यवस्था लागू किये जाने के उपरांत अधोसंरचना विकसित करने हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा यह राशि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय को प्रदान की गई।
तीन भवनों का हुआ शिलान्यास

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व्याख्यान कक्ष भवन का निर्माण भूतल के अलावा चार मंजिल का होगा। इसमें कक्षाओँ के लिए व्याख्यान कक्ष के साथ शिक्षकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसमें उपलब्ध विभिन्न व्याख्यान कक्षों में लगभग दो हजार पांच सौ विद्यार्थी एक साथ बैठकर पढ़ सकेंगे। इसकी लागत लगभग 26.00 करोड़ रुपये है।

बालिका छात्रावास भवन 17.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भूलत के अलावा तीन मंजिल के भवन में 125 कमरे होंगे जिसमें 250 छात्राएं रह सकेंगी। इसके अलावा मनोरंजन कक्ष, अध्ययन कक्ष, भोजन कक्ष आदि की सुविधा भी होगी।

बालक छात्रावास भवन में 125 कमरे होंगे। जिसमें 250 बालक रह सकेंगे। मनोरंजन कक्ष, अध्ययन कक्ष, भोजन कक्ष आदि की सुविधा के साथ यह भवन भतल के अलावा तीन मंजिल का होगा। इसकी लागत भी 17.25 करोड़ रुपये के लगभग है।
60.60 करोड़ रुपये के लगभग की लागत वाले तीनों भवनों के निर्माण का कार्य सीपीडब्ल्यूडी द्वारा मेसर्स एशियन कंस्ट्रक्शन कंपनी अजमेर (राजस्थान) को प्रदान किया किया गया है। कंपनी के वीपी विवेक कुमार सिंह भी शिलान्यास कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इन तीनों भवनों का निर्माण कार्य जनवरी 2024 में पूर्ण होगा।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव, सीएमसी के चेयरमेन प्रो. वी.एस. राठौड़, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के आचार्य प्रो. शैलेन्द्र कुमार, संयुक्त कुलसचिव श्री एच.एन. चौबे, चीफ वार्डन प्रो. प्रदीप शुक्ला तथा अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एम.एन. त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखे।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सूर्यकुमार दादी समन्वयक यांत्रिकी विभाग एवं संचालन डॉ. आर.के. चौबे ओएसडी यांत्रिकी विभाग ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, शिक्षकगण, अधिकारी, छात्रावासों के अधीक्षक एवं सीपीडब्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए ।

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