CG-विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों अनियमित,संविदा,दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों से किए वादे को पूरा करने,सरकार से मांग

रायपुर।भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा की विधानसभा चुनाव के समय जारी कांग्रेस का जन घोषणापत्र अब झूठ का पुलिंदा साबित होता जा रहा है। इस वर्ष 14 मार्च को विधानसभा में जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमने 36 में से 14 वादे पूरे कर दिए हैं पर बाकी बचे 22 वादों की समय सीमा नहीं बता सकते, तब शायद वे यह समझाने का प्रयत्न कर रहे थे कि बाकी बचे 22 वादे हम पूरे नहीं करेंगे। कांग्रेस ने अपने जन घोषणापत्र में संविदा, अनियमित, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों से वादा किया था कि रिक्त पदों पर इनकी नियुक्ति की जाएगी व किसी भी हालत में इनकी छटनी नहीं की जाएगी।

भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि जन घोषणा पत्र में किए वादे के उलट अब बहाने बना कर भूपेश सरकार कह रही है कि 1998 के बाद रखे गए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी नियमितीकरण के पात्र नहीं होंगे। विष्णुदेव साय ने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार विभिन्न सरकारी कर्मचारियों से धोखाधड़ी कर रही है। सबसे पहले उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को कार्य से मुक्त किया। कोरोना में अपनी जान जोखिम में डाल कर 15-15 घंटे कार्य करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 13000 संविदा कर्मचारी इनके वचनधोखे के शिकार हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,जिला अस्पताल में हजारों कर्मी नियमितीकरण की बाट जोह रहे हैं। और पूरा स्वास्थ्य विभाग आज संविदा पर है। प्रदेश में अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों को मात्र 2,000 वेतन दिया जा रहा है। लगभग 47000 सफाई कर्मचारियों में अधिकांश अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। जो केवल अंशकालिक से पूर्णकालिक कर्मचारी बनाए जाने की मांग कर रहे हैं ताकि उनका वेतन 10,000 हो सके। इन सारे विषयों पर सरकार मौन धारण करके बैठी है।

श्री साय ने कहा कि चुनाव से पहले भूपेश बघेल और जन घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष टी एस सिंहदेव ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के मंच पर जाकर घोषणा की थी कि कांग्रेस सरकार बनने के 10 दिनों के अंदर हम सब को नियमित कर देंगे । पर आज 934 दिन बीतने के बाद भी कर्मचारियों को नियमित किए जाने के बजाय विभिन्न कमेटियां बिठाकर इन्हें नौकरी से निकाल रही है। भाजपा अध्यक्ष साय ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों अनियमित, संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों से किए वादे को पूरा करने की सरकार से मांग की है।

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