हमार छ्त्तीसगढ़

प्रदेशभर से आए शिक्षकों का राजधानी में प्रदर्शन,राज्यस्तरीय स्थानांतरण सूची जारी करने,स्थानांतरित शिक्षकों को रिलीव करने की मांग

रायपुर।प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक एलबी संवर्ग ने “छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक/यूडीटी मंच” एवं “शिक्षक एलबी संवर्ग छत्तीसगढ़” संगठन के बैनर तले आक्रामक एवं उग्र प्रदर्शन कर मंत्रालय एवं संचालनालय के घेराव के लिए निकले।अपनी मांगों के लिए दिनभर धरना स्थल पर भाषणबाजी एवं नारेबाजी होती रही। रैली के दरमियान शिक्षकों ने आक्रामक नारेबाजी कर जिला शिक्षाधिकारी हमारी मांगे पूरी करो….. मांगे पूरी करनी होगी …..कवर्धा के स्थानांतरित सभी शिक्षकों को रिलीव करना होगा …… सहायक शिक्षकों का राज्य स्तरीय सूची जारी करना होगा ……. आदि नारों के साथ जबरदस्त हल्ला बोलकर बूढ़ातालाब से होते हुए सप्रेशाला मैदान तक प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारी शिक्षकों को सप्रे शाला मैदान से पहले पुलिस प्रशासन द्वारा बैरिकेट्स लगाकर रोक दिया गया। आंदोलन का नेतृत्व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने किया।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष देवानंद नेताम एवं सदस्य भागीरथी साहू ने मीडिया को बयान जारी करते हुए बताया कि कवर्धा के स्थानांतरित हुए लगभग पौने 200 शिक्षकों में से लगभग 65 शिक्षकों को पहले ही कार्य मुक्त कर दिया गया है। लेकिन 105 शिक्षकों को स्थानांतरण के 2 महीने बाद भी आज पर्यंत कार्यमुक्त नहीं किया गया है।

जबकि उक्त शिक्षक अपने संबंधित स्कूलों एवं संबंधित विकास खंड शिक्षा कार्यालय से कार्य मुक्त हो चुके हैं। कवर्धा डीईओ महेंद्र गुप्ता द्वारा 105 शिक्षकों को जानबूझकर लटका कर रखा गया है। डीईओ महेंद्र गुप्ता द्वारा यह कहा जा रहा है कि राज्य के केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर के द्वारा इन शिक्षकों को कवर्धा से रिलीव करने से मना किया गया है। केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा जब तक इन्हें रिलीव करने का आदेश नहीं देंगे तब तक इन्हें कार्यमुक्त नहीं करूंगा।

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यदि राज्य के केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर के आदेश के बिना 105 शिक्षकों को रिलीव कर दिया तो वे मुझे या तो बस्तर ट्रांसफर कर देंगे या फिर मुझ पर बड़ी कार्रवाई कर डीईओ से देंगे। ऐसा डीईओ कवर्धा का कहना है।
इसी प्रकार राज्य के लगभग 5,000 से अधिक सहायक शिक्षक एलबी संवर्ग ने अन्य जिलों में ट्रांसफर हेतु आवेदन विभाग में लगाया है।

विभाग द्वारा इस वर्ष ट्रांसफर का बैन खुलने के बाद शिक्षक एवं व्याख्याता एलबी संवर्ग का ट्रांसफर सूची जारी कर दिया गया, लेकिन सहायक शिक्षक का आज तक एक भी ट्रांसफर सूची जारी नहीं हुआ है।इन सभी से नाराज प्रदेश के सैकड़ों शिक्षकों ने आज बूढ़ा तालाब में सुबह 11:00 बजे से एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार दिनभर नारेबाजी एवं भाषण बाजी के साथ ही शासन प्रशासन से उनकी मांगों को पूरी करने के लिए प्रदर्शन किया। तत्पश्चात सभी शिक्षक रैली की शक्ल में मंत्रालय/संचालनालय घेराव के लिए निकले।

लेकिन सप्रे शाला मैदान के पास पहुंचते ही भारी पुलिस बल तैनात कर दी गई थी। भारी पुलिस बल द्वारा सभी शिक्षकों को वहीं रोक दिया गया। पुलिस और शिक्षकों में बैरिकेड तोड़ने के लिए झड़प भी हुई। लेकिन शिक्षक बैरिकेट्स पार करने में असफल रहे। वहीं पर आकर स्थानी तहसीलदार ने आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों से उनके मांगों के संदर्भ में ज्ञापन लिया। साथ ही उन शिक्षकों को आश्वस्त किया है कि इनकी मांगों के संबंध में मांग एवं ज्ञापन पत्र तत्काल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव एवं संचालक लोकशिक्षण संचालनालय तक पहुंचा दिया जाएगा।

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इस बीच संगठन के पदाधिकारियों ने साफ साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि आगामी 1 सप्ताह के भीतर इन सब की मांगे पूरी नहीं हुई तो आगामी दिनों में राजधानी रायपुर में काफी उग्र प्रदर्शन करेंगे। साथ ही प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों से सहयोग लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन की ओर चले जाएंगे तथा प्रदेश के समस्त शिक्षकों के सभी मांगों के लिए एक साझा मंच बनाकर सभी की सहमति से अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाएंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

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