धरम कौशिक ने कहा..व्यापारी की हत्या से आम जनता में भय..व्यवसायियों में आक्रोश..पीड़ित परिवार के लिए मांगा 1 करोड़ मुआवजा..बताया..प्रदेश का रूक गया विकास

बिलासपुर—प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। गृहमंत्री के गृहजिले ही सुरक्षित नहीं है। दिन दहाड़े व्यापारी की हत्या कर दिया जाना..यह जाहिर करता है कि अपराधियों के हौसले बहुत बुलन्द है। अमलेश्वर में सुरेन्द्र सोनी की हत्या हुई। परिवार सदमें है। व्यापारी डरे हुए हैं। हमारी मांग है कि सरकार पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवाज दे। साथ ही प्रदेश के व्यापारियों को सुरक्षा भी। क्योंकि आज अन्य प्रदेश के व्यापारी छत्तीसगढ़ में कारोबार करने से डरे हुए है। यह बातें भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कही। कौशिक ने बताया कि दुर्ग जिले में पिछले एक महीनों में तीन हत्याएं हो चुकी है। लेकिन गृहमंत्री ने अभी तक एक भी शब्द पीड़ित परिवार के सांत्वना में नहीं कहा है। उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। 

                              भाजपा कार्यालय में पूर्व विधानसभा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रेसवार्ता कर प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराने का आरोप लगाया है। धरमलाल कौशिक ने कहा कि पिछले एक महीने में दुर्ग जिले में ही तीन हत्याएं हो चुकी है। पिछले दिनों अम्लेश्वर में सोने चांदी के व्यापारी सुरेन्द्र सराफ की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी जाती है। जबकि यह क्षेत्र मुख्यमंत्री का है। क्षेत्र दुर्ग जिला में आता है। जिले से प्रदेश के पांच मंत्रियों का नाता है। समझा जा सकता है कि दिन दहाड़े व्यापारी को मार दिया जाता है। और पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी है।

            धरमलाल ने बताया कि पाटन मुख्यमत्री का विधानसभा क्षेत्र है। जब सीएम का क्षेत्र सुरक्षित नहीं है तो प्रदेश के अन्य जिलों की क्या स्थिति होगी। अपराधियों ने बिलासपुर में भी कछ महीने पहले गोली चलाकर व्यापारी से लूटपाट को अंजाम दिया है। मतलब प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है।

                          धरमलाल ने बताया कि पिछले कुछ सालों में प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ा है। अपराधियों के हौंसले बुलन्द है। पुलिस पूरी तरह से निष्क्रीय हो चुकी है। मनोबल भी गिरा है। नशे के कारोबार में इजाफा हुआ है। अपराधियों का सिस्टम से संरक्षण मिल रहा है। और वह बेखौफ होकर व्यापारी की हत्या कर देते हैं। अपहरण,हत्या,मानव तस्करी,लूटपाट में बृद्धि हुई है। एनसीबीआ रिपोर्ट से जाहिर होता है कि छत्तीसगढ़ ने अपराध में उत्तरप्रदेश बिहार दोनों को पीछे छोड़ दिया है। विकासकी गति रूक गयी है।

                 केन्द्र सरकार से छत्तीसगढ को हर प्लेटफार्म पर परमार्मेन्स के आधार पर सम्मानित कर रही है। फिर भी विकास रूकने का आरोप कितना तर्कसंगत है। धरमलाल कौशिक ने सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। हत्या के चन्द घटों के बाद अन्तर्राज्यीय अपराधियों को धर दबोचा है। बावजूद इसके पुलिस सिस्टम को फेल बताना कितना उचित है। धरमलाल ने सवाल पर प्रतिप्रश्न किया कि क्या हत्या सही है। पत्रकारों ने बताया कि हत्या किसी भी सूरत में उचित नहीं..लेकिन पुलिस कार्रवाई में किसी प्रकार की हीलाहवाली नहीं हुई है। धरमलाल ने बताया कि मैने गिरफ्तारी को लेकर कोई संदेह जाहिर नहीं किया है। लेकिन प्रदेश का वातावरण कुछ ऐसा हो गया है कि आम जनता डर सहमा हुआ है। व्यापारी जब रोजगार नहीं करेंगे तो प्रदेश का विकास कैसे होगा। हम दीपावली के बाद आंदोलन करेंगे। 

                       पत्रकारों के सवालों का जवाब भारतीय जनता पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजुकमार राठी ने भी दिया।

                      

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