क्यों किया जिला पंचायत में हंगामा…CEO ने दिया कार्रवाई का आश्वासन…ग्रामीणों ने किससे की थानेदार की शिकायत

IMG-20171215-WA0005 बिलासपुर— धूमा ग्रामवासियों ने सिरगिट्टी थाना प्रभारी पर अपराधियों के साथ मिली भगत का आरोप लगाया है। धूमावासियों ने पुलिस कप्तान से सिरगिट्टी थाना प्रभारी समेत सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्राम वासियों के साथ जनता कांग्रेस जिला प्रवक्ता विक्रांत तिवारी और गजेन्द्र श्रीवास्तव ने धूमा सरपंच और सचिव को हटाने की मांग को लेकर जिला पंचायत परिसर में धरना प्रदर्शन किया।

                       मालूम हो कि धूमावासियों ने सरपंच और सचिव पर ओडीएफ और प्रधानमंत्री आवास योजना में गुणवत्ताहीन काम करने का आरोप लगाया है।  ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिर गया। अतिरिक्त कलेक्टर से शिकायत के बाद भी दोषियों के खिलाफ आज तक कार्रवाई नहीं हुई। 13 दिसम्बर को ओडीएफ निरीक्षण करने शासन की टीम पहुंची। इसी दौरान सरपंच और सचिव ने ग्रामीणों के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया।  सरपंच और सचिव ने कहा कि शिकायत करने वालों को जान से मार दूंगा। मामले की लिखित शिकायत सिरगिट्टी थाने में भी की गयी। बावजूद इसके आरोपियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई।

                       ग्रामीणों और पीड़ितों के साथ जनता कांग्रेस नेता विक्रांत तिवारी और मणिशंकर पाण्डेय ने पुलिस कप्तान कार्यालय पहुंचकर बताया कि सिरगिट्टी थाना प्रभारी का आरोपियों से मिलीभगत है। लिखित शिकायत के बाद भी सरपंच, सचिव और मारपीट करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किया गया। थाना प्रभारी ने मातहतों को पावती देने से भी इंकार कर दिया।

जिला पंचायत में धरना और नारेबाजी

नाराज धूमावासियों के साथ जनता कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जिला पंचायत शिकायत करने पहुंचे। सीईओ से मिलने में हो रही देरी के बाद नाराज जनता कांग्रेस नेता विक्रांत तिवारी,मणिशंकर पाण्डेय और गजेन्द्र श्रीवास्तव ग्रामीणों के साथ जिला पंचायत परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान जनता कांग्रेस नेताओं ने सीईओ के खिलाफ नारेबाजी की। मणिशंकर, विक्रांत और गजेन्द्र ने बताया कि सरपंच और सचिव की दादागिरी बढ़ती जा रही है। ओडीएफ और आवास निर्माण में दोनों भारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं। छज्जा गिरने के बाद भी जिला पंचायत ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। ओडीएफ जांच में खाना पूर्ती कर सरपंच और सचिव को बचाया जा रहा है। विक्रांत ने कहा कि यही कारण है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनता से रूबरू नहीं होना नहीं चाहती हैं। इसलिए परिसर में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

सीईओ से मिले ग्रामीण..

               जनता कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों के हो हंगामा के बीच सीईओ फरिहा आलम सिद्धिकी ने सभी को अपने केबिन में बुलाया। मणिशंकर पाण्डेय और विक्रांत तिवारी,गणेश श्रीवास्तव समेत ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव का काला चिठ्ठा सीईओ के सामने रखा। छज्जा गिरने की जानकारी दी। ओडीएफ में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत की। बातचीत के दौरान जनता कांग्रेस नेता और ग्रामीणों ने बताया कि आवास और ओडीएफ निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से सरपंच और सचिव के हौंसले बुलंद हैं। ग्रामीणों के साथ मारपीट करते हैं। अब तो सरपंच और सचिव कहते फिर रहे हैं कि शिकायत के बाद भी मेरा कोई कुछ नहीं बिगा़ड सकता है। सब लोग मेरी मुठ्ठी में है। जो करना है कर लो। मेरे पास पैसा है।

सीईओ ने दिया आश्वासनIMG-20171215-WA0010

            नाराज ग्रामीणों और जनता कांग्रेस नेताओं से सीईओ ने मामले में जांच का आश्वासन दिया है। फरिहा ने कहा कि निर्माण कार्यों पर नजर है। कोई भी दोषी बच नहीं सकता। प्रधानमंत्री आवास और ओड़ीएफ की लगातार मानिटरिंग हो रही है। निर्माण कार्य में लापरवाही को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। निर्माण में हो रही किसी भी शिकायत का हम स्वागत करते हैं। जांच के बाद सच्चाई सामने आते ही दोषियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई होगी।

धरना प्रदर्शन का एलान

विक्रांत ने बताया कि हम लोगों को सीईओ से सकारात्मक आश्वासन मिला है। सीईओ ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। तिवारी ने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो सभी ग्रामवासी कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन के साथ भूख हड़ताल करेंगे।

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