हनी ट्रैप के मामले में फंसा डॉक्टर, ऐंठे 9 लाख रुपए

मध्य प्रदेश के देवास (Dewas) से हनीट्रैप (honey trap) का बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है जिसमें पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि निजी नर्सिंग होम संचालक फरियादी डॉक्टर पवन कुमार चिल्लोरिया ने जानकारी दी है कि मुझे हनी ट्रैप मामले में फंसाकर तीन लोगों ने 9 लाख रूपए ऐंठ लिए है जिसमें पहली आरोपी भीलवाड़ा निवासी एक महिला है वहीं दूसरा आरोपी देवास निवासी डॉक्टर संतोष दबाड़े है, और तीसरा आरोपी टोंकखुर्द निवासी डॉक्टर महेंद्र गाधोलिया है, इनके खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है। और पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

देवास SP डॉक्टर शिव दयाल सिंह ने बताया कि फरियादी डॉक्टर पवन कुमार चिल्लोरिया की शिकायत पर FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई, बताया जा रहा है कि डॉक्टर के साथ एक्सटॉर्शन किया गया जिसमें डॉक्टर से करीब ₹ 9 लाख ऐंठे गए हैं, फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपी बनाए गए है और मामले की जांच की जा रही है।

क्या होता है हनीट्रैप?
हनीट्रैप दरअसल जासूसी का एक तरीक होता है. खुफिया जानकारी इस्तेमाल करने के लिए हनीट्रैप का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें आमतौर पर खूबसूरत लड़कियों का इस्तेमाल कर किसी शख्स से राज उगलवाए जाते हैं। फोटो, वीडियो या फिर मैसेज के जरिए ब्लैकमेल किया जाता है। इसमें अक्सर लड़कियां टार्गेट शख्स को अपने हुस्न के जाल में फंसाकर उनसे किसी खास मुद्दे पर खुफिया जानकारी हासिल कर लेती हैं।

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