बड़ा हादसा टला: मैहर की पहाड़ी पर 40 मिनट तक हवा में लटकी रही 80 लोगों की सांसें, आंधी-बारिश ने श्रद्धालुओं को और डराया

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भीषण गर्मी के बीच आज कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश (Rain and Storm) से लोगों को राहत मिली, लेकिन दूसरी ओर कुछ लोगों के लिए आंधी और बारिश मुसीबत भी लेकर आई. बारिश और आंधी से राज्य के कई जिलों में लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ा. इसी वजह से सतना जिले में एक बड़ा हादसा होते होते रह गया. यहां बिजली कटने की वजह से मैहर की पहाड़ियों में बसे मशहूर शारदा माता मंदिर के रोपवे (Ropeway) में करीब आधे घंटे तक करीब 80 श्रद्धालु ऊपर ही फंसे रहे. इस घटना के पीछे रोपवे प्रबंधन की लापरवाही बताई जा रही है.

मंदिर के पहाड़ियों में होने की वजह से वहां तक श्रद्धालुओं के आने जाने के लिए रोपवे सुविधा है. लेकिन आज बिजली गुल होने की वजह से ट्रालियों को बीच में ही रोक दिया गया.आंधी के कारण काफी देर तक ट्राली हवा में लटकी रहीं और श्रद्धालु दहशत में रहे. बताया जा रहा है कि रोपवे में 80 से ज्यादा श्रद्धालु बैठे थे. इस घटना के लिए प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार बताया जा रहा है, क्योंकि ऑपरेशन को बीच में ही रोक दिया गया था.

28 ट्रॉलियों में फंसे थे करीब 80 श्रद्धालु

ये घटना दोपहर करीब तीन बजे की बताई जा रही है. जब बड़ी संख्या में लोगों के रोपवे में फंसे होने की सूचना प्रशासन को मिली, तो सबके हाथ पैर फूल गए. इसके बाद प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान तेज किया और रोपवे प्रबंधन ने किसी तरह ट्रॉलियों को धीरे-धीरे नीचे लाकर श्रद्धालुओं को उतारा. जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली. कहा जा रहा है कि 28 ट्रॉलियों में करीब 80 श्रद्धालु थे, जो तेज हवा की वजह से आसमान में ही झूलते रहे.

लोगों को याद आया देवघर रोपवे हादसा

बता दें कि इस घटना ने झारखंड के देवघर जिले में त्रिकूट हिल्स रोपवे हादसे की याद दिला दी. यहां दो ट्रालियों के आपस में टकराने के बाद बड़ा हादसा हो गया था. दो दिनों तक चले इस ऑपरेशन में तमाम कोशिशों के बावजूद कई जानें चली गईं थी. कठिन परिस्थिति के कारण फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित रूप से नहीं बचाया जा सका था.

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