आयुर्वेदिक कॉलेज के लिए जमीन मुहैया कराने कर्मचारी संघ ने कलेक्टर और संचालक आयुष को सौंपा ज्ञापन

Chief Editor
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 ज्ञात हो कि वर्ष 2012 से शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय बिलासपुर में संचालित है । उक्त संस्थान को जनसेवा में लगभग 09 वर्ष पूर्ण हो चुका है । किंतु अभी तक उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं होने व महाविद्यालय अनुरूप भूखण्ड आबंटित नहीं होने के कारण महाविद्यालय, कन्या छात्रावास, बालक छात्रावास किराये के भवन में संचालित है । साथ ही संस्थान में कार्यरत प्राध्यापक, रीडर,, व्याख्याता तथा कर्मचारियों के लिए कोई भी आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं है । जिसके कारण अत्यधिक परेशानी हो रही है। आयुर्वेद चिकित्सा का समुचित लाभ आम जनता को मिले एवं अधिकारी /कर्मचारियों को आवास सुविधा तथा छात्र – छात्राओं को सर्व सुविधा युक्त छात्रावास, अध्ययन, अध्यापन का समुचित व्यवस्था हो सके इस हेतु मंगला में पर्याप्त भूखंड रिक्त है । जिसमें नगरनिगम बिलासपुर द्वारा वर्तमान में कूड़ा- कचरा और मलबा डम्प किया जा रहा है। यही ज़मीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के लिए आबंटित कर मंगला क्षेत्र और उसके आसपास के लगभग 10-15 गांव के जनता को चिकित्सा का लाभ मिल सके।     छात्र – छात्राओं ,अधिकारी- कर्माचारियों और आम जनता के हित में शीघ्र भूखण्ड उपलब्ध कराने के लिए पी आर कौशिक जिला अध्यक्ष /वरिष्ठ उपप्रांताध्यक्ष चन्द्रशेखर पाण्डेय ,तहसील अध्यक्ष आर पी शर्मा, प्रांतीय अध्यक्ष प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ देवेन्द्र ठाकुर, दुखुराम श्रीवास तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ बिलासपुर ने अनुरोध किया है।

बिलासपुर । राज्य के दूसरा शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय को न्यायधानी में न्याय की आश में नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी उपयुक्त स्थान पर भूखण्ड उपलब्ध न  होने के कारण आयुर्वेद चिकित्सा सुविधा का विस्तार नहीं हो पा रहा है। साथ ही सर्व सुविधा युक्त छात्रावास और अधिकारियों कर्मचारियों को आवास सुविधा के साथ साथ छात्राओं के अध्यापन और आम मरीजों को शासन के कई योजनाओं से भवन के अभाव में वंचित हो रहे हैं। इस हेतु छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला शाखा बिलासपुर ने जनहित को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर और संचालक आयुष को ज्ञापन सौंपा गया है।   

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