EPFO: 6 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों के लिए ये है सबसे बड़ी खबर

रायपुर।अगर आप निजी क्षेत्र के कर्मचारी हैं तो यह खबर सिर्फ और सिर्फ आपके लिए ही है. दरअसल, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से ज्यादा ब्याज (Interest) की घोषणा हो सकती है. केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार (Santosh Gangwar) ने कहा है कि श्रम मंत्रालय 2018-19 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर 8.65 फीसदी की ब्याज दर को जल्द अधिसूचित करेगा. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय को इस ब्याज दर पर किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं है.

बता दें कि भविष्य निधि खाताधारकों के खाते में ब्याज का पैसा जमा करने के लिए श्रम मंत्रालय की अधिसूचना की जरूरत होती है. इसके बाद ही भविष्यनिधि के छह करोड़ से ज्यादा अंशधारकों को इसका फायदा होगा.

वित्त वर्ष 2017-18 के लिए तय की गई थी EPF जमा पर 8.55 फीसदी ब्याज दर
इसके अलावा, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस ब्याज दर पर भविष्य निधि कोष की निकासी के दावों का निपटान कर सकेंगे. फिलहाल भविष्य निधि निकासी दावों के तहत ईपीएफओ 2018-19 के लिए 8.55 फीसदी की दर से ब्याज का भुगतान कर रही है. EPF जमा पर 8.55 फीसदी की ब्याज दर वित्त वर्ष 2017-18 के लिए तय की गई थी. केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि वित्त मंत्रालय को 2018-19 के लिए ईपीएफ जमा पर 8.65 फीसदी ब्याज देने से कोई दिक्कत नहीं है. मुझे यकीन है कि जल्द इसे अधिसूचित कर दिया जाएगा.

इस बीच, निजी सुरक्षा उद्योग पर फिक्की की समिति के अध्यक्ष ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि अर्थव्यवस्था में मौजूदा सुस्ती के बीच निजी सुरक्षा क्षेत्र में वृद्धि और रोजगार सृजन जारी है. GST, वेतन संहिता, छोटी कंपनियों के लिए कर्ज पहुंच से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों से आश्वासन मिला है. ईपीएफओ की निर्णय लेने वाली संस्‍था केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने 2018-19 के लिए ईपीएफ पर ब्‍याज दर बढ़ाकर 8.65 फीसदी करने का निर्णय लिया था. EPF की ब्‍याज दर में तीन साल में यह पहली वृद्धि है.

वित्त वर्ष 2017-18 में ईपीएफ पर ब्‍याज की दर 8.55 फीसदी थी. ईपीएफओ ने 2016-17 में ब्‍याज दर को घटाकर 8.65 फीसदी किया था, जो कि 2015-16 में 8.8 फीसदी थी. अप्रैल में, वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने 2018-19 के लिए ईपीएफ पर 8.65 प्रतिशत का ब्याज देने के ईपीएफओ के फैसले पर अपनी सहमति दी थी.

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