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चिंतन शिविर के बीच कांग्रेस को झटका,पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी को कहा अलविदा

Sunil Jakhar: राजस्थान के उदयपुर में जारी चिंतन शिविर के बीच कांग्रेस को झटका लगा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने पार्टी से अलग होने का फैसला किया है.  उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी खटिया पर नजर आ रही है. गुड लक एंड गुड बाय टू कांग्रेस पार्टी. सुनील जाखड़ ने शनिवार को अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से लाइव होकर कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया. पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष ने कांग्रेस में जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर की जा रही राजनीति पर सवाल उठाए और आलकमान पर निशाना साधा.

सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में जो कांग्रेस के इंचार्ज थे उन्हें नोटिस न देकर हमें दिया. अगर मेरी वजह से पंजाब में सरकार नहीं बनी तो हमें निकला क्यों नहीं. उन्होंने आगे कहा कि नोटिस देकर मेरा क्या बिगाड़ लेंगे. चापलूसों के साथ रहना आपको मुबारक हो, लेकिन फैसले तो लीजिए.  सही हो या गलत हो ये तो समय ही बताएगा. सुनील जाखड़ ने ये ऐलान ऐसे वक्त किया जब उदयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर हो रहा है. यहां पर पार्टी के दिग्गज नेता जुटे हैं और आगे की रणनीति तय कर रहे हैं. 13 मई को शुरू हुआ ये शिविर तीन चलेगा. आज इसका दूसरा दिन है.

सुनील जाखड़ पार्टी विरोधी गतिविधियों के खिलाफ अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर पार्टी से नाराज थे. 68 वर्षीय नेता ने कहा कि दिल्ली में बैठे कांग्रेस नेताओं ने पंजाब में पार्टी को बर्बाद कर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस को एक गरीब बसपा के रूप में पेश करने का भी प्रयास किया गया था. उन्होंने भावनात्मक आक्रोश में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से कहा कि आप अपनी विचारधारा से मत हटिए.

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राहुल गांधी की तारीफ की 

राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए सुनील जाखड़ ने उन्हें एक अच्छा इंसान बताया और कहा कि वह पार्टी की बागडोर अपने हाथों में ले. सुनील जाखड़ ने राहुल गांधी को चापलूसों से खुद को दूर करने का आग्रह किया. उन्होंने गुड लक और अलविदा कांग्रेस कहते हुए अपनी बातें समाप्त की.

बता दें कि कांग्रेस ने हाल ही में सुनील जाखड़ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी.  उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया था. पंजाब कांग्रेस ने उन्हें 2 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड करने की सिफारिश की थी, जिस पर  सोनिया गांधी को फैसला लेना था. 

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