2 लाख से अधिक रूपयों की धोखाधड़ी ..ठग ने मंत्रालय में नौकरी लगाने का दिया झांसा..जाल में फंसे 2 बेरोजगार

बिलासपुर— पुलिस ने नौकरी के नाम पर बेरोजगारों को झांसा देकर रूपए ऐठने वाले आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी कमल सोनवाली दो बेरोजगारों ने अलग अलग समय पर लाखों रूपए लेकर मंत्रालय में नौोकरी लगाने का वादा किया था। शिकायत के बाद आरोपी को पुलिस ने अपराध दर्ज कर जेल भेज दिया है।

                  सिरगिट्टी थाना प्रभारी ने बताया कि प्रार्थी संजीव कर्माकर निवासी यदुनन्दनगर की शिकायत पर बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर ठगने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पकड़े गए आरोपी का नाम कमल सोनवानी पिता गांधीराम सोनवानी है। आरोपी मस्तूरी थाना क्षेत्र के डोडकी गांव का रहने वाला है।

                थाना प्रभारी फैजुल शाह होदा ने बताया कि प्रार्थी में अपनी शिकायत में बताया कि उसके पड़ोस में प्रहलाद नाम का व्यक्ति रहता है। प्रहलाद यादव से उसकी अच्छी जान पहचान है। एक दिन उसने बताया कि उसकी कमल सोनवानी उसका मित्र है। रूपए लेकर नौकरी लगवाता है।

                प्रार्थी ने अपनी शिकायत में जानकारी दी कि एक दिन प्रहलाद अपने मित्र जोईथा कुर्रे से मिलवाया। कुर्रे ने बताया कि वह कमल सोनवानी का ड्रायवर है। उसने यह भी जानकारी दी कि कमल सोनवानी रूपए लेकर अभी तक कई लोगों को नौकरी पर लगवा चुका है। यदि वह भी रूपया देगा तो कमल सोनवानी नौकरी पर लगवा देगा।

                 इसके बाद जोईथा कूर्रे ने कमल सोनवानी से व्यापार विहार में मुलाकात करवाया। बातचीत के दौरान कमल ने कहा कि नौकरी लगवाने के एवज में 70 हजार रूपए लेगा। बातचीत पक्की होने के बाद वह घर आ गया। दूसरे दिन कमल ने कहा कि रूपए के साथ दस्तावेज जमा करवा दो..मंत्रालय में ड्रायवर की मांग है। आलाधिकारियों से  बातचीत भी हो चुकी है। । इसके बाद उसने सत्तर हजार रूपए और दस्तावेज को जमा कर दिया। 

                    रूपए जमा करने के दूसरे दिन ड्रायवर जोईथा कुर्रे को दस हजार रूपए दिया। कुछ दिन बाद फरवरी में बजरंग हॉटल के पास कमल को 20 हजार रूपए दिए। इसके बाद उसने विधानसभा सचिवालय में ड्रायवर पद के लिए सलेक्शन सूची भेजा। सूची में उसका स्थान 9 वां था। इसके बाद उसने तिफरा बाजार में 40 हजार रूपए दिए। 

                       कुछ दिनों तक इंतजार करने के बाद भी उसका ज्वाइलिंग लेटर नही आया। समझने में देर नहीं लगी कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। फिर मैन आरोपी कमल से रूपए मांगा। उसने भरोसा दिलाया कि रूपए कहीं नहीं जाएँगे। इसके बाद उसने 6 फरवरी को पंजाब नैशनल बंक का तीस हजार रूपए का चेक भी दिया। इसके बाद समाचार पत्र से जानकारी मिली कि आरोपी कमल सोनवानी नौकरी लगाने के नाम पर धोखाध़ड़ी के आरोप में जेल भेजा गया है। 

            थाना प्रभारी ने बताया कि इस बात की जानकारी पीड़ित ने अपने परिचित अमित वर्मा को दी। क्योंकि डीसी अमित वर्मा कमल से परिचित थे। उन्होने भी बताया कि आरोपी ने उससे भी 3 सितम्बर 2020 को दो किश्त में नौकरी लगाने के नाम 70-70 हजार रूपए लिए हैं। और उसने पचास रूपए के स्टाम्प पर लिखकर दिया है कि रूपए घरेलु काम के लिए लिया है। इस प्रकार आरोपी ने दोनों को करीब दो लाख से अधिक रूपयों को फटका लगाया है।

               दोनों की शिकायत पर पुलिस ने कमल सोनवानी के खिलाफ अपराध दर्ज किया। पतासाजी के बाद आरोपी को धर दबोचा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने नौकरी के नाम पर ठगी की बात को कबूल किया। आरोपी को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमाण्ड पर जेल दाखिल कराया गया है।

              धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने में सिरगिट्टी थाना प्रभारी फैजुल शाह होदा के अलावा उप निरीक्षक अशोक दुबे, सहायक उप निरीक्षक शीतला प्रसाद त्रिपाठी, आरक्षक देवसहाय जायसवाल और दरस यादव का विशेष योगदान रहा।

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