प्रधान पाठक निलंबन के विरोध में गांधीगिरी..!शिक्षकों ने झाड़ू लगाकर की स्कूलों की सफाई

रायपुर।प्रधान पाठकों ने विद्यालय में लगाया झाड़ू टॉयलेट भी किया साफ।विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा के विवादित बयान और झाड़ू लगवाने के नाम पर प्रधान पाठक को निलंबित किए जाने के विरोध में आज प्रदेश भर के प्रधान पाठक एवं प्रभारी प्रधान पाठकों ने अपने विद्यालय में झाड़ू लगाया।
प्रधान पाठक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष सी.के. महिलांगे ने किया था अपील।प्रधान पाठक द्वारा पानी भरने का कोटा बीईओ ने दिया था विवादित बयान।

कोटा बीइओ द्वारा प्रधान पाठकों को पानी भरने और सफाई करने के विवादित बयान एवं झाड़ू लगवाने के नाम पर कोरिया जिले में प्रधान पाठक को निलंबित किए जाने के विरोध में आज प्रदेश भर के प्रधान पाठकों ने अपने विद्यालय में झाड़ू लगाया।
जहां एक तरफ कोरिया जिले में बच्चे द्वारा झाड़ू लगाने के कारण स्कूल के प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया गया है जिससे शिक्षकों में रोष है वहीं इसी बीच कोटा बीईओ द्वारा प्रधान पाठक द्वारा पानी भरने का विवादित बयान दे दिया गया।

इस बयान के बाद प्रधान पाठकों का गुस्सा भड़क गया है।बयान को लेकर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किया जा रहा है।इसी बीच प्रधान पाठक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष सी.के. महिलांगे ने बयान जारी करते हुए प्रदेश भर के प्रधान पाठकों एवं प्रभारी प्रधान पाठकों से अपील किया था कि आज याने 6 जुलाई को प्रदेश के सभी स्कूल में प्रधान पाठक एवं प्रभारी प्रधान पाठक सफाई करते हुए एवं पानी भरते हुए वीडियो बनाकर और फ़ोटो खींचकर सोशल मीडिया में प्रसारित करेंगे।संघ के आह्वान पर आज प्रदेशभर के प्रधान पाठकों ने अपने विद्यालयों में झाड़ू लगाकर साफ सफाई किया। यह एक सांकेतिक प्रदर्शन था जिसके द्वारा प्रधान पाठक अधिकारियों एवं सरकार को यह बता रहे थे कि प्रधान पाठक जैसे गरिमामय पद की छवि को किस प्रकार से धूमिल करने का प्रयास कुछ अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष सी के महिलांगे ने बताया कि प्रधान पाठक का पद गरिमामय पद है जिसकी गरिमा को बनाए रखना शासन की भी ज़िम्मेदारी है ऐसे में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोटा द्वारा दिया गया यह बयान कि प्रधानपाठक स्कूलों में पानी भरेंगे अनुचित और अमर्यादित है इससे प्रदेश भर के प्रधान पाठक आहत हुए हैं अपने इस बयान के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोटा को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।आज प्रदेश भर के प्रधान पाठकों ने अपने-अपने विद्यालय में गांधीगिरी करते हुए झाडू लगाया और पानी भरा है. इस तरह हमने प्रधान प्रधान पाठकों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले बयान का विरोध
किया है।

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